NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
देश ही नहीं विदेश के कारोबारियों को भी जीएसटी से घाटा, कहा अब नहीं आएंगे भारत
दिल्ली में हर साल इंटरनेशनल ट्रेड फेयर लगता है और इस बार इसमें भाग लेने आने आए कारोबारियों पर जीएसटी की तगड़ी मार पड़ी है।
सबरंग इंडिया
24 Nov 2017
trade fair and GST

आऩन-फानन में जीएसटी लागू करना देश की अर्थव्यवस्था को किस कदर नुकसान पहुंचा रहा है कि वह हर दिन सामने आ रहा है। दिल्ली में हर साल इंटरनेशनल ट्रेड फेयर लगता है और इस बार इसमें भाग लेने आने आए कारोबारियों पर जीएसटी की तगड़ी मार पड़ी है।

इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में तुर्की, श्रीलंका, अफगानिस्तान, थाईलैंड जैसे तमाम देशों के कारोबारी अपने सामानों की बिक्री और प्रदर्शनी के लिए आए हैं। लेकिन इस बार जीएसटी की ऊंची दरों की वजह से उनका धंधा मंदा है। इस फेयर में पिछले 19 साल से स्टॉल लगा रहे तुर्की के एक कारोबारी ने बताया कि जीएसटी  की वजह से उनकी बिक्री में 50 फीसदी की गिरावट आई है।

वह कहते हैं कि यही हाल रहा तो वह अगले साल ट्रेड फेयर में नहीं आएंगे। स्टॉल के लिए हमने साढ़े 19 लाख दिए हैं लेकिन हर दिन सिर्फ 20000 ही कमा पा रहे हैं। ऐसे में स्टॉल की कीमत नहीं निकाल पाएंगे। फिर कमाएंगे क्या।

 विदेशी कारोबारियों का कहना है कि उन पर दोहरी मार पड़ रही है। उन्हें स्टेट जीएसटी भी देना पड़ रहा है और इंटग्रेटेड जीएसटी भी। इस वजह से चीजें महंगी हो रही है और ग्राहक उन्हें नहीं खरीद रहा है। कालीन बेचने वाले अफगानिस्तान के एक कारोबारी ने कहा कि इस साल अब तक वह दो-तीन कालीन भी नहीं बेच पाए हैं।

शरजाह के एक कपड़ा व्यापारी ने बताया कि यह दूसरा साल है जब उन्हें घाटा हो रहा है। पिछले साल नोटबंदी की वजह से घा हुआ था और इस साल जीएसटी की मार पड़ी है। देश के अंदर  राज्यों से आए स्टॉल्स में भी बिक्री नहीं हो रही है। मिजोरम पेवेलियन में सेल्स गर्ल का काम रही एक युवती न बताया कि जीएसटी की वजह से बिक्री पर फर्क पड़ा है। ज्यादातर ग्राहक चाहते हैं कि बिल में जीएसटी न जोड़ा जाए। लेकिन हमें तो सरकार को जीएसटी देना है। बिक्री न होने से घाटा का सामना करना पड़ रहा है।

Courtesy: सबरंग इंडिया
Delhi Trade Fair
GST
modi sarkar

Related Stories

मोदी@8: भाजपा की 'कल्याण' और 'सेवा' की बात

कश्मीर: कम मांग और युवा पीढ़ी में कम रूचि के चलते लकड़ी पर नक्काशी के काम में गिरावट

‘जनता की भलाई’ के लिए पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंतर्गत क्यों नहीं लाते मोदीजी!

यूपी चुनावों को लेकर चूड़ी बनाने वालों में क्यों नहीं है उत्साह!

जीएसटी दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी के विरोध में दिल्ली के कपड़ा व्यापारियों ने की हड़ताल

कच्चे माल की कीमतों में भारी वृद्धि से एमएसएमई क्षेत्र प्रभावित, विरोध में उद्यमियों ने बंद किये शटर

मतदाता पहचान कार्ड, सूची को आधार से जोड़ने सहित चुनाव सुधार संबंधी विधेयक को लोकसभा की मंजूरी

लखीमपुर खीरी कांड: गृह राज्य मंत्री टेनी दिल्ली तलब

मंत्रिमंडल ने तीन कृषि क़ानून को निरस्त करने संबंधी विधेयक को मंज़ूरी दी

अक्टूबर में आये जीएसटी में उछाल को अर्थव्यवस्था में सुधार के तौर पर देखना अभी जल्दबाज़ी होगी


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखीमपुर मामला : आशीष मिश्रा को ज़मानत देने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फ़ैसले को उच्चतम न्यायालय ने किया खारिज
    18 Apr 2022
    मुख्य न्यायाधीश एन वी रमण और न्यायमूर्ति सूर्यकांत व न्यायमूर्ति हिमा कोहली की विशेष पीठ ने आरोपी को एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने को भी कहा। मिश्रा की जमानत रद्द करवाने के लिये दायर किसानों की…
  • बी. सिवरामन
    कर्नाटक में बदनाम हुई भाजपा की बोम्मई सरकार, क्या दक्षिण भारत होगा- “भाजपा मुक्त”
    18 Apr 2022
    भाजपा की मूल संस्था, आरएसएस ने जल्द ही समझ लिया है कि भ्रष्टाचार का कैंसर सभी भाजपा राज्य सरकारों में फैल रहा है। इसके प्रभाव से बचने के लिए ध्रुवीकरण की राजनीति को और अधिक टाइट किया जा रहा है। 
  • media
    सुहित के सेन
    डराये-धमकाये जा रहे मीडिया संगठन, लेकिन पलटकर लड़ने की ज़रूरत
    18 Apr 2022
    अगर मीडिया अपनी ज़मीन पर खड़ा रहे, तो भारत में लोकतंत्र का संकट कम विकट होगा, ख़ासकर जिस समय हुकूमत की तरफ़ से या उसके संरक्षण में पत्रकारों पर हमला किया जा रहा हो।
  • सत्यम् तिवारी
    हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 
    18 Apr 2022
    ऊना ज़िले के मुबारकपुर गाँव में हुई धर्म संसद में यति नरसिंहानंद ने की मुसलमानों की लक्षित हत्या की बात, रागिनी तिवारी ने खुद को कहा लेडी गोडसे और यह सब हुआ पुलिस की मौजूदगी में।
  • सत्यम् तिवारी
    रुड़की : हनुमान जयंती पर भड़की हिंसा, पुलिस ने मुस्लिम बहुल गांव में खड़े किए बुलडोज़र
    18 Apr 2022
    भगवानपुर के डाडा जलालपुर गांव में शोभायात्रा में मस्जिद के बाहर गाली भरे गाने चलाने के बाद हिंसा भड़की जिसके बाद पुलिस ने मुस्लिम समुदाय के 11 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया। मुसलमानों के शुद्धिकरण की बात…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License