NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
“देश काग़ज़ पर बना नक़्शा नहीं होता!” – सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
यदि तुम्हारे घर के 
एक कमरे में आग लगी हो 
तो क्या तुम 
दूसरे कमरे में सो सकते हो? 
यदि तुम्हारे घर के एक कमरे में 
लाशें सड़ रहीं हों 
तो क्या तुम 
दूसरे कमरे में प्रार्थना कर सकते हो? 
यदि हाँ 
तो मुझे तुम से 
कुछ नहीं कहना है। 
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
02 Sep 2019

यदि तुम्हारे घर के 
एक कमरे में आग लगी हो 
तो क्या तुम 
दूसरे कमरे में सो सकते हो? 
यदि तुम्हारे घर के एक कमरे में 
लाशें सड़ रहीं हों 
तो क्या तुम 
दूसरे कमरे में प्रार्थना कर सकते हो? 
यदि हाँ 
तो मुझे तुम से 
कुछ नहीं कहना है। 
  
देश काग़ज़ पर बना 
नक़्शा नहीं होता 
कि एक हिस्से के फट जाने पर 
बाक़ी हिस्से उसी तरह साबुत बने रहें 
और नदियां, पर्वत, शहर, गांव 
वैसे ही अपनी-अपनी जगह दिखें 
अनमने रहें। 
यदि तुम यह नहीं मानते 
तो मुझे तुम्हारे साथ 
नहीं रहना है। 
  
इस दुनिया में आदमी की जान से बड़ा 
कुछ भी नहीं है 
न ईश्वर 
न ज्ञान 
न चुनाव 
काग़ज़ पर लिखी कोई भी इबारत 
फाड़ी जा सकती है 
और ज़मीन की सात परतों के भीतर 
गाड़ी जा सकती है। 
  
जो विवेक 
खड़ा हो लाशों को टेक 
वह अंधा है 
जो शासन 
चल रहा हो बंदूक की नली से 
हत्यारों का धंधा है 
यदि तुम यह नहीं मानते 
तो मुझे 
अब एक क्षण भी 
तुम्हें नहीं सहना है। 
  
याद रखो 
एक बच्चे की हत्या 
एक औरत की मौत 
एक आदमी का 
गोलियों से चिथड़ा तन 
किसी शासन का ही नहीं 
सम्पूर्ण राष्ट्र का है पतन। 
  
ऐसा ख़ून बहकर 
धरती में जज़्ब नहीं होता 
आकाश में फहराते झंडों को 
काला करता है। 
जिस धरती पर 
फ़ौजी बूटों के निशान हों 
और उन पर 
लाशें गिर रही हों 
वह धरती 
यदि तुम्हारे ख़ून में 
आग बन कर नहीं दौड़ती 
तो समझ लो 
तुम बंजर हो गये हो- 
तुम्हें यहां सांस लेने तक का नहीं है अधिकार 
तुम्हारे लिए नहीं रहा अब यह संसार। 
  
आख़िरी बात 
बिल्कुल साफ़ 
किसी हत्यारे को 
कभी मत करो माफ़ 
चाहे हो वह तुम्हारा यार 
धर्म का ठेकेदार, 
चाहे लोकतंत्र का 
स्वनामधन्य पहरेदार।

Jammu and Kashmir
indian map
Kashmir

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम जॉब पैकेज में कोई सुरक्षित आवास, पदोन्नति नहीं 

यासीन मलिक को उम्रक़ैद : कश्मीरियों का अलगाव और बढ़ेगा

आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रक़ैद

क्यों अराजकता की ओर बढ़ता नज़र आ रहा है कश्मीर?


बाकी खबरें

  • प्रियंका शंकर
    रूस के साथ बढ़ते तनाव के बीच, नॉर्वे में नाटो का सैन्य अभ्यास कितना महत्वपूर्ण?
    19 Mar 2022
    हालांकि यूक्रेन में युद्ध जारी है, और नाटो ने नॉर्वे में बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है, जो अभ्यास ठंडे इलाके में नाटो सैनिकों के युद्ध कौशल और नॉर्वे के सैन्य सुदृढीकरण के प्रबंधन की जांच करने के…
  • हर्षवर्धन
    क्रांतिदूत अज़ीमुल्ला जिन्होंने 'मादरे वतन भारत की जय' का नारा बुलंद किया था
    19 Mar 2022
    अज़ीमुल्ला ख़ान की 1857 के विद्रोह में भूमिका मात्र सैन्य और राजनीतिक मामलों तक ही सिमित नहीं थी, वो उस विद्रोह के एक महत्वपूर्ण विचारक भी थे।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: महंगाई-बेरोजगारी पर भारी पड़ी ‘नमक पॉलिटिक्स’
    19 Mar 2022
    तारा को महंगाई परेशान कर रही है तो बेरोजगारी का दर्द भी सता रहा है। वह कहती हैं, "सिर्फ मुफ्त में मिलने वाले सरकारी नमक का हक अदा करने के लिए हमने भाजपा को वोट दिया है। सरकार हमें मुफ्त में चावल-दाल…
  • इंदिरा जयसिंह
    नारीवादी वकालत: स्वतंत्रता आंदोलन का दूसरा पहलू
    19 Mar 2022
    हो सकता है कि भारत में वकालत का पेशा एक ऐसी पितृसत्तात्मक संस्कृति में डूबा हुआ हो, जिसमें महिलाओं को बाहर रखा जाता है, लेकिन संवैधानिक अदालतें एक ऐसी जगह होने की गुंज़ाइश बनाती हैं, जहां क़ानून को…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्यप्रदेश विधानसभा निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित, उठे सवाल!
    19 Mar 2022
    मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित कर दिया गया। माकपा ने इसके लिए शिवराज सरकार के साथ ही नेता प्रतिपक्ष को भी जिम्मेदार ठहराया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License