एक मज़बूत राजनीतिक संदेश और भविष्य की सरकारों को चेतावनी देने के लिए दिल्ली के दिल कहे जाने वाले सेंट्रल दिल्ली में अलग –अलग क्षेत्र के मजदूर इकट्ठा हुए और कहा की मज़दूर-विरोधी नीतियों और उनके अधिकारों के हनन अब नही चलेगा ।
8-9 जनवरी की आम हड़ताल कई मायनो में ऐतिहासिक रही , इसमें 20 करोड़ से भी ज़्यादा मज़दूर-कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। ये आज़ाद भारत की दूसरी दो दिन की हड़ताल थी। 10 राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों के नेतृत्व में औद्योगिक श्रमिकों द्वारा द्वारा अवाहन किये गए आम हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को देश में गतिरोध बना रहा । एक मज़बूत राजनीतिक संदेश और भविष्य की सरकारों को चेतावनी देने के लिए दिल्ली के दिल कहे जाने वाले सेंट्रल दिल्ली में अलग –अलग क्षेत्र के मजदूर इकट्ठा हुए और कहा की मज़दूर-विरोधी नीतियों और उनके अधिकारों के हनन अब नही चलेगा ।
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