NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अर्थव्यवस्था
देश के सात प्रमुख शहरों में जुलाई-सितंबर में मकानों की बिक्री 18% घटी : एनारॉक
रीयल एस्टेट से जुड़ी सेवाएं देने वाली फर्म एनारॉक ने एक रपट में कहा है कि खरीदार मकान में निवेश करने को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं। देश के सात प्रमुख शहरों में जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान मकानों की बिक्री 18 प्रतिशत गिरकर 55,080 इकाई रही।
भाषा
30 Sep 2019
real state
image courtesy- financial express

देश के सात प्रमुख शहरों में जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान मकानों की बिक्री 18 प्रतिशत गिरकर 55,080 इकाई रही।रीयल एस्टेट से जुड़ी सेवाएं देने वाली फर्म एनारॉक ने एक रपट में कहा है कि खरीदार मकान में निवेश करने को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर, मुंबई महानगर क्षेत्र, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलूरू, पुणे और हैदराबाद- इन प्रमुख शहरों में पिछले साल इसी अवधि में 67,140 मकान बिके थे।

बेंगलूरू में गिरावट 35 प्रतिशत तक रही। एनारॉक ने अपनी रपट में कहा, "2019 की तीसरी तिमाही में करीब 55,080 इकाइयों की बिक्री हुई। यह 2019 की दुसरी तिमाही से 20 प्रतिशत और एक साल पहले की तीसरी तिमाही से 18 प्रतिशत कम है।"

फर्म ने कमजोर रुख के अलावा, ब्याज सहायता योजना पर प्रतिबंध और 'श्राद्ध' पक्ष को भी आवास बिक्री में गिरावट के लिए जिम्मेदार ठहराया। एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, "इस तिमाही में नए मकानों की आपूर्ति और मकानों की बिक्री में गिरावट की उम्मीद थी क्योंकि घर खरीदार और डेवलपर दोनों सतर्क हैं और जोखिम से बच रहे हैं।हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से किए गए उपायों से त्योहारी सीजन और उसके आगे आने वाली तिमाहियों में मकानों की मांग बढ़ेगी।''
    
बेंगलूरू में, मकान बिक्री में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। यहां आवास बिक्री 35 प्रतिशत गिरकर 10,500 इकाइयों पर रही। इसके बाद हैदराबाद में बिक्री 32 प्रतिशत घटकर 3,280 इकाई रही।कोलकाता में मकानों की बिक्री 27 प्रतिशत कम होकर 3,120 इकाइयों जबकि दिल्ली-एनसीआर में मांग 13 प्रतिशत घटकर 9,830 इकाइयों पर रह गई। 
     
इस साल जुलाई-सितंबर अवधि में चेन्नई में बिक्री 11 प्रतिशत गिरकर 2,620 इकाइयों, पुणे में 8 प्रतिशत गिरकर 8,550 इकाइयों और मुंबई महानगर क्षेत्र में मकान बिक्री 6 प्रतिशत गिरकर 17,180 इकाइयों पर रही। शीर्ष सात शहरों में नहीं बिके मकानों की संख्या 6.56 लाख इकाइयों पर रही। यह जून तिमाही के अंत में 6.66 लाख इकाइयों से थोड़ा कम है।
     

Real State
housing recession
housing sector mandi
housing sector slow down

Related Stories

आर्थिक मंदी : नोट कीजिए, किस सेक्टर में कितना नुकसान

गार्डेनिया गेटवे सोसायटी के लोगों को बैंक ने थमाया घर खाली करने का नोटिस


बाकी खबरें

  • Sudan
    पवन कुलकर्णी
    कड़ी कार्रवाई के बावजूद सूडान में सैन्य तख़्तापलट का विरोध जारी
    18 Jan 2022
    सुरक्षा बलों की ओर से बढ़ती हिंसा के बावजूद अमेरिका और उसके क्षेत्रीय और पश्चिमी सहयोगियों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र भी बातचीत का आह्वान करते रहे हैं। हालांकि, सड़कों पर "कोई बातचीत नहीं, कोई समझौता…
  • CSTO
    एम. के. भद्रकुमार
    कज़ाख़िस्तान में पूरा हुआ CSTO का मिशन 
    18 Jan 2022
    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बुधवार को क्रेमलिन में रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ कज़ाख़िस्तान मिशन के बारे में कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीट ऑर्गनाइजेशन की “वर्किंग मीटिंग” के बाद दी गई चेतावनी…
  • election rally
    रवि शंकर दुबे
    क्या सिर्फ़ विपक्षियों के लिए हैं कोरोना गाइडलाइन? बीजेपी के जुलूस चुनाव आयोग की नज़रो से दूर क्यों?
    18 Jan 2022
    कोरोना गाइडलाइंस के परवाह न करते हुए हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से प्रचार में जुटे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियों पर कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन बीजेपी के चुनावी जुलूसों पर अब भी कोई बड़ी…
  • Rohit vemula
    फ़र्रह शकेब
    स्मृति शेष: रोहित वेमूला की “संस्थागत हत्या” के 6 वर्ष बाद क्या कुछ बदला है
    18 Jan 2022
    दलित उत्पीड़न की घटनायें हमारे सामान्य जीवन में इतनी सामान्य हो गयी हैं कि हम और हमारी सामूहिक चेतना इसकी आदी हो चुकी है। लेकिन इन्हीं के दरमियान बीच-बीच में बज़ाहिर कुछ सामान्य सी घटनाओं के प्रतिरोध…
  • bank
    प्रभात पटनायक
    पूंजीवाद के अंतर्गत वित्तीय बाज़ारों के लिए बैंक का निजीकरण हितकर नहीं
    18 Jan 2022
    बैंकों का सरकारी स्वामित्व न केवल संस्थागत ऋण की व्यापक पहुंच प्रदान करता है बल्कि पूंजीवाद की वित्तीय प्रणाली की स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License