NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को जमींदोज किया मोदी सरकार ने : येचुरी
, ‘‘ये नाकामियां है, जिसकी जिम्मेदारी से मोदी सरकार बच नहीं सकती। मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था को मिट्टी में मिला दिया। जम्मू कश्मीर में आतंकी हमलों में 176 प्रतिशत का इजाफा हुआ, यद्यपि नोटबंदी का मकसद आतंकियों को वित्तीय मदद रोकना था। सीमा पर पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम का उल्लंघन करने के मामलों में 2014 से 100 फीसदी का इजाफा हुआ है।’’
भाषा
07 May 2019
Sitaram Yechury

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने मोदी सरकार के कार्यकाल में लिए गए फैसलों को देशहित के विपरीत बताते हुये दावा किया कि इससे देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा जमींदोज हो गयी है।

A litany of failures, which Modi can't escape: Modi govt has run the Economy into the ground. Terror attacks in J&K were up 176% even though the harebrained Notebandi was to cut off terror funding. Truce violations by Pakistan increased 100% since 2014 https://t.co/zWja0IypVt

— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) 7 मई 2019

येचुरी ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा, ‘‘ये नाकामियां है, जिसकी जिम्मेदारी से मोदी सरकार बच नहीं सकती। मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था को मिट्टी में मिला दिया। जम्मू कश्मीर में आतंकी हमलों में 176 प्रतिशत का इजाफा हुआ, यद्यपि नोटबंदी का मकसद आतंकियों को वित्तीय मदद रोकना था। सीमा पर पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम का उल्लंघन करने के मामलों में 2014 से 100 फीसदी का इजाफा हुआ है।’’

 

माकपा महासचिव ने कहा कि सरकार की इन नाकामियों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुंह नहीं मोड़ सकते।

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार में देश ने और भी बहुत कुछ खोया है। नौकरियों पर संकट गहराने से लोगों की क्रयशक्ति घटी है, सिवाय सरकार का संरक्षण प्राप्त सांठगांठ वाले उद्योगपतियों के, जिनके 2014 से अब तक कम से कम 5.5 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ किये गये।’’

Sitaram yechury
BJP
Narendra modi
Modi
Modi Govt
2019 आम चुनाव
General elections2019

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • आज का कार्टून
    आम आदमी जाए तो कहाँ जाए!
    05 May 2022
    महंगाई की मार भी गज़ब होती है। अगर महंगाई को नियंत्रित न किया जाए तो मार आम आदमी पर पड़ती है और अगर महंगाई को नियंत्रित करने की कोशिश की जाए तब भी मार आम आदमी पर पड़ती है।
  • एस एन साहू 
    श्रम मुद्दों पर भारतीय इतिहास और संविधान सभा के परिप्रेक्ष्य
    05 May 2022
    प्रगतिशील तरीके से श्रम मुद्दों को उठाने का भारत का रिकॉर्ड मई दिवस 1 मई,1891 को अंतरराष्ट्रीय श्रम दिवस के रूप में मनाए जाने की शुरूआत से पहले का है।
  • विजय विनीत
    मिड-डे मील में व्यवस्था के बाद कैंसर से जंग लड़ने वाले पूर्वांचल के जांबाज़ पत्रकार पवन जायसवाल के साथ 'उम्मीदों की मौत'
    05 May 2022
    जांबाज़ पत्रकार पवन जायसवाल की प्राण रक्षा के लिए न मोदी-योगी सरकार आगे आई और न ही नौकरशाही। नतीजा, पत्रकार पवन जायसवाल के मौत की चीख़ बनारस के एक निजी अस्पताल में गूंजी और आंसू बहकर सामने आई।
  • सुकुमार मुरलीधरन
    भारतीय मीडिया : बेड़ियों में जकड़ा और जासूसी का शिकार
    05 May 2022
    विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय मीडिया पर लागू किए जा रहे नागवार नये नियमों और ख़ासकर डिजिटल डोमेन में उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और अवसरों की एक जांच-पड़ताल।
  • ज़ाहिद ख़ान
    नौशाद : जिनके संगीत में मिट्टी की सुगंध और ज़िंदगी की शक्ल थी
    05 May 2022
    नौशाद, हिंदी सिनेमा के ऐसे जगमगाते सितारे हैं, जो अपने संगीत से आज भी दिलों को मुनव्वर करते हैं। नौशाद की पुण्यतिथि पर पेश है उनके जीवन और काम से जुड़ी बातें।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License