NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
डी राजा की राज्यसभा से विदाई, कहा- ‘‘कुछ काम अधूरे रह गए”
 “दलितों, पिछड़ों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आज भी भेदभाव का सामना करना पड़ता है जो नहीं होना चाहिए।”
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Jul 2019
D,Raja

एक नई ज़िम्मेदारी मिलने के साथ ही कम्युनिस्ट नेता डी राजा एक पुरानी ज़िम्मेदारी से मुक्त हो गए हैं। जी हां, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नये महासचिव बने डी राजा आज, बुधवार को राज्यसभा से विदा हो गए। राजा समेत पांच सदस्यों को उनका कार्यकाल पूरा होने पर बुधवार को राज्यसभा में विदायी दी गई।

डी राजा के अलावा चार अन्य सदस्य अन्नाद्रमुक के डॉ. वी मैत्रेयन और के आर अर्जुनन, आर लक्ष्मणन और टी रत्नावेल हैं।

सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और पांच सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि इन सभी सदस्यों ने उच्च सदन में होने वाली बहसों, चर्चा आदि में हिस्सा लिया और अपने राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि इन सदस्यों ने कमजोर वर्गों के हितों के लिए, उनके उत्थान के लिए हमेशा आवाज उठाई।

सभापति ने कहा कि इन सदस्यों ने सदन की गरिमा बढ़ाने तथा लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम योगदान दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये सदस्य उच्च सदन में मिले अपने अनुभव की मदद से लोगों के कल्याण के लिए काम करते रहेंगे।

उन्होंने सभी सदस्यों के दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए उन्हें आने वाले समय के लिए शुभकामनाएं दीं।

सदन के नेता थावरचंद गहलोत ने कहा कि भले ही उच्च सदन में पांचों सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो गया हो लेकिन वे जनता की सेवा करते रहेंगे। ‘‘मैं उनके बेहतर जीवन की कामना करता हूं। उन्होंने देश की सेवा के लिए खुद को समर्पित किया और देश के विकास के लिए काम किया।’’

सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने इन सभी सदस्यों के योगदान का जिक्र करते हुए उम्मीद जताई कि सदन में फिर उनकी वापसी होगी।

आजाद ने कहा ‘‘मैत्रेयन पेशे से डॉक्टर हैं। वह प्रतिष्ठित ओंकोलॉजिस्ट हैं और अच्छी कमाई कर सकते थे। लेकिन वह राजनीति में आए और राज्य के हितों की बात आने पर उनका जुझारूपन सदन ने देखा।’’

उन्होंने कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष हैं लेकिन उन्हें बोलने का मौका मुश्किल से ही मिल पाता है। ‘‘लेकिन राजा ऐसे नेता हैं जिन्होंने एक दिन में हर मुद्दे पर चार या पांच बार अपनी बात रखी। शून्यकाल से लेकर बैठक स्थगित होने तक उनकी बोलने की क्षमता के बारे में मैं नहीं जान पाया।’’

इस पर सभापति नायडू ने कहा ‘‘क्योंकि वह राजा हैं और आज से वह प्रजा के पास जा रहे हैं।’’

आजाद ने राजा को भाकपा का राष्ट्रीय महासचिव चुने जाने पर बधाई भी दी।

सभापति ने राजा की सराहना करते हुए कहा कि कल से उन्हें मुस्कुराता हुआ एक चेहरा नजर नहीं आएगा।

सेवानिवृत्त हो रहे सभी सदस्यों ने कहा कि उन्हें सदन की कमी महसूस होगी।

राजा ने कहा कि इस सदन में उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला और वह खासा अनुभव ले कर जा रहे हैं।

उन्होंने कहा ‘‘कुछ काम अधूरे रह गए हैं। दलितों, पिछड़ों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आज भी भेदभाव का सामना करना पड़ता है जो नहीं होना चाहिए।’’

राजा ने कहा ‘‘हम महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं लेकिन महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं हो पाया। आधी आबादी को बराबरी का दर्जा दिए बिना हम वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय भूमिका कैसे निभा पाएंगे?’’

अपने क्षेत्र के लोगों के लिए काम करते रहने की प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए राजा ने कहा कि ऐसे समाज का निर्माण होना चाहिए जिसमें समानता और सामाजिक न्याय हो।

माकपा के टी के रंगराजन ने कहा कि सदन में राजा ने जब भी किसी मुद्दे पर अपना पक्ष रखा, पूरे सदन ने बहुत ध्यान से सुना और उन्हें बोलने के लिए तीन मिनट से अधिक समय भी दिया जाता था।

राकांपा के माजिद मेनन, राजद के मनोज कुमार झा, बीजद के प्रसन्न आचार्य, तृणमूल कांग्रेस के मनीष गुप्ता, शिरोमणि अकाली दल के सुखदेव सिंह ढींढसा और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने भी अपने अपने दलों की ओर से सेवानिवृत्त हो रहे पांचों सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।

आपको बता दें कि अभी 21 जुलाई को ही डी राजा को भाकपा का महासचिव बनाया गया है। उन्होंने निवर्तमान महासचिव एस सुधाकर रेड्डी का स्थान लिया है। डी राजा भाकपा समेत भारत की कम्युनिस्ट पार्टियों के पहले ऐसे महासचिव हैं जो दलित समुदाय से आते हैं।

(भाषा के इनपुट के साथ)

 

D.Raja
CPI
Rajya Sabha Tenur
CPI General Secretary

Related Stories

दिल्ली: ''बुलडोज़र राजनीति'' के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरे वाम दल और नागरिक समाज

LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

कोलकाता : वामपंथी दलों ने जहांगीरपुरी में बुलडोज़र चलने और बढ़ती सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ निकाला मार्च

बिना अनुमति जुलूस और भड़काऊ नारों से भड़का दंगा

जहांगीरपुरी हिंसा: वाम दलों ने जारी की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट, पुलिस की भूमिका पर सवाल

अपने वर्चस्व को बनाए रखने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड’ की सवर्ण जातियां भाजपा के समर्थन में हैंः सीपीआई नेता समर भंडारी

भारतीय वामपंथियों ने क्यूबा के क्रांतिकारी फिदेल कास्त्रो की 5वीं पुण्यतिथि पर उनके जीवन को याद किया

बिहार शराब कांडः वाम दलों ने विरोध में निकाली रैलियां, किया नीतीश का पुतला दहन


बाकी खबरें

  • राजेंद्र शर्मा
    मुस्कुराहट वाला नफ़रती बोल, नफ़रती नहीं होता
    28 Mar 2022
    कटाक्ष: जरा सोचिए, नये इंडिया को ऐेसे किसी भी कदम की कितनी ज़रूरत थी, जो देश में खुशी बढ़ाए, देश के खुशी सूचकांक को ऊपर उठाए। जब से विश्व खुशी सूचकांक में भारत खिसक कर 136वें नंबर पर पहुंचा है।
  • लाल बहादुर सिंह
    "जनता और देश को बचाने" के संकल्प के साथ मज़दूर-वर्ग का यह लड़ाकू तेवर हमारे लोकतंत्र के लिए शुभ है
    28 Mar 2022
    इस ऐतिहासिक हड़ताल से यह भरोसा पैदा होता है कि लड़ाकू मज़दूर, किसानों तथा छात्र-नौजवानों के साथ मिलकर जनता के सच्चे प्रतिपक्ष का निर्माण करेंगे तथा कारपोरेट हिंदुत्व के राष्ट्रीय विनाश के अभियान पर…
  • शोला लवाल
    अफ़्रीकी देश अपनी मुद्रायें यूरोप से क्यों छपवाते हैं
    28 Mar 2022
    आज़ादी के दशकों बाद भी कम से कम 40 अफ़्रीकी देश यूके, फ़्रांस और जर्मनी में अपनी मुद्रा छपवाते हैं,यह स्थिति दरअस्ल उनकी आत्मनिर्भरता पर सवाल उठाती है। इस लेख में डीडब्ल्यू ने इसी बात की पड़ताल किया…
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,270 नए मामले, 31 मरीज़ों की मौत
    28 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.04 फ़ीसदी यानी 15 हज़ार 859 हो गयी है।
  • भाषा
    ऑस्कर में ‘ड्राइव माय कार’ को मिला सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फिल्म का पुरस्कार
    28 Mar 2022
    फिल्म को इससे पहले ‘गोल्डन ग्लोब’ और ‘बाफ्टा’ पुरस्कार में भी सम्मानित किया गया था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License