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भारत
राजनीति
डीएम के आश्वासन पर किसान सभा का महापड़ाव स्थगित
किसानों ने कहा है कि हम अपना आंदोलन खत्म नहीं बल्कि स्थगित कर रहे हैं। अगर सरकार ने हमारी मांग पूरी नहीं की तो हम जल्द ही इससे बड़ा अंदोलन करेंगे और चुनाव में भी नेताओं को मज़ा चखाएंगे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Mar 2019
AIKS

किसान सभा ने सीकर जिला कलेक्ट्रेट पर पिछले 15 दिन से जारी अपना महापड़ाव स्थगित कर दिया है। बुधवार को जिलाधिकारी चौथीराम मीणा खुद महापड़ाव स्थल पर पहुंचे और सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।

किसान पिछले काफी लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं|  सरकार की ओर से समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं करने के कारण पिछले 3 साल में राजस्थान में कई छोटे-बड़े अंदोलन हुए और किसानों ने दो बार बड़े आंदोलन किये | 

हर बार सरकार आंदोलन के दौरान सभी मांगे मान लेती है परन्तु बाद में मुकुर जाती है। यही वजह है कि इस बार किसानों ने कहा है कि हम अपना आंदोलन खत्म नहीं बल्कि स्थगित कर रहे हैं। अगर सरकार ने हमारी मांग पूरी नहीं की तो हम जल्द ही इससे बड़ा अंदोलन करेंगे। इसके साथ किसानों ने अपनी समस्या का हल न करने के लिए राज्य की कांग्रेस और केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार को जिम्मेदार ठहराया और आने वाले आम चुनावों में गाँव-गाँव जाकर इन पार्टियों के खिलाफ प्रचार करने का भी आह्वान किया।

किसानों की कई सारी मांगें थी जिनमें मुख्य मांगें इस प्रकार हैं-

1.  प्याज़ की सरकारी खरीद शुरू हो

2. रसीदपुरा में प्याज़ मंडी शुरू हो

3. सहकारी समिति में हुए भ्रष्टाचार की जांच हो

 4. किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी हो

5. जल्द से जल्द बेरोजगारी भत्ता दिया जाये

6. दूध का उचित मूल्य तय हो

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इन सभी को लेकर जिला कलेक्टर ने अधिकतर मांगों को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया और जल्द पूरा करने का वादा भी किया।उन्होंने कहा कि किसानों को बाजार हस्तक्षेप योजना के क्रम में केंद्र सरकार को भिजवाने की पत्रावली मुख्यमंत्री के पास होने की बात कही। और उम्मीद जताई की जल्द ही किसानों को उनके प्याज़ का उचित दाम मिल सकेगा |

मंडी की मांग को लेकर उन्होंने बताया कि उन्होंने कृषि विभाग के सचिव से बात की है। इसके अलावा जिला कलेक्टर चौथीराम मीणा ने संबोधन में कहा कि रसीदपुरा प्याज मंडी में दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को लेकर बैठक 20 व 21 को होगी। और 22  मार्च तक दुकाने आवंटित कर दी जाएंगी।

इसके अलावा सहकारी समितियों में घोटाले की जांच व लोन में फर्जीवाड़े को लेकर जांच का आश्वासन दिया। और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की भी बात कही।

इस आश्वासन के बाद पूर्व विधायक और किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड अमराराम ने किसानों का महापड़ाव स्थगित करने की घोषणा की। जिसके बाद सभी किसान जो 27 फरवरी से आंदोलन कर रहे थे वो सभी अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर अपने घर लौट गए।

इससे पहले अमराराम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार और केंद्र की मोदी सरकार ने वादा किया था की वो किसानों को लगत का डेढ़ गुना दाम देंगे लेकिन सच्चाई यह है कि लागत का डेढ गुना मूल्य तो दूर उनके खर्च की आधी कीमत भी नहीं मिल रही है। अमराराम ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री गहलोत को किसानों की चिंता नहीं है। अमराराम ने कहा कि आगामी चुनाव के दौरान नेता वोट लेने आएं तब उनसे हर किसान सवाल पूछे कि आप धरने के दौरान क्यों नहीं आए। किसान नेताओं ने कहा कि लोकसभा चुनाव में सबक सिखाएंगे और वोट मांगने आने वाले नेताओं का बहिष्कार करेंगे।

 

 

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