NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
डिजीटल इंडिया : दिल्ली के तीनों निगमों में ऑनलाइन आरटीआई फेल
लोगों कहना है कि नगर निगम जानबूझकर आम जनता को सूचना के अधिकार के तहत नगर निगम की जानकारी से दूर करना चाहता है।
मुकुंद झा
06 Feb 2019
MCD

 देश की राजधानी दिल्ली में ही तीनों नगर निगमों की वेबसाइटों पर सूचना का अधिकार लगभग पांच वर्षों से बंद है। अगर कोई वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आरटीआई दर्ज करने की कोशिश करता है, तो एक संदेश सामने आता है: "सॉफ्टवेयर के अपडेशन के कारण ऑनलाइन आरटीआई आवेदन जमा नही किया जा सकता अभी यह सेवा निलंबित है।"

mcd online.JPG

इसको लेकर कई लोगों कहना है कि नगर निगम जानबूझकर आम जनता को सूचना के अधिकार के तहत नगर निगम की जानकारी से दूर करना चाहता है। यही वजह है कि निगम ने ऑनलाइन आवेदन के विकल्प को ही खत्म कर दिया है।

नगर निगम में विपक्ष में कांग्रेस ने इस पूरे मामले को उठाते हुए कहा कि भाजपा शासित निगम हर महीने वेबसाइट रखरखाव पर मोटी रकम खर्च करती है लेकिन वो पिछले कई वर्षों से इस सुविधा को ठीक नहीं करा पाई है। यह तर्क समझ नहीं आ रहा है। यह बहुत ही गंभीर सवाल है और इसका जवाब निगम और भाजपा को देना पड़ेगा।

इस पूरे मामले में हमने कई निगम अधिकारियों से बात करने कि कोशिश कि लेकिन किसी से भी कोई उत्तर नहीं मिला, लेकिन अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में दक्षिण निगम निकाय के एक वरिष्ठ अधिकारी, जो तीनों एमसीडी के लिए आईटी से संबंधित कार्यों के लिए नोडल एजेंसी है, उन्होंने कहा: “हम विक्रेता के साथ कानूनी विवाद में हैं जो हमारे आईटी से संबंधित काम को संभालता है। यही कारण है कि यह कार्य नहीं कर रहा है, लेकिन इसे जल्द ही अपडेट कर दिया जाएगा।”

निगम के इस तर्क को को काटते हुए आरटीआई कार्यकर्ता मोहित गोयल ने कहा कि वे कंपनी के साथ विवाद पर पूरी तरह से सुविधा नहीं रोक सकते। "अगर पासपोर्ट कार्यालय के पास निजी कंपनी के साथ समस्याएं हैं जो उन्हें प्रौद्योगिकी के साथ मदद करती हैं, तो क्या वे पासपोर्ट जारी करना बंद कर देंगे, वह भी पांच साल तक?"

आपको यहाँ यह जानना जरूरी है कि आप सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई)- 2005 के अंतर्गत किसी लोक प्राधिकरण (सरकारी संगठन या सरकारी सहायता प्राप्त गैर सरकारी संगठनों) से सूचना प्राप्त कर सकते हैं। आरटीआई अधिनियम की धारा 4 के अनुसार, सरकार का यह कर्तव्य है कि वह सक्रिय रूप से सभी को महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराए।

 

आरटीआई आवेदन हस्तलिखित या टाइप कर भेजा जा सकता है। आवेदन अँग्रेजी, हिन्दी या अन्य प्रादेशिक भाषाओं में भेजा जा सकता है। इसके अलावा विभिन्न विभागों द्वारा ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

सार्वजनिक प्राधिकरण यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि सभी रिकॉर्ड जो कम्प्यूटरीकृत होने के लिए उपयुक्त हैं, संसाधनों की उपलब्धता के अनुसार उचित समय के भीतर विभिन्न प्रणालियों पर पूरे देश में एक नेटवर्क के माध्यम से उपलब्ध हों। ताकि इस तरह के रिकॉर्ड तक पहुंच आसान हो सके।

आरटीआई की धारा 4 में कहा गया है कि केंद्र और राज्य सरकारों को आवश्यक रूप से कम्प्यूटरीकरण और सूचना आयोग-स्तर से लेकर मंडल स्तर के सार्वजनिक प्राधिकरणों तक कनेक्टिविटी के लिए पर्याप्त वित्तीय आवंटन करना चाहिए ताकि आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।

इस पूरे मामले में भाजपा पूरी तरह से बचाव की मुद्रा में दिख रही है क्योंकि पिछले कई वर्षों से दिल्ली नगर निगम में उसका शासन है। भाजपा अपने बचाव में यही कह रही कि निगम की वेबसाइट को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाएगा परन्तु सवाल यह है कि अबतक इस ओर ध्यान क्यों नही दिया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश और दुनिया में डिजिटिल इंडिया का ढोल पीट रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी पार्टी द्वारा शासित नगर निगम मोदी के  डिजिटल इंडिया की पोल खोल रहे हैं।

भाजपा पर  निशाना साधते हुए, कांग्रेस के पार्षद अभिषेक दत्त  ने कहा, “जहाँ  पूरी दुनिया भ्रष्टाचार को कम करने के लिए नई तकनीक का प्रयोग करती है वहीं भाजपा शासन में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए सबसे बुनियादी उपकरण है वही पांच  साल से काम नहीं कर रहा है। क्या निगम आरटीआई के लिए कोई नए  सॉफ्टवेयर का आविष्कार कर रही है जो अभी तक नहीं कर पाई है? "

आगे उन्होंने कहा कि "यह कार्य जल्द किया जाए क्योंकि इससे अधिक से अधिक लोग आरटीआई दाखिल करेंगेऔर उनके भ्रष्ट सौदों को उजागर करेंगे।" 

 

 

 

 

MCD
digital india
RTI
online RTI
BJP
Indian National Congress
Corruption
Prevention of Corruption Act

बाकी खबरें

  • sever
    रवि शंकर दुबे
    यूपी: सफ़ाईकर्मियों की मौत का ज़िम्मेदार कौन? पिछले तीन साल में 54 मौतें
    06 Apr 2022
    आधुनिकता के इस दौर में, सख़्त क़ानून के बावजूद आज भी सीवर सफ़ाई के लिए एक मज़दूर ही सीवर में उतरता है। कई बार इसका ख़ामियाज़ा उसे अपनी मौत से चुकाना पड़ता है।
  • सोनिया यादव
    इतनी औरतों की जान लेने वाला दहेज, नर्सिंग की किताब में फायदेमंद कैसे हो सकता है?
    06 Apr 2022
    हमारे देश में दहेज लेना या देना कानूनन अपराध है, बावजूद इसके दहेज के लिए हिंसा के मामले हमारे देश में कम नहीं हैं। लालच में अंधे लोग कई बार शोषण-उत्पीड़न से आगे बढ़कर लड़की की जान तक ले लेते हैं।
  • पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    06 Apr 2022
    डीजल और पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के बाद ऑटो चालकों ने दो दिनों की हड़ताल शुरु कर दी है। वे बिहार सरकार से फिलहाल प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे हैं।
  • medicine
    ऋचा चिंतन
    दवा के दामों में वृद्धि लोगों को बुरी तरह आहत करेगी – दवा मूल्य निर्धारण एवं उत्पादन नीति को पुनर्निर्देशित करने की आवश्यता है
    06 Apr 2022
    आवश्यक दवाओं के अधिकतम मूल्य में 10.8% की वृद्धि आम लोगों पर प्रतिकूल असर डालेगी। कार्यकर्ताओं ने इन बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने और सार्वजनिक क्षेत्र के दवा उद्योग को सुदृढ़ बनाने और एक तर्कसंगत मूल्य…
  • wildfire
    स्टुअर्ट ब्राउन
    आईपीसीसी: 2030 तक दुनिया को उत्सर्जन को कम करना होगा
    06 Apr 2022
    संयुक्त राष्ट्र की नवीनतम जलवायु रिपोर्ट कहती है कि यदि​ ​हम​​ विनाशकारी ग्लोबल वार्मिंग को टालना चाहते हैं, तो हमें स्थायी रूप से कम कार्बन का उत्सर्जन करने वाले ऊर्जा-विकल्पों की तरफ तेजी से बढ़ना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License