NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
डीके शिवकुमार की गिरफ़्तारी के बाद कर्नाटक में प्रदर्शन
कर्नाटक के रमनगारा, चेन्नापट्टन और आसपास के कुछ अन्य शहरों से प्रदर्शन और सड़कों पर टायर जलाकर रास्ते रोकने का प्रयास करने की खबरें हैं। शिवकुमार के समर्थकों ने यहां बंद आहूत किया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 Sep 2019
डीके शिवकुमार

कर्नाटक में कांग्रेस के संकटमोचक माने जाने वाले नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री डीके शिवकुमार आज खुद संकट में हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम के बाद शिवकुमार का नंबर आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग)से जुड़े एक मामले में शिवकुमार को नयी दिल्ली में गिरफ्तार किया है, जिसके बाद से कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं।

राज्य के रमनगारा, चेन्नापट्टन और आसपास के कुछ अन्य शहरों से प्रदर्शन और सड़कों पर टायर जलाकर रास्ते रोकने का प्रयास करने की खबरें हैं। शिवकुमार के समर्थकों ने यहां बंद आहूत किया है।

शिवकुमार का विधानसभा क्षेत्र कनकपुरा रमनगारा जिले में आता है। एहतियात के तौर पर जिला प्रशासन ने बुधवार को स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी है।

कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी के बाद से कनकपुरा में कल, मंगलवार रात सरकारी बसों पर पथराव होने की भी सूचना है।

गौरतलब है कि शिवकुमार धन शोधन के मामले में चौथी बार मंगलवार को नयी दिल्ली स्थित ईडी के मुख्यालय में पेश हुए थे। वहीं पर एजेंसी ने उन्हें पीएमएलए के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया।

शिवकुमार की गिरफ्तारी की विपक्षी दलों ने जमकर आलोचना की है। पूर्व मुख्यमंत्रियों सिद्धरमैय्या और एचडी कुमारस्वामी का आरोप है कि भाजपा विपक्ष की आवाज दबाने के लिए केन्द्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है।

वहीं मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत खुशी होगी यदि पूर्व मंत्री शिवकुमार सभी आरोपों से बरी हो जाएं।

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और एचडी कुमारस्वामी ने भाजपा पर असहमति के स्वर को दबाने के लिए केन्द्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। 

वहीं, मुख्यमंत्री बी एस येदयुरप्पा ने कहा कि कानून अपना काम करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पूर्व मंत्री पर लगे आरोप गलत साबित हुए तो उन्हें सबसे ज्यादा प्रसन्नता होगी।

सिद्धरमैया ने शिवकुमार की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए ट्वीट किया,‘‘यह सिर्फ भाजपा सरकार की ढ़ांचागत विफलताओं से ध्यान भटकाने और असंतोष की आवाज़ को रोकने की कोशिश है। डीके शिवकुमार उनकी प्रतिशोध की राजनीति का शिकार हुए हैं।’’

वहीं, जद (एस) नेता कुमारस्वामी ने कहा कि ईडी ने कई दिनों तक पूछताछ के बाद शिवकुमार को गिरफ्तार करने के पीछे उनके सहयोग नहीं करने को कारण बताया है,यहां तक कि उन्हें गणेश चतुर्थी पर एक दिन की भी छूट नहीं दी गई। 

कांग्रेस और युवा कांग्रेस की कर्नाटक इकाई ने भी शिवकुमार की गिरफ्तारी की निंदा की और कहा कि वे अपने नेता के साथ हैं।

प्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट किया,‘‘जांच में पूरे सहयोग के बावजूद डी के शिवकुमार को ईडी द्वारा गिरफ्तार किया गया। यह राजनीतिक प्रतिशोध है और कांग्रेस के खिलाफ भाजपा का हथकंडा है।’’

ईडी अधिकारियों ने बताया कि लंबी पूछताछ के बाद उन्हें धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत है, इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

ईडी ने शिवकुमार, नयी दिल्ली में कर्नाटक भवन में कर्मचारी हनुमनथैया और अन्य के खिलाफ पिछले साल धनशोधन का मामला दर्ज किया था।

हालांकि शिवकुमार ने किसी भी गड़बड़ी से इनकार किया था और कहा था कि 2017 में राज्यसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के एक रिजार्ट में गुजरात कांग्रेस के विधायकों को सुरक्षित रूप से ठहराने में अहम भूमिका निभाने के लिए आयकर तलाशी ली गयी और बाद में ईडी ने कार्रवाई की। ऐसा आरोप था कि उस चुनाव के दौरान भाजपा इन विधायकों पर डोरे डाल रही थी।

सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने जब 2017 में गुजरात से राज्यसभा चुनाव लड़ा था तब शिवकुमार ने गुजरात कांग्रेस के 44 विधायकों को एकसाथ रखने के लिए उन्हें एक रिजार्ट में ठहराया था।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

DK shivkumar
Karnataka Politics
DK shivkumar arrest
protests against arrest
BJP
Congress
Amit Shah
Narendra modi

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • itihas ke panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    मलियाना नरसंहार के 35 साल, क्या मिल पाया पीड़ितों को इंसाफ?
    22 May 2022
    न्यूज़क्लिक की इस ख़ास पेशकश में वरिष्ठ पत्रकार नीलांजन मुखोपाध्याय ने पत्रकार और मेरठ दंगो को करीब से देख चुके कुर्बान अली से बात की | 35 साल पहले उत्तर प्रदेश में मेरठ के पास हुए बर्बर मलियाना-…
  • Modi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: मोदी और शी जिनपिंग के “निज़ी” रिश्तों से लेकर विदेशी कंपनियों के भारत छोड़ने तक
    22 May 2022
    हर बार की तरह इस हफ़्ते भी, इस सप्ताह की ज़रूरी ख़बरों को लेकर आए हैं लेखक अनिल जैन..
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : 'कल शब मौसम की पहली बारिश थी...'
    22 May 2022
    बदलते मौसम को उर्दू शायरी में कई तरीक़ों से ढाला गया है, ये मौसम कभी दोस्त है तो कभी दुश्मन। बदलते मौसम के बीच पढ़िये परवीन शाकिर की एक नज़्म और इदरीस बाबर की एक ग़ज़ल।
  • diwakar
    अनिल अंशुमन
    बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका
    22 May 2022
    बिहार के चर्चित क्रन्तिकारी किसान आन्दोलन की धरती कही जानेवाली भोजपुर की धरती से जुड़े आरा के युवा जन संस्कृतिकर्मी व आला दर्जे के प्रयोगधर्मी चित्रकार राकेश कुमार दिवाकर को एक जीवंत मिसाल माना जा…
  • उपेंद्र स्वामी
    ऑस्ट्रेलिया: नौ साल बाद लिबरल पार्टी सत्ता से बेदख़ल, लेबर नेता अल्बानीज होंगे नए प्रधानमंत्री
    22 May 2022
    ऑस्ट्रेलिया में नतीजों के गहरे निहितार्थ हैं। यह भी कि क्या अब पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन बन गए हैं चुनावी मुद्दे!
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License