NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली: आतिशी ने लगाया गौतम गंभीर पर आपत्तिजनक पर्चे बंटवाने का आरोप
आम आदमी पार्टी ने पूर्वी दिल्ली से बीजेपी प्रत्याशी गौतम गंभीर पर आतिशी को लेकर आपत्तिजनक पर्चे बंटवाने का आरोप लगाया है। इस मुद्दे पर हो रही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आतिशी रो पड़ीं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 May 2019
delhi eleaction

नई दिल्ली:आम आदमी पार्टी ने पूर्वी दिल्ली में बीजेपी पर एक आपत्तिजनक पर्चा बांटने का आरोप लगाया है। इस पर्चे में आम आदमी पार्टी (आप) की प्रत्याशी आतिशी को लेकर अपशब्दों की भरमार है। आप का कहना है कि ये पर्चे पूर्वी दिल्ली से बीजेपी के प्रत्याशी गौतम गंभीर ने बंटवाए हैं। इसी को लेकर आतिशी और मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आतिशी रो पड़ीं। 

आतिशी ने कहा, 'मेरा गंभीर जी से बस एक यही सवाल है कि अगर वो मेरे जैसी एक सशक्त महिला को हराने के लिए इतना गिर सकते तो सांसद बनने के बाद वो अपने क्षेत्र की महिलाओं को कैसे सुरक्षित करेंगे।'

"मेरा गंभीर जी से बस एक यही सवाल है के अगर वो मेरे जैसी एक सशक्त महिला को हराने के लिए इतना गिर सकते तो सांसद बनने के बाद वो अपने क्षेत्र की महिलाओं को कैसे सुरक्षित करेंगे।" - @AtishiAAP pic.twitter.com/SWAb1xyUfh

— AAP (@AamAadmiParty) 9 May 2019

उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा,'पंफलेट को पढ़ते हुए हमें शर्म आ रही है। जब गौतम गंभीर देश के लिए खेलते हुए चौके और छक्के मारते थे, तब हम तालियां बजाते थे। मगर हमने कभी सपने में नहीं सोचा था कि यह आदमी चुनाव जीतने के लिए इस स्तर तक जा सकता है।'

वहीं, अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि कभी कल्पना नहीं थी कि गौतम गंभीर इस स्तर तक गिर सकते हैं। अगर लोग ऐसी मानसिकता वालों को वोट देंगे तो फिर महिलाएं कैसे सुरक्षा की उम्मीद कर सकती हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा- आतिशी मजबूत रहो, मैं कल्पना कर सकता हूं कि यह तुम्हारे लिए कितना मुश्किल होगा। इन्हीं ताकतों के खिलाफ हमें लड़ना है।

 

Never imagined Gautam Gambhir to stoop so low. How can women expect safety if people wid such mentality are voted in?

Atishi, stay strong. I can imagine how difficult it must be for u. It is precisely this kind of forces we have to fight against. https://t.co/vcYObWNK6y

— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) 9 May 2019

हालांकि बीजेपी ने इन आरोपों से इनकार किया है। 

आपको बता दें कि आतिशी दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की सलाहकार रह चुकी हैं। बतौर सलाहकार काम करने के लिए वो दिल्ली सरकारी से एक रुपये प्रति माह सैलरी लेती थीं।
साथ ही वह आम आदमी पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति की सदस्य भी हैं। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में आए क्रांतिकारी बदलाव के पीछे आतिशी का हाथ माना जाता है। दावा है कि उनके ही सुझाव पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने आमूल-चूल परिवर्तन किया। आतिशी ने हैप्पीनेस करिकुलम की शुरुआत की। 

आतिशी की मां तृप्ता वाही और पिता विजय कुमार सिंह डीयू में प्रोफेसर थे। आतिशी ने स्कूल के समय में मार्क्स और लेनिन से बनने वाले शब्द 'मार्लेना' को अपने नाम के साथ जोड़ दिया था।   कई विवादों के बाद उन्होंने अपने नाम से 'मार्लेना' हटा दिया। हालांकि उनका कहना है कि यह उनका निजी फैसला है।

राजनीति में आने से पहले आतिशी आंध्र प्रदेश के ऋषि वैली स्कूल में इतिहास पढ़ाती थीं। उन्होंने कई एनजीओ के साथ भी काम किया हैं। गौरतलब है कि दिल्ली की सभी सात सीटों पर छठे चरण में 12 मई को मतदान होना है। 
 

Delhi
Arvind Kejriwal
Atishi
east delhi
bjp-congress-aap
AAP
gautam gambhir
General elections2019
2019 आम चुनाव

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

धनशोधन क़ानून के तहत ईडी ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

ख़बरों के आगे-पीछे: MCD के बाद क्या ख़त्म हो सकती है दिल्ली विधानसभा?

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप

हार्दिक पटेल का अगला राजनीतिक ठिकाना... भाजपा या AAP?

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई


बाकी खबरें

  • Ukraine
    स्टुअर्ट ब्राउन
    यूक्रेन: एक परमाणु संपन्न राज्य में युद्ध के खतरे
    03 Mar 2022
    यूक्रेन के ऊपर रूस के आक्रमण से परमाणु युद्ध का खतरा वास्तविक बन गया है। लेकिन क्या होगा यदि देश के 15 परमाणु उर्जा रिएक्टरों में से एक भी यदि गोलीबारी की चपेट में आ जाए?
  • banaras
    विजय विनीत
    यूपी का रणः मोदी के खिलाफ बगावत पर उतरे बनारस के अधिवक्ता, किसानों ने भी खोल दिया मोर्चा
    03 Mar 2022
    बनारस में ऐन चुनाव के वक्त पर मोदी के खिलाफ आंदोलन खड़ा होना भाजपा के लिए शुभ संकेत नहीं है। इसके तात्कालिक और दीर्घकालिक नतीजे देखने को मिल सकते हैं। तात्कालिक तो यह कि भाजपा के खिलाफ मतदान को बल…
  • Varanasi District
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव : बनारस की मशहूर और अनोखी पीतल पिचकारी का कारोबार पड़ रहा है फीका
    03 Mar 2022
    बढ़ती लागत और कारीगरों की घटती संख्या के कारण पिचकारी बनाने की पारंपरिक कला मर रही है, जिसके चलते यह छोटा उद्योग ज़िंदा रहने के लिए संघर्ष रहा है।
  • migrants
    एपी
    एक सप्ताह में 10 लाख लोगों ने किया यूक्रेन से पलायन: संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी
    03 Mar 2022
    संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग (यूएनएचसीआर) के आंकड़ों के अनुसार, पलायन करने वाले लोगों की संख्या यूक्रेन की आबादी के दो प्रतिशत से अधिक है। विश्व बैंक के अनुसार 2020 के अंत में यूक्रेन की आबादी…
  • medical student
    एम.ओबैद
    सीटों की कमी और मोटी फीस के कारण मेडिकल की पढ़ाई के लिए विदेश जाते हैं छात्र !
    03 Mar 2022
    विशेषज्ञों की मानें तो विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए जाने की दो मुख्य वजहें हैं। पहली वजह है यहां के सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में सीटों की संख्या में कमी और दूसरी वजह है प्राइवेट कॉलेजों…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License