NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली: डीटीसी कर्मचारियों ने केजरीवाल के जन्मदिन पर शोक दिवस मनाया
कर्मचारियों ने कहा कि 16 अगस्त माननीय मुख्यमंत्री अरविंद जी के लिए ख़ुशी का होगा परन्तु उनके लिए शोक का दिन है, क्योंकि मुख्यमंत्री अपना वायदा पूरा नहीं कर रहे हैI
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Aug 2018
DTC bus
Image Courtesy : India.com

दिल्ली की जीवन रेखा कही जाने वाले दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (डीटीसी) यानी परिवहन विभाग के सैंकड़ों कर्मचारी धरने पर बैठे थेI इस धरने में अधिकांश वे लोग थे जिनके परिवार का कोई सदस्य डीटीसी में काम करता था और काम के दौरान ही उनकी मृत्यु हो गई थी और उनकी मृत्यु के बाद ये नौकरी के दावेदार हैंI परन्तु यह भी कटु सत्य है कि सालों बीत जाने के बाद भी सरकार ने इन्हें अब तक कोई नौकरी नहीं दी हैI इनमें कई लोग ऐसे भी थे जिन्हें 10 से 20 साल से नौकरी की उम्मीद है और इन्हें सरकारों से बार-बार सिर्फ आश्वसन ही मिला, नौकरी नहींI

मुंडन करा के कर्मचारियों ने विरोध जताया

कल डीटीसी के कर्मचारियों ने एक नए तरीके से विरोध प्रदर्शन किया इस उम्मीद में कि सरकार की नज़र उन पर पड़ेI कल मुख्यमंत्री केजरीवाल के जन्मदिन को शोक दिवस के रूप में मनाते हुए सैंकड़ों प्रार्थियों ने अपना मुंडन करवायाI कर्मचारियों ने कहा कि आज का दिन माननीय मुख्यमंत्री अरविंद जी के लिए ख़ुशी का होगा परन्तु उनके लिए शोक का दिन है क्योंकि मुख्यमंत्री अपना वायदा पूरा नहीं कर रहेI

डीटीसी कर्मियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं के बारे बताया जिन्हें लेकर कर्मचारी यूनियन समय-समय पर संघर्ष करता रहता हैI उनकी मुख्य माँगे निम्नलिखित हैं –

  • सभी अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई किया जाएI
  • जिन लोगों की मौत काम के दौरान हुई है उनके परिजनों को जल्द-से-जल्द पक्की नौकरी दी जाएI
  • अस्थाई कर्मचारियों को रोज़ाना काम मिले, क्योंकि जितने लोग सुबह बस डिपो जाते हैं उनमें से आधे से ज़्यादा को खाली हाथ ही लौटना पड़ता हैI
  • चालक और सहसंचालक की सुरक्षा सुनिचित की जाएI
  • समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाएI
  • सभी कर्मचारीयों की हाज़िरी बायोमेट्रिक तरीके से हो और साथ ही उसका डाटा ठीक से रखा जाएI अभी बायोमेट्रिक मशीन तो है लेकिन हाज़िरी ऐसे ही कॉपी में लगायी जाती हैI
  • कर्मचारियों के प्रमोशन की व्यवस्था की जाएI अभी 90% कर्मचारी जिस पद पर नियुक्त होते हैं, उसी पर से रिटायर होता हैI प्रमोशन किस आधार पर होता है उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिएI
  • डीटीसी का किसी भी प्रकार से निजीकरण न किया जाएI

डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर के उप-महासचिव अमित, जो खुद भी डीटीसी में कार्यरत हैं, उन्होंने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि, “डीटीसी कर्मचारियों को हर सरकार ने केवल धोखा दिया हैI सभी चुनाव से पहले वे आश्वसन देते हैं कि हमारी समस्या हल करेंगे, परन्तु चुनाव के बाद हमारी माँगों को कूड़े के डब्बे में डाल दिया जाता है”I

वे आगे कहते हैं कि, “डीटीसी के आस्थाई कर्मचारियों की हालत इतने खराब है कि उसे ये भी पता नहीं होता है कि आज उसे कम मिलेगा या नहींI” उन्होंने बताया कि अगर एक डिपो में 300 कर्मचारी आते हैं तो केवल 100 लोगों को ही काम मिलता है, और 200 लोगों को वैसे ही वापस भेज दिया जाता हैI

फिर अमित कहते हैं कि, “जिन लोगों ने कल मुंडन करवाकर विरोध किया था, इनके परिवार के लोगों की मौत काम के दौरान हुई है इसलिए उनके परिजनों को क़ानूनी रूप से स्थाई नौकरी देने का प्रवाधान हैI लेकिन अब तक किसी भी सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया है”I

इनमें से कई परिवार ऐसे हैं जिनमें मृतक परिवार का एकलौता कमाने वाला सदस्य थाI परिवार दर-दर की ठोकर खा रहे हैं, लेकिन कोई उनकी बात सुन नहीं रहाI

अमित ने दिल्ली सरकार पर एक गंभीर आरोप लगाते बताया कि वर्तमान केजरीवाल सरकार जो खुद को बहुत ही कर्मचारी हितैषी बता रही है, लेकीन सच्चाई कुछ और हैI ये भी पिछली सरकरों की तरह ही डीटीसी का निजीकरण करना चाहती हैI इसके लिए वो पीछे के दरवाज़े से काम कर रही है, लगातार डीटीसी की अपनी बसों को काम कर रही हैI

उन्होंने कहा कि, “दिल्ली सरकार डीटीसी की नई बसें खरीदने की जगह निजी बसों को किराये पर लेने का विचार कर रही है जो दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को ध्वस्त करने की एक साज़िश है”I

DTC बसें
DTC
Arvind Kejriwal
delhi govt
DTC workers

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

ख़बरों के आगे-पीछे: MCD के बाद क्या ख़त्म हो सकती है दिल्ली विधानसभा?

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप

मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?

ख़बरों के आगे-पीछे: राष्ट्रपति के नाम पर चर्चा से लेकर ख़ाली होते विदेशी मुद्रा भंडार तक

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

पंजाब पुलिस ने भाजपा नेता तेजिंदर पाल बग्गा को गिरफ़्तार किया, हरियाणा में रोका गया क़ाफ़िला

निचले तबकों को समर्थन देने वाली वामपंथी एकजुटता ही भारत के मुस्लिमों की मदद कर सकती है


बाकी खबरें

  • एम. के. भद्रकुमार
    भारत को अब क्वाड छोड़ देना चाहिए! 
    15 Mar 2022
    राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन के बयान में अमेरिका के बढ़ते खतरे का भारत की रक्षा क्षमताओं और उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर महत्त्वपूर्ण असर पड़ेगा। 
  • Kashmir press club
    राज कुमार
    जम्मू-कश्मीर में मीडिया का गला घोंट रही सरकार : प्रेस काउंसिल
    15 Mar 2022
    ग़ौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने सितंबर 2021 में प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया को एक पत्र लिखा था और मांग की थी कि काउंसिल एक फ़ैक्ट फ़ाइंडिंग टीम भेजकर जम्मू-कश्मीर में…
  • Jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: हेमंत सरकार ने आदिवासी समूहों की मानी मांग, केंद्र के ‘ड्रोन सर्वे’ कार्यक्रम पर लगाईं रोक
    15 Mar 2022
    ‘ड्रोन सर्वे’ और ‘ज़मीन की डिजिटल मैपिंग’ कार्यक्रम के खिलाफ आवाज़ उठा रहे सभी आदिवासी संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
  • अजय कुमार
    रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध का भारत के आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
    15 Mar 2022
    आर्थिक जानकारों का कहना है कि सरकार चाहे तो कच्चे तेल की वजह से बढ़े हुए ख़र्च का भार ख़ुद सहन कर सकती है।
  • रौनक छाबड़ा
    ईपीएफओ ब्याज दर 4-दशक के सबसे निचले स्तर पर, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने आम हड़ताल से पहले खोला मोर्चा 
    15 Mar 2022
    ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने शनिवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अपनी मौजूदा ब्याज दर को 8.5% से घटाकर 8.1% करने की सिफारिश की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License