NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली: दिव्यंगो को मिलने वाले बूथों का गोरखधंधा काफी लंम्बे समय से जारी
शरीरिक रूप से अक्षम होने के बाद भी उनके हौसले को अगर सरकार से थोड़ी सहयता मिले तो किसी और के मदद के मोहताज़ नही रहेंगे परन्तु बूथ माफिया ने इनके हैसले की उड़ान को बिच में ही रोक दी हैं
मुकुंद झा
01 Sep 2018
बूथ घोटाला

बीते कई वर्षों से दिल्ली की तीस हजारी न्यायालय में अपने बूथ के लिए संघर्ष कर रहे , दिव्यांग जंग बहादुर  के शिकायत और व्यवस्था से लंबे संघर्ष के बाद कल दिल्ली के एक सत्र न्यायालय ने गिरफ्तार बूथ माफिया और केस के आरोपी नंदलाल आहूजा को तिहाड़ जेल भेजा |

दिल्ली में दिव्यंगो को मिलने वाले बूथों का गोरख धंधा काफी दिनों से चाल रहा है ये पूरा खेल निगम के अधिकारी और नेताओ और बूथ माफियाओं की मिलीभगत से चल रहा है | दिल्ली नगर निगम 2004 में  दिव्यंगो के लिए एक योजना लेकर आई थी | जिसके अंतर्गत दिव्यंगों को सड़क के किनारे पीसीओ बूथ आंवटित किये जाने थे |इन बूथों में केबल लोगो के फोन करने की और पानी के बेचने की इजाजत दी गई थी परन्तु समय के साथ – साथ इसके स्वरूप में भी बदलाब आया हैं | आज इन बूथों में हर तरह के सामान बिकते है |

इन बूथों की कीमत बहुत है क्योंकि अधिकतर ये बाजार के आस-पास है यही करण है कि इन माफियाओ की नजर इन बूथों पर पड़ी और यही से शुरू होती दिवयांगो को आवंटित होने वाले  बूथों के घोटाले की कहानी  और इसमें निगम के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं | ऐसा इसलिए बिना अधिकारियो के संलिप्त के ये घोटाला नही हो सकता है |

 ये एक पूरा गिरोह है जिसमे नेता अधिकारी और कर्मचारी शामिल है इनका पुरे दिल्ली में एक बहुत बड़ा जाल है | जिसके तहत ही ये दिवयांगो के हिस्से के बूथ सामान्य व्यक्तियों को आवंटित ही नही किया जाता हैं बल्कि बूथ को दुकान की शक्ल दे दी गई है उसमें कपड़े से लेकर बैग व कई अन्य वस्तु को बेचा जाता हैं | एक तरफ़ ये गोरखधंधा चला रहा वही दूसरी तरफ दिव्यंगो की एक लंबी कतार है जो बूथ पाने की लिए उम्मीद लगे हुए हैं  |

 ऐसे ही एक दिव्यंग मुकेश की कहानी को एक पत्रिका ने छापी जो काफी दर्दनाक है | मुकेश ने अपने साक्षात्कार में बतया कि 6 महीने की छोटी उम्र में ही  एक सरकारी अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों की लापरवाही ने  जीवन भर के लिए पैरों से अपाहिज कर दिया  था। लेकिन उसके   ज़िंदगी के प्रति साकारात्मक रवैये के कारण मुकेश ने खुशहाल जीवन जीने  की ठान ली थी ।

मुकेश की कहनी को हम 2004 से से देख सकते है जब सरकार ने दिवयांगो को एक प्रकार से आर्थिक रूप से सक्षम करने के प्रयास के तौर पर एक योजना बनाई | मुकेश बताते है की योजना के अनुसार  दिल्ली के अंदर सरकार द्वारा दिव्यंगो को 4गुने 6 की जमीन दी जाती है ताकि वो  आत्मनिर्भर बन सकें | इसमें कुछ कागज़ी करवाई के बाद ड्रॉ के माध्यम से बरी बरी से सबको दुकान दिया जता था | उस अपने इंटरव्यू में मुकेश ने कहा कि उसे पहलेसे ही सरकारी तन्त्र पर विश्वास नही था परन्तु 2004 में उन्होंने जब अपना स्वंय का व्यवसाय शुरू करने की सोची, तो उन्हें लगा कि क्यों न एक बार फिर इस सरकारी तंत्र पर भरोसा कर लिया जाए। यही सोचकर उन्होंने अपना पंजीकरण करवा लिया और उम्मीद में थे की उन्हें कही न कही बूथ मिल जाएगा लेकिन उन्हें बूथ तो नही मिला परन्तु सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगते लगते उनके शारीरिक अक्षमता और बढ़ गई | पहले जहां वे सिर्फ कमर के नीचे से लाचार थे अब वे अपने मुंह, जबड़े और चेहरे से भी लाचार हो गए। लंबे इलाज के बाद उनका चेहरा कुछ हद तक सही हुआ पर अब भी वे पहले की तरह पूरा मुंह नहीं खोल सकते। इन सबके बाद भी उन्हें वो बूथ नही मिला जिसके लिए वो संघर्ष कर रहे थे |

पूरा मशला

ये जो पूरा मशला है दिल्ली में बहुत पहले से चल रहा था परन्तु  पांच वर्ष पहले 2013 में एक मिडिया चैनल के माध्यम से ये पुरे गोरखधंधे का खुलासा हुआ  जिसके बाद ही शिकायतकर्ता जंग बहादुर को पता चला था कि करोलबाग के भगवती मार्केट स्थित उनको  एमसीडी से बूथ एलॉट किया गया, बूथ माफियाओं ने धोखाधड़ी करके हथिया लिया था | अदालती कार्रवाई के बाद बूथ माफिया विष्णु भाग गया, लेकिन जंग बहादुर को उम्मीद थी  है कि उनका बूथ उन्हें जल्द ही मिल जाएगा |

ये जो शिकयात करनेवाले जंग बहादुर के साथ ही मिडिया पर खबर देखकर जंग बहादुर समेत कई और एलॉटी सामने आए जिनके बूथ को हथिया लिया गया थे

सिर्फ यही नही दिव्यंगों के लिए बने दर्जनों पीसीओ बूथ को हथियाकर बूथ माफिया मालामाल हो गए | करोलबाग इलाके में साल 2009 से 2011 के बीच दिव्यंगो लिए बने करीब 16 पीसीओ बूथ हथिया लिये थे, इस घोटाले को 'विकलांग बूथ घोटाला' कहा गया था | इसमें से अधिकतर एक ही आदमी के नाम और पते पर आवंटित किया गया था |

ये जो गिरफ्तारी हुई है परन्तु ऐसा नही लगता है कि इस गोरखधंधे में कोई कमी आयेगी क्योकिं इन सब खुलासो के बाद आज भी पैसे  लेकर लोगो को बूथ आवंटित हो रहे है और ये किसी भी निगम कर्मी से छुपी नही हैं |

                                       

दिल्ली
दिल्ली नगर निगम
दिव्यांग
विकलांग बूथ घोटला

Related Stories

रेलवे भर्ती से नाराज़ विकलांग बोले- 'सरकार हमें नाम नहीं काम दे'

जंतर मंतर - सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी द्वारा धरना-प्रदर्शन पर लगी रोक हटाई

दिल्ली के मज़दूरों की एक दिवसीय हड़ताल

क्या भाजपा हेडक्वार्टर की वजह से जलमग्न हो रहा है मिंटो रोड?

दिल्ली का दमकल

दिल्ली: 20 जुलाई को 20 लाख मज़दूर हड़ताल पर जायेंगे

दिल्ली में पानी संकट चरम पर, सरकार को समय पर कदम उठाने चाहिए

दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य की माँग पर जनता की राय

दिल्ली में कक्षा 12वीं तक ईडब्ल्यूएस छात्र शिक्षा ले सकतें है?

दिल्ली:भू-जल का गिरता स्तर चिंता का कारण है


बाकी खबरें

  • Lenin
    अनीश अंकुर
    लेनिन: ‘‘कल बहुत जल्दी होता... और कल बहुत देर हो चुकी होगी... समय है आज’’
    22 Apr 2022
    लेनिन के जन्म की 152वीं सालगिरह पर पुनर्प्रकाशित: कहा जाता है कि सत्रहवी शताब्दी की अंग्रेज़ क्रांति क्रामवेल के बगैर, अठारहवीं सदी की फ्रांसीसी क्रांति रॉब्सपीयर के बगैर भी संपन्न होती लेकिन बीसवीं…
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,451 नए मामले, 54 मरीज़ों की मौत 
    22 Apr 2022
    दिल्ली सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए, 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को बूस्टर डोज मुफ्त देने का ऐलान किया है। 
  • पीपल्स डिस्पैच
    नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर
    22 Apr 2022
    जर्मनी, कनाडा, यूके, नीदरलैंड और रोमानिया उन देशों में शामिल हैं, जिन्होंने यूक्रेन को और ज़्यादा हथियारों की आपूर्ति का वादा किया है। अमेरिका पहले ही एक हफ़्ते में एक अरब डॉलर क़ीमत के हथियारों की…
  • एम. के. भद्रकुमार
    सामूहिक विनाश के प्रवासी पक्षी
    22 Apr 2022
    रूसियों ने चौंकाने वाला दावा किया है कि, पेंटागन की जैव-प्रयोगशालाओं में तैयार किए गए डिजिटलीकृत प्रवासी पक्षी वास्तव में उनके क़ब्ज़े में आ गए हैं।
  • रश्मि सहगल
    उत्तराखंड समान नागरिक संहिता चाहता है, इसका क्या मतलब है?
    21 Apr 2022
    भाजपा के नेता समय-समय पर, मतदाताओं का अपने पक्ष में ध्रुवीकरण करने के लिए, यूसीसी का मुद्दा उछालते रहते हैं। फिर, यह केवल एक संहिता का मामला नहीं है, जो मुसलमानों को फिक्रमंद करता है। यह हिंदुओं पर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License