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भारत
राजनीति
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का निधन, सभी दलों ने शोक जताया
शीला पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं। उन्हें शुक्रवार सुबह सीने में जकड़न की शिकायत के बाद फोर्टिस-एस्कॉर्ट्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां शनिवार दोपहर बाद तीन बजकर 55 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Jul 2019
sheila dixit
Image Courtesy: Outlook Hindi

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष शीला दीक्षित का शनिवार को निधन हो गया। वह 81 साल की थीं। उनके निधन पर उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, दिल्ली के मुख्यमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष समेत तमाम दलों के नेताओं ने गहरा शोक जताया है।

शीला दीक्षित के पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं और उन्हें शुक्रवार की सुबह सीने में जकड़न की शिकायत के बाद फोर्टिस-एस्कॉर्ट्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां आज, शनिवार दोपहर बाद तीन बजकर 55 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली।

शीला 1998 से 2013 के बीच 15 वर्षो तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं। राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी को फिर से खड़ा करने के मकसद से उन्हें कुछ महीने पहले ही दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया था।

शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च 1938 को पंजाब के कपूरथला में हुआ था। उन्होंने दिल्ली के कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल से पढ़ाई की और फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की।

वह साल 1984 से 1989 तक उत्तर प्रदेश के कन्नौज से सांसद रहीं। बाद में वह दिल्ली की राजनीति में सक्रिय हुईं।

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने शीला दीक्षित के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुये उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

नायडू ने ट्वीट कर कहा, ‘‘दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित के आज निधन पर अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। वह एक कुशल प्रशासक थीं।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट में उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

उन्होंने कहा, “शीला दीक्षित जी के निधन से बेहद दुखी हूं। एक ऊर्जावान और मिलनसार व्यक्तित्व की धनी, उन्होंने दिल्ली के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया।”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दुख जताते हुए कहा कि शीला दीक्षित ने मुख्यमंत्री के तौर पर राष्ट्रीय राजधानी के लोगों की निःस्वार्थ भाव से सेवा की।

गांधी ने ट्वीट कर कहा, "मैं शीला दीक्षित जी के निधन के बारे में सुनकर बहुत दुखी हूं। वह कांग्रेस पार्टी की प्रिय बेटी थीं जिनके साथ मेरा नजदीकी रिश्ता रहा।''

उन्होंने कहा, ''दुख की इस घड़ी में उनके परिवार और दिल्ली के निवासियों के प्रति मेरी संवेदनाएं है। उन्होंने दिल्ली के निवासियों की तीन बार मुख्यमंत्री रहते हुए निःस्वार्थ भाव से सेवा की।"

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने शोक संदेश में कहा, "मैं शीला दीक्षित जी के निधन के बारे में सुनकर स्तब्ध हूँ। उनके निधन से देश ने एक समर्पित कांग्रेसी जननेता खो दिया है।''

 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘अभी-अभी श्रीमती शीला दीक्षित जी के निधन की अत्यंत दुखद खबर पता चली। यह दिल्ली के लिए भारी क्षति है। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनके परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।’’

दीक्षित के निधन के बाद मुख्यमंत्री ने जम्मू कश्मीर में वैष्णो देवी मंदिर की अपनी यात्रा भी रद्द कर दी।

इनके अलावा भी लगभग सभी दलों के नेताओं ने शीला दीक्षित के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

(भाषा इनपुट के साथ)

sheila dixit
Delhi
Congress

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