NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
दिल्ली में जेएनयू छात्रा से कैब ड्राइवर ने किया दुष्कर्म, 3 घंटे तक गाड़ी में घुमाता रहा ड्राइवर
 पुलिस ने युवती को एम्‍स में भर्ती कराया जहां इलाज के बाद रविवार को उसे छुट्टी दे दी गई। मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि की गई है
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 Aug 2019
JNU
प्रतीकात्मक तस्वीर

राजधानी दिल्ली की सड़कें आज भी महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है। महिलाओं की सुरक्षा दिल्ली पुलिस ही नहीं केंद्र व प्रदेश सरकार के लिए भी हमेशा से गंभीर चुनौती रही है। साल 2012 में हुए निर्भया कांड के बाद पूरे देश में आक्रोश देखने को मिला था। लोग सड़कों पर उतरे, नए कानूनों की परिभाषा गढ़ी गई लेकिन अफसोस आज भी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति जस की तस बनी हुई है। आज भी सड़क पर, सार्वजनिक वाहनों व निजी कंपनियों की कैब में महिलाओं के साथ अक्सर छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आती हैं। 

मंदिर मार्ग, दिल्ली के वीआईपी एरिया में शुमार है, यहां  बिड़ला मंदिर, कालीबाड़ी मंदिर, बालाजी मंदिर जैसे कई प्रसिद्ध मंदिर हैं। कुलमिलाकर देखा जाए तो पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था यहां होती है। इतना ही नहीं 15 अगस्त के मद्देनज़र इस समय पूरी दिल्ली हाई अलर्ट पर है, लेकिन हैरानी की बात है कि इसी व्यवस्था में एक कैब ड्राइवर ने तमाम सुरक्षा इंतज़ामों के बीच एक छात्रा से कथित तौर पर दुष्कर्म के वारदात को अंजाम दिया।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने मंदिर मार्ग पुलिस थाने में कैब ड्राइवर के खिलाफ बालात्कार का मामला दर्ज कराया है। जानकारी के अनुसार 2 अगस्‍त को छात्रा के दोस्‍त का बर्थडे था। वो इसमें शामिल होने कनॉट प्‍लेस गई थी। रात करीब 8 बजे युवती ने मंदिर मार्ग स्थित एक मंदिर के बाहर से जेएनयू के लिए कैब ली। रास्ते में कैब चालक ने उसे नशीला पदार्थ खिला दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद उसने कैब में ही उसके साथ दुष्कर्म किया। चौंकाने वाली बात ये है कि कड़ी सुरक्षा के बीच तीन घंटे से अधिक समय तक वह छात्रा को घुमाता रहा। रात करीब 12 बजे वह युवती को आईआईटी के नजदीक हौजखास के एक पार्क के पास छोड़कर फरार हो गया।

युवती रातभर पार्क के पास ही पड़ी रही। सुबह राहगीरों ने देखा तो पुलिस को खबर दी। पुलिस ने युवती को एम्‍स में भर्ती कराया जहां इलाज के बाद रविवार को उसे छुट्टी दे दी गई। मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि की गई है।

मंदिर मार्ग पुलिस थाने ने न्यूज़क्लिक से एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है। पीड़िता के बयान के आधार पर कैब चालक की पहचान करने के लिए सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि युवती पर अभी तक नशे का प्रभाव है। इससे वह कुछ भी ठीक से बता नहीं पा रही है।

इस खबर पर न्यूज़क्लिक ने राष्ट्रीय महिला आयोग और दिल्ली महिला आयोग से जानकारी मांगी, जिसके जवाब में राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस खबर  पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात की और पीड़ित छात्रा को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है।

गौरतलब है कि दिल्ली को 2016 में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनआरबी) के जारी आंकड़ों के बाद रेप कैपिटल तक कहा जाने लगा। इसके अनुसार दिल्ली में देश के 19 प्रमुख शहरों के मुकाबले सबसे अधिक अपराध के साथ बलात्कार के मामले दर्ज किये गए। इस रिकॉड के मुताबिक कुल 41,761 मामलों में से अकेले दिल्ली में 33 प्रतिशत यानी 13,803 मामले सामने आए।
     

आजतक की खबर के अनुसार  दिल्ली पुलिस के आंकड़ों में खुलासा हुआ है कि इस साल 15 जुलाई तक बलात्कार के औसतन 6 और छेड़छाड़ के 8  मामले दर्ज किए गए, जबकि गत वर्ष प्रदेश में दुष्कर्म के लगभग 2000 से अधिक मामले दर्ज कराए गए हैं। ये आंकड़े यकीनन आंखें खोलने के लिए काफी हैं। दिल्ली में सरकारें महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता बताने से नहीं चूकती हैं। लेकिन लगातार महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध, सुधार लाने की दिशा में किए गए बड़े-बड़े दावों की पोल खोल देते हैं।

Jawaharlal Nehru University
cab driver
women safety
delhi police
Mandir Marg JNU Student
national commission for women
Delhi Commission

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर

पड़ताल: जौनपुर में 3 दलित लड़कियों की मौत बनी मिस्ट्री, पुलिस, प्रशासन और सरकार सभी कठघरे में

राजस्थान: रेप के आरोपी ने दोस्तों के साथ मिलकर दलित लड़की पर चाकू से किया हमला

बिहारः नाबालिग लड़की से गैंगरेप, एक आरोपी हिरासत में

डबल इंजन की बिहार सरकार में थम नहीं रहे रेप, औरंगाबाद में छात्रा का गैंगरेप 

यूपी: आज़मगढ़ में पीड़ित महिला ने आत्महत्या नहीं की, सिस्टम की लापरवाही ने उसकी जान ले ली!


बाकी खबरें

  • sc
    भाषा
    वकीलों को वरिष्ठ का दर्जा देने संबंधी याचिकाओं को सूचीबद्ध करने पर विचार करेगा उच्चतम न्यायालय
    23 Aug 2021
    “वकीलों का दर्जा निर्दिष्ट समिति द्वारा दिए गए अंकों के आधार पर तय होना चाहिए और मतदान का सहारा केवल तब लिया जाना चाहिए जब कोई और रास्ता न हो। उच्च न्यायालय मतदान एक अपवाद के रूप में नहीं बल्कि एक…
  • सांप्रदायिक, राजनीतिक और पूंजीवादी विचारों के ख़िलाफ़ खड़े होने का समय: विजयन
    भाषा
    सांप्रदायिक, राजनीतिक और पूंजीवादी विचारों के ख़िलाफ़ खड़े होने का समय: विजयन
    23 Aug 2021
    समाज सुधारक एवं धार्मिक नेता श्री नारायण गुरू की 167वीं जयंती के अवसर पर फेसबुक पर एक पोस्ट में विजयन ने लिखा, ‘‘यह समय भाईचारा और समानता को कमजोर करने वाली सांप्रदायिक, राजनीतिक और पूंजीवादी…
  • तमिल फिल्म उद्योग की राजनीतिक चेतना, बॉलीवुड से अलग क्यों है?
    बी. सिवरामन
    तमिल फिल्म उद्योग की राजनीतिक चेतना, बॉलीवुड से अलग क्यों है?
    23 Aug 2021
    हाल ही में लाए गए सिनेमैटोग्राफ़ संशोधन विधेयक 2021 के विरोध में दो ध्रुवों पर खड़े कमल हासन और सूर्या एक साथ आ गए, इस घटना ने तमिल फिल्म जगत में चेतना की एक लहर दौड़ा दी है।
  • "वैज्ञानिक मनोवृत्ति" विकसित करने का कर्तव्य
    प्रशांत पद्मनाभन
    "वैज्ञानिक मनोवृत्ति" विकसित करने का कर्तव्य
    23 Aug 2021
    तर्कवादी सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर की 8वीं पुण्यतिथि के बाद प्रशांत पद्मनाभन ने उनकी विरासत को याद करते हुए लिखा है कि "वैज्ञानिक मनोवृत्ति" क्या होती है और कैसे इसका विकास किया जा सकता है।
  • Kalyan Singh
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    पिछड़ों के सांप्रदायीकरण की योजना और दुविधा के प्रतीक थे कल्याण सिंह
    23 Aug 2021
    वास्तव में कल्याण सिंह पिछड़ा वर्ग की उस दुविधा के प्रतीक थे जिसके तहत कभी वह जाति के अपमान से छूटने और सत्ता पाने के लिए सांप्रदायिक होने को तैयार हो जाता है तो कभी हिंदुत्व की ब्राह्मणवादी योजना से…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License