NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली में कक्षा 12वीं तक ईडब्ल्यूएस छात्र शिक्षा ले सकतें है?
अगर सरकार द्वार इस तरह के संशोधन होते हैं तो इससे लाखों आर्थिक रूप से कमज़ोर छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने में मदद मिलेगीI
मुकुंद झा
05 Jun 2018
Delhi school

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोशल जूरिस्ट, ऐ सिविल राईट ग्रुप ने अशोक अग्रवाल की दायर की गयी जनहित याचिका  जिसमें आरटीई अधिनियम 2009 में संशोधन की माँग की गई है| जिससे ईडब्ल्यूएस छात्रों को कक्षा आठवीं से आगे की शिक्षा जारी रखने में मदद मिले और वो किसी बिना शर्त निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस श्रेणी में कक्षा 12 तक शिक्षा ले सकें |

इसी को लेकर सुनवाई करते हुए |15 मई 2018 एक आदेश में केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को नोटिस दिया है, जिसमें सरकार से आठ सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है |

अगर सरकार द्वार इस तरह के संशोधन होते हैं इससे लाखों आर्थिक रूप से कमज़ोर छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने में मदद मिलेगी | क्योंकि अगर हम रिपोर्टो को देखे तो इससे साफ है कि दिल्ली के स्कूलों में 2013-14 कक्षा 9 में नामांकित 2,19,377 छात्रों में से, 44% छात्र 2016-17 में  भी 12 वीं कक्षा तक नहीं पहुंच पाए।

इसका बहुत बड़ा कारण है कि दिल्ली में ईडब्ल्यूएस छात्रों को कक्षा आठवीं के बाद निजी स्कूलों से निकाल दिया जाता है | जिसके बाद वो आगे की पढ़ाई करने समर्थ नहीं होते और पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं| 

इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोशल जूरिस्ट, ऐ सिविल राईट ग्रुप के अशोक अग्रवाल द्वारा दायर एक अन्य जनहित याज़िका  पर सुनवाई करते हुए, मौखिक फैसला दिया, जिसमें कहा कि दिल्ली में सार्वजनिक भूमि पर अनियोजित निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत कक्षा आठवीं और उससे से अधिक कक्षा 12 वीं तक ईडब्ल्यूएस छात्र शिक्षा ले सकतें है |

ये याजिका कई निजी स्कूलों के खिलाफ़ थी जो कि उनके स्कूल में पढ़ रहे छात्र जो कि आठवीं तक उसी स्कूल में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के माध्यम से मुफ्त शिक्षा ले रहे थे | अब जब ये छात्र आठवीं पास कर चुके है तो ये निजी संस्थान इन से कह रहे हैं कि या तो वो फीस का भुगतान करें या फिर स्कूल छोड़ दें | याचिकाकर्ता ने कहा कि, “यह उन अधिकारों का उल्लंघन कर रहा है, जो आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के छात्रों को भारत के संविधान से मिलते  हैं| ये दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम,1973 अधिकार के प्रावधानों के साथ-साथ बच्चों को नि: शुल्क और अनिवार्य शिक्षा अधिनियम, 2009 का भी उलंघन करता है” ।

उन्होंने ये भी कहा कि दिल्ली सरकार बच्चों के नि: शुल्क और अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2011 के भाग 11 (3) के प्रावधान को भी ठीक से लागू नहीं कर पाई है ।

कोर्ट में निजी स्कूल ने कहा है “आरटीई शिक्षा का अधिकार केवल माध्यमिक स्तर तक के छात्रों के लिए हैं | इससे आगे के छात्र इस दायरे में नही आते है वो किसी भी प्रकार के नियमों का उलंघन नहीं कर रहे हैं”| इस संबंध में  याजिकाकर्ता ने दिल्ली के एनसीटी सरकार के 25 जनवरी, 2007  के आदेश को संदर्भित किया | जिसमें उन्होंने कहा कि जिसे डीडीए द्वारा रियायती दर पर भूमि आबंटित की गई है, उन स्कूलों को नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा के लिए प्रत्येक कक्षा में 20% आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों का दाखिला लेना आवश्यक है | इस पूरे मसले पर कोर्ट ने कहा कि वर्तमान मामले में तथ्यों के उपरोक्त वर्णन को देखते हुए, हम इस पर कोई टिप्पणी नहीं करते है | इस मामले को उचित कार्यवाही में विचार और निर्णय के लिए छोड़े रहे है |

इस मामले कोर्ट में अगली सुनवाई 26 सितंबर को है | वरिष्ठ वकील अशोक अग्रवाल ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि, “हमें उम्मीद है कि सरकारें इसमें सकरात्मक रुख दिखाएंगी | ज़िससे गरीब और आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों को अपनी आगे की पढ़ाई करने में आसानी होगी”|
 

दिल्ली
हाई कोर्ट
दिल्ली सरकार
EWS

Related Stories

दलितों को शिक्षा से वंचित करता ऑनलाइन एजुकेशन सिस्टम

दिल्ली विश्वविद्यालय : शिक्षकों की Ad Hoc ज़िंदगी

क्यों है दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक हड़ताल पर?

डीयू में EWS कोटे में आरक्षण को लेकर कई समस्याएं, पंजीकरण फीस में भी असमानता

महाराष्ट्र के पीजी मेडिकल कोर्स में ईडब्ल्यूएस को नहीं मिलेगा 10 प्रतिशत आरक्षण

ईडब्ल्यूएस मामले में जल्द फैसला ले केंद्र सरकार : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली: दिव्यंगो को मिलने वाले बूथों का गोरखधंधा काफी लंम्बे समय से जारी

जंतर मंतर - सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी द्वारा धरना-प्रदर्शन पर लगी रोक हटाई

दिल्ली के मज़दूरों की एक दिवसीय हड़ताल

क्या भाजपा हेडक्वार्टर की वजह से जलमग्न हो रहा है मिंटो रोड?


बाकी खबरें

  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    जम्मू-कश्मीर परिसीमन से नाराज़गी, प्रशांत की राजनीतिक आकांक्षा, चंदौली मे दमन
    07 May 2022
    हफ़्ते की बात के इस अंक में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश बात कर रहे हैं जम्मू-कश्मीर के परिसीमन की। साथ ही वे नज़र डाल रहे हैं प्रशांत किशोर की राजनीतिक सियासत की।
  • रवि शंकर दुबे
    तीन राज्यों में उपचुनाव 31 मई को: उत्तराखंड में तय होगा मुख्यमंत्री धामी का भविष्य!
    07 May 2022
    चुनाव आयोग ने तीन राज्यों की तीन सीटों पर विधानसभा चुनावों की तारीख घोषित कर दी है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण उत्तराखंड की चंपावत सीट को माना जा रहा है। क्योंकि यहां से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी…
  • पीपुल्स डिस्पैच
    पाकिस्तान में बलूच छात्रों पर बढ़ता उत्पीड़न, बार-बार जबरिया अपहरण के विरोध में हुआ प्रदर्शन
    07 May 2022
    राष्ट्रीय राजधानी इस्लामाबाद में पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के परिसर से दिन दहाड़े एक बलूच छात्र बेबाग इमदाद को उठाए जाने के बाद कई छात्र समूहों ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया।
  • राहुल कुमार गौरव
    पिता के यौन शोषण का शिकार हुई बिटिया, शुरुआत में पुलिस ने नहीं की कोई मदद, ख़ुद बनाना पड़ा वीडियो
    07 May 2022
    पीड़ित बेटी ने खुद अपने पिता की गंदी करतूत का वीडियो बनाया और फिर उसे लेकर थाने पहुंची। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने गुरुवार को 50 वर्षीय आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन पीड़िता को अपने…
  • सुबोध वर्मा
    ओडिशा: अयोग्य शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षित होंगे शिक्षक
    07 May 2022
    शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध 8 कॉलेजों में 62 फैकल्टी हैं, जिनमें से सिर्फ 20 रेगुलेटरी बॉडी की योग्यता के मानदंडों को पूरा करते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License