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भारत
राजनीति
दिल्ली में महिलाओं के लिए मेट्रो और बसों में मुफ्त यात्रा का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने अपने अधिकारियों को प्रस्ताव का अध्ययन करने का निर्देश दिया है। साथ ही सरकार लोगों से भी फीडबैक लेगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Jun 2019
Metro

2015 में दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की बंपर जीत के लिए मुफ़्त पानी और सस्ती बिजली को सबसे बड़ी वजह माना गया था, और इस बार इसी तर्ज पर उन्होंने महिलाओं के लिए मेट्रो और बसों में मुफ्त यात्रा का प्रस्ताव दिया है।

आपको मालूम है कि दिल्ली में अगले साल 2020 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं के लिए मेट्रो और बस यात्रा मुफ्त करने का प्रस्ताव रखा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने अधिकारियों को प्रस्ताव का अध्ययन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों से भी फीडबैक लेगी।

केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘महिलाएं डीटीसी, क्लस्टर बसों और दिल्ली मेट्रो में नि:शुल्क यात्रा करेंगी।’’

मुख्यमंत्री ने शनिवार को एक जनसभा में कहा था कि उनकी सरकार दिल्ली में महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के प्रति प्रोत्साहित करने के वास्ते उनके लिए मेट्रो और बस यात्रा मुफ्त करने पर विचार कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी सरकार बिजली बिलों के निर्धारित शुल्क को कम करने के लिए शहर के बिजली नियामक के संपर्क में है।

बीजेपी और कांग्रेस इस योजना को चुनावी दांव कहकर इसकी आलोचना कर सकते हैं लेकिन इसी तर्ज पर इस बार मोदी की जीत में उग्र राष्ट्रवाद के अलावा मुफ्त गैस कनेक्शन देने की उज्ज्वला योजना और किसानों के खाते में सालाना छै हज़ार डालने की योजना जिसमें से दो किस्तों यानी चार हज़ार चुनाव से पहले तुरत-फुरत में खातों में डाल भी दिए गए, का भी हाथ माना जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी गरीब किसानों के लिए सालाना 72 हज़ार आय सुनिश्चित करने का वादा किया था। हालांकि उनका वादा काम नहीं आया। अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक बार फिर दिल्ली में इसी फार्मूले को आज़माना चाहते हैं, देखिए ये उनके कितने काम आता है।

हालांकि पिछले दिनों मेट्रो के किराये में भारी वृद्धि हुई है। लेकिन ये भी सच है कि केजरीवाल सरकार ने किराया बढ़ाए जाने का पूर्व में लगातार विरोध किया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) में केंद्र और दिल्ली सरकार की 50-50 फीसदी हिस्सेदारी है। और किराया बढ़ाने का फैसला केंद्र सरकार की ओर से गठित कमेटी करती रही है। ऐसे ही एक सवाल के उत्तर में केजरीवाल ने कहा है कि इस योजना में केंद्र की अनुमति की ज़रूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि यहां विषय किराया बढ़ाने का नहीं बल्कि सब्सिडी देने का है और सब्सिडी की लागत दिल्ली सरकार उठाएगी।

राजनीति से अलग ये बात वास्तव में सच है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट यानी सार्वजनिक परिवहन जितना सस्ता होगा लोग उसका उतना ही ज़्यादा प्रयोग करेंगे, इससे न सिर्फ गरीब लोगों को फायदा होगा, बल्कि निजी वाहनों के प्रयोग में भी कमी आएगी जिससे पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा और दिल्ली में पर्यावरण प्रदूषण एक बड़ी समस्या और मुद्दा है।

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