NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
दिल्ली में ऑटो पार्ट्स फैक्ट्री में लगी आग
पिछले कई सालों में जाने कितने ही लोगों की जान इस तरह के फैक्ट्रियों ने ले ली है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 May 2019
Fire

पश्चिमी दिल्ली के उद्योग नगर में ऑटो पार्ट्स की एक फैक्ट्री में मंगलवार को आग लग गई। दिल्ली अग्निशमन सेवा विभाग (डीएफएस) ने बताया कि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

अग्निशमन विभाग ने कहा कि उन्हें आग के बारे में सुबह सवा पांच बजे सूचना मिली जिसके बाद मौके पर दमकल की 22 गाड़ियां भेजी गईं। वरिष्ठ अग्निशमन अधिकारी ने कहा कि यह आग भू तल पर लगी और ऊपर की दो मंजिलों तक फैल गई। इस फैक्ट्री में एलईडी बल्ब और अन्य कल पुर्जे बनते हैं।

अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि उन्होंने आठ बजकर 35 मिनट पर आग पर काबू पा लिया था। अधिकारी ने कहा कि आग के पीछे शॉर्ट सर्किट को कारण माना जा रहा है। 

दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्ट्रियों में इस तरह आग लगने की घटनाएँ लगातार हो रही हैं लेकिन सवाल यह की फैक्ट्री में आग क्यों लगती हैं? पिछले कई सालों में जाने कितने ही लोगों की जान इस तरह के फैक्ट्रियों ने ले ली है। उसके बाद भी क्या सबक लिया? हर अग्निकांड के बाद उसकी जाँच होती है लगभग सभी के कारण एक जैसे ही रहते हैं। परन्तु कभी उनके कारणों का समाधान नहीं होता है। इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती है?

क्या हम इन अग्निकांडों से निपटने के लिए तैयार हैं?

दिल्ली के मास्टर प्लान-2021 के अनुसार 3-4 किमी के दायरे में एक अग्निशमन पोस्ट और प्रत्येक इलाके में 5-7 किमी के घेरे में एक फायर स्टेशन होना चाहिए। लेकिन सच है कि आज भी ऐसी व्यवस्था ज़मीन पर नहीं दिखती है। वास्तव में दिल्ली फायर सर्विस कथित तौर पर 40% कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है साथ ही अग्निशमन उपकरणों की भी कमी है।

लेकिन यह सिर्फ अग्निशमन विभाग नहीं है जिसे इस सुरक्षा की निगरानी करनी चाहिए। इसके आलावा श्रम कानून में भी श्रमिकों के लिए विभिन्न सुरक्षा मानदंडों की पर्याप्त व्यवस्था है। क्या इन सभी क़ानूनों का पालन किया जा रहा था?

 

Delhi Fire Service
Delhi’s factory Fire
factory fire
udhyog
Delhi
north west delhi

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

मुंडका अग्निकांड : 27 लोगों की मौत, लेकिन सवाल यही इसका ज़िम्मेदार कौन?

दिल्ली में गिरी इमारत के मलबे में फंसे पांच मज़दूरों को बचाया गया

रोहतक : मारुति सुज़ुकी के केंद्र में लगी आग, दो कर्मियों की मौत

दिल्ली में एक फैक्टरी में लगी आग, नौ लोग झुलसे

गाजीपुर अग्निकांडः राय ने ईडीएमसी पर 50 लाख का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया

बांग्लादेश : 52 मज़दूरों की हत्या के आरोप में फ़ैक्ट्री मालिक हिरासत में


बाकी खबरें

  • Anganwadi workers
    रौनक छाबड़ा
    हरियाणा: हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकार्ताओं के आंदोलन में अब किसान और छात्र भी जुड़ेंगे 
    08 Mar 2022
    आने वाले दिनों में सभी महिला कार्यबलों से सम्बद्ध यूनियनों की आस ‘संयुक्त महापंचायत’ पर लगी हुई है; इस संबंध में 10 मार्च को रोहतक में एक बैठक आहूत की गई है।
  • refugee crisis
    एपी
    रूस-यूक्रेन युद्ध अपडेट: संयुक्त राष्ट्र ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इसे यूरोप का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट बताया 
    08 Mar 2022
    अमेरीका ने रूस से आयात होने वाले तेल पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानूनी मुहिम शुरू की, तो दूसरी तरफ जेलेंस्की ने रूस को चिकित्सा आपूर्ति मार्ग पर हुआ समझौता याद दिलाया।
  • राज कुमार
    गोवा चुनावः कौन जीतेगा चुनाव और किसकी बनेगी सरकार?
    08 Mar 2022
    इस बार भाजपा के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है क्योंकि तमाम विपक्षी दल भाजपा को हराने के लिए लड़े हैं और ये स्थिति कांग्रेस के पक्ष में जाती है।
  • privatization of railways
    सतीश भारतीय
    निजी ट्रेनें चलने से पहले पार्किंग और किराए में छूट जैसी समस्याएं बढ़ने लगी हैं!
    08 Mar 2022
    रेलवे का निजीकरण गरीब और मध्यम वर्ग की जेब पर वजन लादने जैसा है। क्योंकि यही वर्ग व्यवसाय और आवाजाही के लिए सबसे ज्यादा रेलवे पर आश्रित है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामलों की घटकर 50 हज़ार से कम हुई
    08 Mar 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 3,993 नए मामले सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.12 फ़ीसदी यानी 49 हज़ार 948 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License