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भारत
राजनीति
दिल्ली मेट्रो : डीएमआरसी कर्मचारियों अपनी कई मांगो को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहें हैं और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं |
इन कर्मचारियों के अनुसार वो केबल अपने अधिकार के लिए लड़ रहें है वो कभी भी सेवाओ को बाधित नही करना चाहते परन्तु सरकार और डीएमआरसी के अड़ियल रैवय ने उन्हें मज़बूर किया है |
मुकुंद झा
22 Jun 2018
दिल्ली मेट्रो के कर्मचारी

डीएमआरसी कर्मचारियों को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे है ,अगर उनकी मांग नही मानी  गई तो वो 30 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे | अभी वो अपनी कई मांगो को लेकर 19 जून से सांकेतिक विरोध कर रहे है | जिस दौरान वो काली पट्टी बांध कर कार्य कर रहे है | अभी किसी तरह की कोई सेवाएँ प्रभावित नहीं हो रही है ,परन्तु इनकी मांगो को नही माना गया तो इसकी प्रबल संभावना है की मेट्रो की सेवाएं प्रभावित हो |

इनकी मुख्य मांगे इस प्रकार है :-

  • सबसे बड़ी मांग है की इनको अपौचारिक रूप से यूनियन का दर्जा दिया जाये | जिससे वो कर्मचारियों के हक़ के लिए लड़े सके उनके अधिकारों को सुनिशिचत करवा सके |
  • जिन कर्मचारियों को हटाया है उन्हें वापस कम पे बुलाया जाए |
  • दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के साथ पिछले साल 23 मई 2017 में हुऐ अनुबंध को पूर्णत: लागु किया जाए है |
  • 7वी पे कमीशन को लागु किया जाए |


यह उल्लेखनीय है कि वेतन संबंधित मुद्दों और डीएमआरसी में बड़े भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर विरोध करने वाले गैर - कार्यपालकमेट्रो कर्मचारी को अवैध रूप से हटा दिया  और दो कर्मचारी वो थे , जो कर्मचारी परिषद के सदस्य थे,उन पर चार्जशीट दायर की गई है । दिल्ली मेट्रो प्रबंधन द्वारा इस अवैध और अनुचित दंडकारी कार्रवाई से पीड़ित पांच हजार गैर- कार्यपालक मेट्रो कर्मचारी 20-07-2017से सांकेतिक हड़ताल शुरू कर दी गई और दिल्ली मेट्रो प्रबंधन ने दिल्ली एनसीआर में मेट्रो सेवाओं को बंद करने के लिए चेतावनी दी थी । फिर,आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय, दिल्ली सरकार और उनके मुख्य सलाहकार डॉ ई० श्रीधरन के परामर्श के बाद कर्मचारियों द्वारा उठाए गए मुद्दों की गंभीरता को देखते हुए 2017 के 22 और 23 जुलाई को उच्च स्तर की बैठक आयोजित की गई थी।

बैठक की अध्यक्षता डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह ने की थी और डीएमआरसी के पूर्णकालिक कार्यात्मक निदेशकों के साथ स्टाफ काउंसिल के सदस्य के साथ भाग लिया था। मीटिंग में कुल 14 एजेंडा पर चर्चा की और प्रबंधन ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि वे सभी मांगों को दो महीने के भीतर पूर्ण करंगे , लेकिन डीएमआरसी प्रबंधन द्वारा कुछ भी नहीं किया गया है ।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन एम्प्लाइज यूनियन कहना है की “वो कर्मचारी जिन्हें अवैध रूप से हटाया गया है, वह न्याय और अपने परिवार के साथ अपने जीवन व्यतीत करने के लिए दर-दर की ठोकर खा रहे है। डीएमआरसी प्रबंधन लगातार उनके और उनके परिवार के सदस्यों को परेशान कर रहा है”।

दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के अनुसार अब तक एक ग्रेड में पांच साल की सेवा के संतोषजनक रिकॉर्ड के साथ पूरा होने के बाद प्रत्येक कर्मचारी को अगले ग्रेड में पदोन्नत किया जाता है । कार्यालय के नये आदेश के  कार्यान्वयन के बाद नये पैमाने ने इस व्यवस्था में कई बुराइयाँ और विसंगतियाँ पैदा कर दी है ।अब डीएमआरसी में 10 साल की सेवा पूरी होने के बावजूद भी कर्मचारी कभी –कभी  अटक जाते हैं और उनके ग्रेड में कोई भी उन्नति नहीं होता हैं।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन एम्प्लाइज यूनियन के मुताबिक जो अभी बीच का ग्रेड पे बनाया जा रहा है | वह हिंदुस्तान की सभी मेट्रो कर्मचारियों के जीवन में अभिशाप साबित होने वाला है|

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन एम्प्लाइज यूनियन के महासचिव ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा की उनके मांगो को माना जाये | ये कोई ऐसी मांगे नही जिन्हें पूरा न किया जा सके ,इन सभी मांगो को सरकार और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन पिछले साल पूरा करने का वादा कर चुकी है |

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन एम्प्लाइज यूनियन ने कहा की, दिल्ली मेट्रो रेल निगम के सभी गैर-कार्यपालक कर्मचारी दिल्ली मेट्रो अथॉरिटी द्वारा उनकी मांगो को पूरा नहीं करने पर आन्दोलन को और तेज़ करेंगे |

<>1.2.30-06-2018 को यदि कर्मचारियों के पक्ष में डीएमआरसी द्वारा उचित समाधान नहीं किया जाता है, तो कर्मचारी पूरी तरह से हड़ताल पर चले जाएंगे |

इन कर्मचारियों के अनुसार वो केबल अपने अधिकार के लिए लड़ रहे है ,वो कभी भी सेवाओ को बाधित नही करना चाहते परन्तु सरकार और डीएमआरसी के अड़ियल रैवय ने उन्हें मज़बूर किया है |

 

दिल्ली मेट्रो
हड़ताल
DMRC
Delhi

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