NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली मेट्रो : डीएमआरसी कर्मचारियों अपनी कई मांगो को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहें हैं और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं |
इन कर्मचारियों के अनुसार वो केबल अपने अधिकार के लिए लड़ रहें है वो कभी भी सेवाओ को बाधित नही करना चाहते परन्तु सरकार और डीएमआरसी के अड़ियल रैवय ने उन्हें मज़बूर किया है |
मुकुंद झा
22 Jun 2018
दिल्ली मेट्रो के कर्मचारी

डीएमआरसी कर्मचारियों को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे है ,अगर उनकी मांग नही मानी  गई तो वो 30 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे | अभी वो अपनी कई मांगो को लेकर 19 जून से सांकेतिक विरोध कर रहे है | जिस दौरान वो काली पट्टी बांध कर कार्य कर रहे है | अभी किसी तरह की कोई सेवाएँ प्रभावित नहीं हो रही है ,परन्तु इनकी मांगो को नही माना गया तो इसकी प्रबल संभावना है की मेट्रो की सेवाएं प्रभावित हो |

इनकी मुख्य मांगे इस प्रकार है :-

  • सबसे बड़ी मांग है की इनको अपौचारिक रूप से यूनियन का दर्जा दिया जाये | जिससे वो कर्मचारियों के हक़ के लिए लड़े सके उनके अधिकारों को सुनिशिचत करवा सके |
  • जिन कर्मचारियों को हटाया है उन्हें वापस कम पे बुलाया जाए |
  • दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के साथ पिछले साल 23 मई 2017 में हुऐ अनुबंध को पूर्णत: लागु किया जाए है |
  • 7वी पे कमीशन को लागु किया जाए |


यह उल्लेखनीय है कि वेतन संबंधित मुद्दों और डीएमआरसी में बड़े भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर विरोध करने वाले गैर - कार्यपालकमेट्रो कर्मचारी को अवैध रूप से हटा दिया  और दो कर्मचारी वो थे , जो कर्मचारी परिषद के सदस्य थे,उन पर चार्जशीट दायर की गई है । दिल्ली मेट्रो प्रबंधन द्वारा इस अवैध और अनुचित दंडकारी कार्रवाई से पीड़ित पांच हजार गैर- कार्यपालक मेट्रो कर्मचारी 20-07-2017से सांकेतिक हड़ताल शुरू कर दी गई और दिल्ली मेट्रो प्रबंधन ने दिल्ली एनसीआर में मेट्रो सेवाओं को बंद करने के लिए चेतावनी दी थी । फिर,आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय, दिल्ली सरकार और उनके मुख्य सलाहकार डॉ ई० श्रीधरन के परामर्श के बाद कर्मचारियों द्वारा उठाए गए मुद्दों की गंभीरता को देखते हुए 2017 के 22 और 23 जुलाई को उच्च स्तर की बैठक आयोजित की गई थी।

बैठक की अध्यक्षता डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह ने की थी और डीएमआरसी के पूर्णकालिक कार्यात्मक निदेशकों के साथ स्टाफ काउंसिल के सदस्य के साथ भाग लिया था। मीटिंग में कुल 14 एजेंडा पर चर्चा की और प्रबंधन ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि वे सभी मांगों को दो महीने के भीतर पूर्ण करंगे , लेकिन डीएमआरसी प्रबंधन द्वारा कुछ भी नहीं किया गया है ।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन एम्प्लाइज यूनियन कहना है की “वो कर्मचारी जिन्हें अवैध रूप से हटाया गया है, वह न्याय और अपने परिवार के साथ अपने जीवन व्यतीत करने के लिए दर-दर की ठोकर खा रहे है। डीएमआरसी प्रबंधन लगातार उनके और उनके परिवार के सदस्यों को परेशान कर रहा है”।

दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के अनुसार अब तक एक ग्रेड में पांच साल की सेवा के संतोषजनक रिकॉर्ड के साथ पूरा होने के बाद प्रत्येक कर्मचारी को अगले ग्रेड में पदोन्नत किया जाता है । कार्यालय के नये आदेश के  कार्यान्वयन के बाद नये पैमाने ने इस व्यवस्था में कई बुराइयाँ और विसंगतियाँ पैदा कर दी है ।अब डीएमआरसी में 10 साल की सेवा पूरी होने के बावजूद भी कर्मचारी कभी –कभी  अटक जाते हैं और उनके ग्रेड में कोई भी उन्नति नहीं होता हैं।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन एम्प्लाइज यूनियन के मुताबिक जो अभी बीच का ग्रेड पे बनाया जा रहा है | वह हिंदुस्तान की सभी मेट्रो कर्मचारियों के जीवन में अभिशाप साबित होने वाला है|

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन एम्प्लाइज यूनियन के महासचिव ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा की उनके मांगो को माना जाये | ये कोई ऐसी मांगे नही जिन्हें पूरा न किया जा सके ,इन सभी मांगो को सरकार और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन पिछले साल पूरा करने का वादा कर चुकी है |

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन एम्प्लाइज यूनियन ने कहा की, दिल्ली मेट्रो रेल निगम के सभी गैर-कार्यपालक कर्मचारी दिल्ली मेट्रो अथॉरिटी द्वारा उनकी मांगो को पूरा नहीं करने पर आन्दोलन को और तेज़ करेंगे |

<>1.2.30-06-2018 को यदि कर्मचारियों के पक्ष में डीएमआरसी द्वारा उचित समाधान नहीं किया जाता है, तो कर्मचारी पूरी तरह से हड़ताल पर चले जाएंगे |

इन कर्मचारियों के अनुसार वो केबल अपने अधिकार के लिए लड़ रहे है ,वो कभी भी सेवाओ को बाधित नही करना चाहते परन्तु सरकार और डीएमआरसी के अड़ियल रैवय ने उन्हें मज़बूर किया है |

 

दिल्ली मेट्रो
हड़ताल
DMRC
Delhi

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

धनशोधन क़ानून के तहत ईडी ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

मुंडका अग्निकांड : 27 लोगों की मौत, लेकिन सवाल यही इसका ज़िम्मेदार कौन?

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

दिल्ली: केंद्र प्रशासनिक सेवा विवाद : न्यायालय ने मामला पांच सदस्यीय पीठ को सौंपा


बाकी खबरें

  • SFI PROTEST
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई
    09 Feb 2022
    दिल्ली विश्वविद्यालय को फिर से खोलने के लिए SFI ने प्रदर्शन किया, इस दौरान छात्रों ने ऑनलाइन कक्षाओं का विरोध किया। साथ ही सड़क पर कक्षा लगाकर प्रशासन को चुनौत दी।
  • PTI
    समीना खान
    चुनावी घोषणापत्र: न जनता गंभीरता से लेती है, न राजनीतिक पार्टियां
    09 Feb 2022
    घोषणापत्र सत्ताधारी पार्टी का प्रश्नपत्र होता है और सत्ताकाल उसका परीक्षाकाल। इस दस्तावेज़ के ज़रिए पार्टी अपनी ओर से जनता को दी जाने वाली सुविधाओं का जिक्र करती है और जनता उनके आधार पर चुनाव करती है।…
  • हर्षवर्धन
    जन्मदिन विशेष : क्रांतिकारी शिव वर्मा की कहानी
    09 Feb 2022
    शिव वर्मा के माध्यम से ही आज हम भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, सुखदेव, राजगुरु, भगवती चरण वोहरा, जतिन दास और महाबीर सिंह आदि की कमानियों से परिचित हुए हैं। यह लेख उस लेखक की एक छोटी सी कहानी है जिसके बारे…
  • budget
    संतोष वर्मा, अनिशा अनुस्तूपा
    ग्रामीण विकास का बजट क्या उम्मीदों पर खरा उतरेगा?
    09 Feb 2022
    कोविड-19 महामारी से पैदा हुए ग्रामीण संकट को कम करने के लिए ख़र्च में वृद्धि होनी चाहिए थी, लेकिन महामारी के बाद के बजट में प्रचलित प्रवृत्ति इस अपेक्षा के मामले में खरा नहीं उतरती है
  • Election
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः प्रचार और भाषणों में स्थानीय मुद्दों को नहीं मिल रही जगह, भाजपा वोटर भी नाराज़
    09 Feb 2022
    ऐसे बहुत से स्थानीय मुद्दे हैं जिनको लेकर लोग नाराज हैं इनमें चाहे रोजगार की कमी का मामला हो, उद्योग की अनदेखी करने का या सड़क, बिजली, पानी, महिला सुरक्षा, शिक्षा का मामला हो। इन मुद्दों पर चर्चा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License