NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली : राज्य के दर्जे की माँग को लेकर आम आदमी पार्टी ने तेज़ किया आंदोलन
केजरीवाल ने पहले कहा था कि  उनकी पार्टी 17 जून को दिल्ली को राज्य बनाये जाने के मसले  पर एक आंदोलन  शुरू करेगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Jun 2018
Translated by ऋतांश आज़ाद
arvind kejriwal

11 जून को दिल्ली विधानसभा ने देश की राजधानी को राज्य  का दर्जा  दिए जाने के प्रस्ताव  को मान्यता दी। इसके बाद, उस शाम से ही मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और उनके मंत्रिमंडल के बाकी साथी उपराज्यपाल अनिल बैजल के घर में धरना दे रहे हैंI उनकी माँग है कि उपराज्यपाल IAS अफसरों को अपनी हड़ताल खत्म करें और सरकार की घर-घर तक राशन पहुँचाने वाली योजना को पारित  करें। स्वास्थ मंत्री सत्येंद्र जैन  और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया  इन माँगों का समर्थन  करते हुए भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। जहाँ  एक तरफ ये आंदोलन तेज़ हुआ और आम  आदमी  पार्टी 13 मई की शाम को उपराज्यपाल के घर पहुँची  वहीं दूसरी तरह बैजल ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी  है।  

केजरीवाल ने पहले कहा था कि  उनकी पार्टी 17 जून को दिल्ली को राज्य बनाये जाने के मसले  पर एक आंदोलन  शुरू करेगी। आम आदमी पार्टी 2015 में दिल्ली की सत्ता में काबिज़ हुई और तभी से वह उपराज्यपाल (पहले नजीब जंग और अब अनिल बैजल) पर ये आरोप लगा रही है कि वह दिल्ली के कामकाज के सम्बन्ध में उनकी सलाह को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं। 

2016 में सरकार ने 'The State of Delhi Bill, 2016’ बनाया और उसे लोगों की प्रतिक्रिया जानने  के लिए पेश किया।  बिल में कई प्रावधान हैं जैसे दिल्ली पुलिस, Delhi Development Authority (DDA) और दिल्ली नगर पालिका को जनता द्वारा चुनी गयी सरकार के समक्ष जवाबदेह बनाया जाये आदिI

IAS अफसरों और केजरीवाल के मंत्रीमंडल के बीच पिछले चार महीनों से चल रहे विवाद के बाद आप सरकार दिल्ली को राज्य का दर्ज़ा दिए जाने के मुद्दे को आगे सामने लेकर आई है।  दिलचस्प बात ये है कि ये माँग कांग्रेस और बीजेपी दोनों के घोषणा  पत्रों  में थी।  

फरवरी में मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने ये आरोप लगाया था कि केजरीवाल के घर पर एक मीटिंग चल रही एक के दौरान आम आदमी पार्टी के दो विधायकों अमानतुल्ला खान  और प्रकाश जडवाल ने उन पर हाथ उठाया। इन दोनों विधायकों को गिरफ्तार किया गया और बाद में छोड़ दिया गया था। लेकिन तभी से सभी नौकरशाह दिल्ली सरकार के खिलाफ एक 'अघोषित हड़ताल' पर हैंI दिल्ली सरकार के मुताबिक वे सरकार की ओर से बुलाई  गयी किसी भी बैठक में नहीं आ रहे और इस वजह से आधिकारिक  काम  में तकलीफ हो रही है। आम आदमी पार्टी के मौजूदा विरोध प्रदर्शन की एक माँग ये भी है कि उन IAS अफसरों के खिलाफ कोई कार्यवाही की जाए जिन्होंने 4 महीनों से काम करना बंद कर दिया है।  

11 जून को दिए गए अपने भाषण में केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा 1.3 लाख करोड़  कर  इक्कठा  किये जाने के बावजूद सरकार को सिर्फ 325 करोड़ रुपये ही केंद्र सरकार से वापस  मिलते हैं। उन्होंने कहा "अगर सिर्फ 30% पैसा भी वापस आये तो सरकार 5 सालों  में हर परिवार को घर प्रदान  कर सकती है।"

बीजेपी के नियुक्त उपराज्पाल द्वारा सरकार की तरफ से दायर विकास के प्रस्तावों को  लगातार अस्वीकार करने के आरोप लगते हुए केजरीवाल ने कहा "बड़ा सवाल ये है कि दिल्ली सरकार को कौन चलता है? उपराज्यपाल  या आम लोग? अब समय आ गया है कि लोग राज्य के दर्ज़े के लिए संघर्ष करें।"

आम आदमी पार्टी सरकार का कहना है कि राजधानी के क्षेत्र में कई आधिकारिक क्षेत्र  होने की वजह से और उनके पास कानून व्यवस्था, नगर पालिका, ज़मीन और बाकी चीज़ों पर नियंत्रण न होने की वजह से विकास के कार्य में रुकावटें  आती है और इसका एक ही समाधान है दिल्ली को पूर्ण  राज्य  का दर्ज़ा  दिया जाना। 

Arvind Kejriwal
AAP
Delhi
Statehood demand
LG
IAS officers

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

धनशोधन क़ानून के तहत ईडी ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

ख़बरों के आगे-पीछे: MCD के बाद क्या ख़त्म हो सकती है दिल्ली विधानसभा?

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप

हार्दिक पटेल का अगला राजनीतिक ठिकाना... भाजपा या AAP?

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई


बाकी खबरें

  • workers
    तारिक अनवर
    यूपी चुनाव: धीमी मौत मर रहा है भगवान कृष्ण को संवारने-सजाने वाला मथुरा-वृंदावन का उद्योग
    07 Feb 2022
    हिंदुत्व की उच्च डेसिबल की राजनीति हिंदू और मुस्लिम समुदायों से आने वाले कारीगरों, व्यापारियों और निर्माताओं की आजीविका को बचाने में विफल रही है।
  • yogi and amit shah
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: भाजपा को चुनावों में भगवान और मुसलमान का ही सहारा
    07 Feb 2022
    ख़बरों की इस भाग दौड़ में ख़बरों का मर्म छूट जाता है। इस हफ़्ते की कुछ ख़ास ख़बरें लेकर आए हैं अनिल जैन, जिसमें राम जी की जाति से लेकर केजरीवाल का मोदी मॉडल तक शामिल है। 
  • Lata Mangeshkar
    नम्रता जोशी
    लता मंगेशकर की उपलब्धियों का भला कभी कोई विदाई गीत बन सकता है?
    07 Feb 2022
    संगीत और फ़िल्म निर्माण में स्वर्ण युग के सबसे बड़े नुमाइंदों में से एक लता मंगेशकर का निधन असल में वक़्त के उस बेरहम और अटूट सिलसिले का एक दुखद संकेत है, जो अपने जीवन काल में ही किंवदंती बन चुके…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में एक महीने बाद कोरोना के एक लाख से कम नए मामले सामने आए  
    07 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 83,876 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 2.62 फ़ीसदी यानी 11 लाख 8 हज़ार 938 हो गयी है।
  • MGNREGA
    डॉ. राजू पाण्डेय
    बजट 2022: गांव और किसान के प्रति सरकार की खटकने वाली अनदेखी
    07 Feb 2022
    कोविड-19 के इस भयानक दौर में यह आशा की जा रही थी कि सरकार न केवल मनरेगा को ज्यादा मजबूती देगी, बल्कि शहरी इलाकों के लिए भी कोई ऐसी ही योजना लाई जाएगी। विगत वित्तीय वर्ष के संशोधित आकलन की तुलना में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License