NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली: स्कूलों में आधार कार्ड और बैंक खातों न होने के कारण 60,000 से अधिक छात्रों की पात्रता अस्वीकार
प्रशासनिक विफलताओं ने अनुसूचित जातियों, जनजातियों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के हज़ारों बच्चों को प्रभावित करेंगे और उनके अधिकारों को खत्म करेंगे |
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 Sep 2018
aadhar card

दिल्ली सरकार के स्कूलों के 64,641 छात्रों के पास बैंक खातें न होने के कारण विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाला पैसा देने से स्कूल इनकार कर रहे हैं। दिल्ली सरकार के आंकड़ों में कहा गया है कि वर्तमान में नामांकित 15,33,750 छात्रों में से 4.2 प्रतिशत के पास बैंक खाते नहीं हैं, जिसके परिणामस्वरूप छात्रवृत्ति और योग्य छात्रों को अन्य फंडों द्वारा मिलने वाले धन को पूरी तरह से रोक दिया गया है । दिलचस्प बात यह है कि बैंक खातों के न होने के मुख्य कारणों में से एक आधार कार्ड का न होना है। बैंक खातों को खोलने की ज़िम्मेदारी स्कूलों को सौंपी गई है जो छात्र के पहचान के लिए एक पत्र जारी करते हैं।

शिक्षा निदेशालय पैसों के वितरण को छोड़कर, अब राशि सीधे छात्रों के बैंक खातों में स्थानांतरित करता है। प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के अलावा, दिल्ली सरकार के स्कूलों में दाखिला लेने वाले छात्रों को वर्दी और स्टेशनरी  के लिए धन मिलता है। वर्तमान मानदंडों के अनुसार कक्षा XI और कक्षा XII के छात्रों को 1,400 रु , कक्षा 9 तक के छात्रों को 1,100 रु  और उससे जूनियर छात्रों 800रु मिलते हैं | 

प्रशासनिक विफलता अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के हज़ारों बच्चों के वज़ीफ़े के मरने की संभावना है। यह पहली बार नहीं है कि आधार कार्ड स्कूलों में प्रवेश और अधिकार प्राप्त करने में बाधा बन गया हो। उत्तर-पूर्व दिल्ली के कई निवासियों ने इस साल मार्च में आरोप लगाया था कि आधार नम्बर  न होने के कारण निगम के स्कूल उन्हें  प्रवेश नहीं दे रहे थे |

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए, एक स्कूल प्रिंसिपल, जिन्होंने नाम न बताने का अनुरोध किया,ने कहा कि सिस्टम में विभिन्न स्तरों पर विसंगतियां मौजूद हैं। उन्होंने कहा, "यदि छात्रों के पास आधार कार्ड नहीं हैं, तो हम उनके माता-पिता से जल्द से जल्द नामांकन करने का अनुरोध करते हैं। पहले हम नकद वितरित करते थे, अब सभी लेन-देन ऑनलाइन किए जाते हैं। खाते के स्तर पर एक और समस्या मौजूद है, यहाँ  मैंने देखा है कि दिल्ली के बाहर से आये लोगों  के पास दिल्ली के बहार का आधार कार्ड होता है ,इस कारण उन छात्रों को भी उनके अधिकारों से वंचित कर दिया जाता है।
 
इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए वरिष्ठ वकील अशोक अग्रवाल ने कहा, छात्र सरकार की ज़िम्मेदारी हैं और स्कूल इस ज़िम्मेदारी से भाग नहीं सकते हैं। उन्होंने कहा, "नीतियों को जानबूझकर जटिल तरीके से तैयार किया गया है। छात्र अपने बैंक खाते को खोलने और अधिकार प्राप्त करने के लिए सभी दस्तावेज क्यों दें ?  स्कूल प्रमाण पत्र बैंक खातों को खोलने के लिए पर्याप्त होना चाहिए। इसमें सभी जानकारियाँ हैं ,जो बैंक खाते खोले जाने के लिए आवश्यक है । यदि आधार संख्या प्रस्तुत किए बिना शून्य खाते खोले जाए, तो मासूम बच्चों को उनके अधिकारों से वंचित होना पड़ेगा "।
 
उन्होंने कहा, "मुझे उन छात्रों में से एक याद है, जिसके पास बैंक खाता नहीं था, जब हम उसके नामांकन के लिए आधार केंद्र गए। कुछ तकनीकी कारणों से,उसकी उंगलियों स्कैन नहीं हुई और आधार केंद्र ने उसको आधार कार्ड देने इनकार कर दिया। फिर ,दिल्ली उच्च न्यायालय में हमारे मुकदमे के बाद वह प्रवेश पाने में सक्षम हुआ था । यह दृष्टिकोण उन नीतियों के उद्देश्य को खत्म कर देता है जो लोगों के कल्याण के  जरूरी हैं। 

Aadhar card
Government schools
sc/st students

Related Stories

आधार को मतदाता सूची से जोड़ने पर नियम जल्द जारी हो सकते हैं : मुख्य निर्वाचन आयुक्त

उत्तराखंड : ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में बंद होते सरकारी स्कूल, RTE क़ानून की आड़ में निजी स्कूलों का बढ़ता कारोबार 

नेट परीक्षा: सरकार ने दिसंबर-20 और जून-21 चक्र की परीक्षा कराई एक साथ, फ़ेलोशिप दीं सिर्फ़ एक के बराबर 

कैसे भारतीय माताओं के लिए निर्धारित 84,000 करोड़ रुपयों से उन्हें वंचित रखा गया

वोटर आईडी और आधार लिंकिंग : वोट कब्ज़ाने का नया हथियार!

चुनाव सुधार बिल दोनों सदनों में पास, विपक्ष ने उठाया निजता के अधिकार का सवाल

सरकार ने बताया, 38 हजार स्कूलों में शौचालयों की सुविधा नहीं

वायु प्रदूषण: दिल्ली में स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय 29 नवंबर से फिर खुलेंगे

स्कूल तोड़कर बीच से निकाल दी गई फोर लेन सड़क, ग्रामीणों ने शुरू किया ‘सड़क पर स्कूल’ अभियान

कोविड-19: बिहार में जिन छात्रों के पास स्मार्ट फोन और इंटरनेट नहीं, वे ऑनलाइन कक्षाओं से वंचित


बाकी खबरें

  • अफ़ज़ल इमाम
    पीके से कांग्रेस की डील क्यों हुई फ़ेल?
    30 Apr 2022
    दिलचस्प बात यह है पीके से कांग्रेस की बातचीत टूटने को लेकर गोदी मीडिया में काफ़ी हायतौबा मची हुई है। यह बताने की कोशिश की जा रही है कि कांग्रेस ने पीके को अपने साथ न लेकर बहुत बड़ी ग़लती कर दी है।
  • भरत डोगरा
    क्यों आर्थिक विकास योजनाओं के बजट में कटौती कर रही है केंद्र सरकार, किस पर पड़ेगा असर? 
    30 Apr 2022
    योजनाबद्ध आर्थिक विकास के बजट में कटौती जारी है क्योंकि अर्थव्यवस्था और समाज के लिए मौजूद दीर्घकालिक लक्ष्यों को अभी के लिए मुल्तवी कर दिया गया है।
  • अनिल जैन
    उमर खालिद पर क्यों आग बबूला हो रही है अदालत?
    30 Apr 2022
    अमरावती के जिस कार्यक्रम में उमर खालिद का भाषण हुआ था, वहां उनका परिचय एक इन्कलाबी और क्रांतिकारी खयालों वाले छात्र नेता के रूप में दिया गया था। उच्च अदालत ने इन दोनों शब्दों (इन्कलाबी और क्रांतिकारी…
  • सीमा शर्मा
    ‘जलवायु परिवर्तन’ के चलते दुनियाभर में बढ़ रही प्रचंड गर्मी, भारत में भी बढ़ेगा तापमान
    30 Apr 2022
    जलवायु वैज्ञानिकों की ओर से किये जा रहे एक ताज़े विश्लेषण में गर्मी की लहरों को जलवायु परिवर्तन से सीधे तौर पर जोड़कर देखा जा रहा है, जबकि इससे यह संकेत मिल रहा है कि जलवायु परिवर्तन ने भारत में…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में लगातार तीसरे दिन कोरोना के 3 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 
    30 Apr 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,688 नए मामले सामने आए हैं | इसमें 43 फ़ीसदी से ज़्यादा यानी 1,607 मामले अकेले दिल्ली से सामने आए हैं | 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License