NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली उच्च न्यायालय से मैंने अपनी आज़ादी जीती है : गौतम नवलखा
दिल्ली उच्च न्यायालय ने गौतम नवलखा को नज़रबंदी से रिहा कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि उनकी हिरासत कानून के तहत 'असमर्थनीय' है।
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
01 Oct 2018
गौतम नवलखा
Image Courtesy: The Hindu

“दिल्ली उच्च न्यायालय से मैंने अपनी आज़ादी जीती है। मेरे लिए इस रोमांच की कोई सीमा नहीं है।” यह शब्द हैं मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा के।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को उन्हें नज़रबंदी से रिहा करने का आदेश दिया। न्यायालय ने कहा कि उनकी हिरासत कानून के तहत 'असमर्थनीय' है।

न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की एक पीठ ने निचली अदालत के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें महाराष्ट्र पुलिस को नवलखा को पुणे ले जाने की इजाजत दी गई थी।

उच्च न्यायालय की पीठ ने हालांकि कहा कि महाराष्ट्र पुलिस कानूनी प्रावधानों के मुताबिक नवलखा के खिलाफ मामले में नए सिरे से कार्रवाई करने के लिए मुक्त है। 

नवलखा को प्रतिबंधित नक्सली समूह के साथ कथित रूप से संबंधों के लिए 28 अगस्त को देश भर में महाराष्ट्र पुलिस द्वारा मारे गए छापों में गिरफ्तार किया गया था। वह गिरफ्तार पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में से एक हैं।

नवलखा को दक्षिणी दिल्ली के नेहरू एंक्लेव के उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था और यहां मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने पुलिस को उन्हें पुणे की अदालत में पेश करने की इजाजत दी थी।

इसके बाद उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र पुलिस को नवलखा को दिल्ली से बाहर नहीं ले जाने का निर्देश दिया था और अगले आदेश तक उन्हें नजरबंद रखने को कहा था।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद गौतम नवलखा ने अपने एक बयान में कहा कि “मैं  सुप्रीम कोर्ट के सहमत और असहमत न्यायाधीशों को उनके फैसले के लिए शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, जिनकी वजह से इस मामले में राहत पाने के लिए हमें चार सप्ताह का समय दिया गया और मैं जन भावना से जुड़े उन वकीलों और नागरिकों का भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ जिन्होनें हमारी तरफ से एक साहसिक लड़ाई लड़ी। इन यादों को मैं हमेशा संजोकर रखूंगा। इस एकजुट प्रतिबद्धता से मैं अभिभूत हूं जो सीमाओं के पार जाकर हमारे लिए समर्थन जुटाती है।  दिल्ली उच्च न्यायालय से मैंने अपनी आज़ादी जीती है। मेरे लिए इस रोमांच की कोई सीमा नहीं है।”

(कुछ इनपुट आईएएनएस)

gautam navlakha
Delhi High court
Bhima Koregaon

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

इतवार की कविता: भीमा कोरेगाँव

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!

भीमा कोरेगांव: HC ने वरवर राव, वर्नोन गोंजाल्विस, अरुण फरेरा को जमानत देने से इनकार किया

‘मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूँ’, फ़ादर स्टैन स्वामी लिखित पुस्तक का हुआ लोकार्पण

एनआईए स्टेन स्वामी की प्रतिष्ठा या लोगों के दिलों में उनकी जगह को धूमिल नहीं कर सकती

अदालत ने वरवर राव की स्थायी जमानत दिए जाने संबंधी याचिका ख़ारिज की

भीमा कोरेगांव: बॉम्बे HC ने की गौतम नवलखा पर सुनवाई, जेल अधिकारियों को फटकारा

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़


बाकी खबरें

  • kisan
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसानों ने देश को संघर्ष करना सिखाया - अशोक धवले
    25 Dec 2021
    किसान आंदोलन ने इस देश के मजदूरों और किसानों को नई हिम्मत दी है। ऑल इंडिया किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धवले ने न्यूज़क्लिक के साथ ख़ास बातचीत में कहा कि आंदोलन के कामयाब होने की बुनियादी शर्त…
  • yogi
    अजय कुमार
    योगी सरकार का काम सांप्रदायिकता का ज़हर फैलाना है या नौजवानों को बेरोज़गार रखना?
    25 Dec 2021
    उत्तर प्रदेश का चुनावी माहौल हिंदू-मुस्लिम धार पर बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है। तो आइए इस नफ़रत के माहौल को काटते हुए उत्तर प्रदेश की बेरोज़गारी पर बात करते हैं।
  • manipur
    शशि शेखर
    मणिपुर : ड्रग्स का कनेक्शन, भाजपा और इलेक्शन
    25 Dec 2021
    मणिपुर में ड्रग कार्टेल और भाजपा नेताओं की उसमे संलिप्तता की कई खबरें आ चुकी हैं। टेररिस्ट संगठन से लिंक के आरोपी, थोनाजाम श्याम कुमार सिंह, 2017 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हैं। विधायकी की…
  • up
    सत्येन्द्र सार्थक
    यूपी चुनाव 2022: पूर्वांचल में इस बार नहीं हैं 2017 वाले हालात
    25 Dec 2021
    पूर्वांचल ख़ासकर गोरखपुर में सभी प्रमुख पार्टियां अपनी जीत का दावा कर रही हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में गोरखपुर ज़िले की 9 सीटों में से 8 पर भाजपा ने जीत हासिल की थी, लेकिन जानकारों का मानना है कि…
  • bhasha singh
    भाषा सिंह
    बात बोलेगी : दरअसल, वे गृह युद्ध में झोंकना चाहते हैं देश को
    24 Dec 2021
    हरिद्वार में 17 से 19 दिसंबर 2021 तक चली बैठक को धर्म संसद का नाम देने वाले वे सारे उन्मादी मारने-काटने की बात करने वाले, ख़ुद को स्वामी और साध्वी कहलाने वाले शख़्स दरअसल समाज को उग्र हिंदु राष्ट्र के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License