NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली विश्विद्यालय छात्र संघ चुनाव: उम्मीदवार की अपहरण की कोशिश
एसएफआई ने आरोप लगाया है कि उनके दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डीयूएसयू) चुनाव के लिए अध्यक्ष पद के उम्मीदवार आकाशदीप त्रिपाठी के अपहरण करने का प्रयास हुआ और उन पर जानालेवा हमला किया गया।
मुकुंद झा
03 Sep 2018
DUSU
Image Courtesy: India TV

बीते शनिवार को जब एसएफआई के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार आकाशदीप त्रिपाठी अपना नामाकंन दाखिल करने के लिए जा रहे थे, तब उनपर कुछ लोगों ने हमला किया और उनको चुनावों से अपना नाम वापस लेने के लिए कहा गया| ये हमला कॉन्फ्रेंस हॉल के बाहर हुआ थाI इस हमले का नेतृत्व डीयूएसयू अध्यक्ष पद के उम्मीदवार आकाश चौधरी और पूर्व एनएसयूआई उम्मीदवार प्रदीप विजयरन ने किया था।

एसएफ़आई दिल्ली राज्य कमेटी ने अपने बयान में कहा है कि “इस हमले को मौजूदा एनएसयूआई उम्मीदवार आकाश चौधरी ने प्रेरित किया था, जिन्होंने अपने गुंडों को अपहरण के लिए भेजा था। जब वे अपहरण करने के अपने प्रयास में असफल रहे तो डंडो के साथ सौ से अधिक छात्रों की एक भीड़ ने कॉन्फ्रेंस हॉल में प्रवेश किया और क्रूरता से आकाशदीप पर शारीरिक हमला किया और अन्य एसएफआई कार्यकर्ताओं पर भी हमला कियाI आकाश के सिर और चेहरे पर गंभीर चोट लगी, हमले के बाद से ही वो मानसिक सदमे की स्थिति है”।

दिल्ली विश्विद्यालय के चुनावो में हिंसा

दिल्ली विश्वविद्यालय के लिए ये कोई नई घटना नहीं हैI पिछले कई वर्षों से देखा जा रहा है कि किसी तरह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), NSUI या फिर आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई CYSS, इन सबके द्वारा छात्र संघ के चुनाव में खुलकर के धन-बल और बाहुबल का प्रयोग होते है| किसी प्रकार से अपने विपक्षी उम्मीदवार को डरा-धमका कर चुनाव से बाहर करने की कोशिश रहती है| 

इससे पहले भी 2015 के चुनावों में नई आई CYSS ने भी खूब उत्पात मचाया था| उस चुनाव में खुद आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री CYSS के चुनावी चेहर के रूप सामने आऐ थे| पूरी दिल्ली में इन्होने पैसा पानी की तरह बहाया था और NSUI  ने आरोप लगाया था की उनके तत्कालीन डूसू के अध्यक्ष पद के उम्मिदिवर पर पर CYSS के लोगों ने जानलेवा हमला किया और इसकी तस्वीर भी खूब वायरल हुई थी| फिर भी ये चुनाव बुरी तरह से हारे थे| 

पिछले साल भी इसी तरह की घटना हुई थी, जब स्वतंत्र उम्मीदवार राजा चौधरी को नामांकन दाखिल करने के बाद ही उनका अपहरण हो गया थाI राजा चौधरी ने इसके लिए ABVP के तत्कालीन उम्मीदवार रजत चौधरी पर आरोप लगाया था| जिसके बाद उन्हें दिल्ली पुलिस द्वारा सुरक्षा दी गई थी| जिसके बाद उन्होंने अपना चुनाव अभियान पूरा किया था | वो हारे परन्तु उनके साहस की खूब तारीफ हुई थी|

सुरक्षा के पुख्ता इन्तेजाम नहीं

इन सब घटनाओं के बाद भी इस साल ऐसी घटना को रोकने के लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी। घटनास्थल पर मौजूद छात्रों ने बताया कि घटना के 15 मिनट बाद पुलिस पहुँची, जबकि पुलिस स्टेशन घटना के स्थान से केवल 100 मीटर दूर है।  एसएफआई के राज्य सचिव प्रशांत मुखर्जी ने बताया जब पुलिस पहुंची, तो विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने इसे दो छात्रों के संगठन के बीच झड़प के रूप में दर्शाने का प्रयास किया |

आगे प्रशांत कहते है कि “विश्वविद्यालय के अधिकारियों और पुलिस की उपस्थिति में हमारे उम्मीदवार आकशदीप को अपहरण और जान से मारने की धमकी दी गई। इससे साफ लग रहा था कि विश्वविद्यालय इन मामलों को लेकर कितना गंभीर है, वो साफतौर पर इन गुंडों को बचाने की कोशिश कर रहा है| हम अपने उम्मीदवारों को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने की भी माँग करते हैं क्योंकि उनकी जान को भी खतरा है और सभी हमलावर अभी भी खुले घूम रहे हैं”।

इस बार का डूसू चुनाव हुआ रोचक

इस बार के चुनाव में पहले की तरह ही ABVP और NSUI सभी पदों पर अपने उम्मीदवार उतरेंगेI लेकिन अभी उम्मीदवारों के नाम तय नहीं हुए है| एसफआई के नेतृत्व में एक लेफ्ट यूनाइटेड पैनल बन रहा है जिसमे AIDSO और AISF भी शामिल हैं| परन्तु इन सबमें सबसे बड़ी और सबसे चौंकाने वाली खबर है कि दिल्ली विश्विद्यालय में सबसे बड़ा लेफ्ट छात्र इकाई आइसा ने दिल्ली में सत्ताधरी आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई CYSS से हाथ मिला लिया |

बाकि लेफ्ट छात्र संगठनो ने आइसा पर लेफ्ट यूनिट को तोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि आइसा का ये कदम भविष्य में उनके लिए घातक सिद्ध होगा, क्योंकि CYSS के साथ मिलकर आप ABVP और NSUI धन और बाहुबल से नहीं लड़ सकते| 

इस गठबंधन पर आइसा का कहना है कि यह एक चुनावी गठबंधन है और हमारी वैचरिक स्तर पर कई भिन्नता है| 

DUSU
students union elections
students' politics

Related Stories

दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने वेतन नहीं मिलने के विरोध में की हड़ताल

दिल्ली विश्वविद्यालय: हाईकोर्ट ने कहा, 'शिक्षकों को ऐसे परेशान होते नहीं छोड़ा जा सकता है'

डूसू चुनाव: अध्यक्ष समेत तीन पदों पर ABVP काबिज़, सचिव पद NSUI के हिस्से में

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में क्या होने वाला है?

डूसू चुनाव 2019: SFI और AISF ने ABVP पर हमले और उनके नामांकन फॉर्म फाड़ने का लगाया आरोप 

फर्जी डिग्री मामला : क्या एबीवीपी और अंकिव को बचाना चाहता है डीयू?

हरियाणा: "सरकार द्वारा छात्रसंघ चुनाव का औचित्य खत्म करने की कोशिश"

फ़र्ज़ी डिग्री प्रकरण : अंकिव, एबीवीपी और डीयू तीनों कठघरे में

जेएनयू फिर हुआ लाल, छात्र संघ के चारों पदों पर वाम मोर्चे की जीत

इस बार के डूसू चुनाव में क्या था नया?


बाकी खबरें

  • न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    संतूर के शहंशाह पंडित शिवकुमार शर्मा का मुंबई में निधन
    10 May 2022
    पंडित शिवकुमार शर्मा 13 वर्ष की उम्र में ही संतूर बजाना शुरू कर दिया था। इन्होंने अपना पहला कार्यक्रम बंबई में 1955 में किया था। शिवकुमार शर्मा की माता जी श्रीमती उमा दत्त शर्मा स्वयं एक शास्त्रीय…
  • न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    ग़ाज़ीपुर के ज़हूराबाद में सुभासपा के मुखिया ओमप्रकाश राजभर पर हमला!, शोक संतप्त परिवार से गए थे मिलने
    10 May 2022
    ओमप्रकाश राजभर ने तत्काल एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के अलावा पुलिस कंट्रोल रूम, गाजीपुर के एसपी, एसओ को इस घटना की जानकारी दी है। हमले संबंध में उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया। उन्होंने कहा है कि भाजपा के…
  • कामरान यूसुफ़, सुहैल भट्ट
    जम्मू में आप ने मचाई हलचल, लेकिन कश्मीर उसके लिए अब भी चुनौती
    10 May 2022
    आम आदमी पार्टी ने भगवा पार्टी के निराश समर्थकों तक अपनी पहुँच बनाने के लिए जम्मू में भाजपा की शासन संबंधी विफलताओं का इस्तेमाल किया है।
  • संदीप चक्रवर्ती
    मछली पालन करने वालों के सामने पश्चिम बंगाल में आजीविका छिनने का डर - AIFFWF
    10 May 2022
    AIFFWF ने अपनी संगठनात्मक रिपोर्ट में छोटे स्तर पर मछली आखेटन करने वाले 2250 परिवारों के 10,187 एकड़ की झील से विस्थापित होने की घटना का जिक्र भी किया है।
  • राज कुमार
    जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप
    10 May 2022
    सम्मेलन में वक्ताओं ने उन तबकों की आज़ादी का दावा रखा जिन्हें इंसान तक नहीं माना जाता और जिन्हें बिल्कुल अनदेखा करके आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। उन तबकों की स्थिति सामने रखी जिन तक आज़ादी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License