NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्लीः रिहायशी सड़कों पर वाहन पार्क करने पर अब देना होगा चार्ज
'दिल्ली मेंटिनेंस एंड मैनेजमेंट ऑफ पार्किंग रूल्स 2017' को उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मंज़ूरी दे दी। इसके लागू होते ही सभी सार्वजनिक स्थलों पर वाहन पार्क करने पर चार्ज देना होगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Feb 2018
Illegal Parking

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में पार्किंग नीति के अधिसूचना को मंज़ूरी दे दी। इसके तहत कमर्शियल तथा रिहायशी वाहनों से सार्वजनिक स्थलों पर पार्क करने पर चार्ज लिया जाएगा। ये प्रस्तावित नियम राजधानी के सभी पार्किंग स्थलों और सार्वजनिक स्थलों जैसे सिनेमा हॉल, अस्पताल, मॉल आदि जगहों पर लागू होंगे।

'दिल्ली मेंटिनेंस एंड मैनेजमेंट ऑफ पार्किंग रूल्स 2017' की अधिसूचना पर एक महीने जनता से सुझाव लिया जाएगा। इसके बाद दिल्ली सरकार का परिवहन विभाग मसौदे में आवश्यकता के अनुसार ज़रूरी बदलाव करेगा और संभवतः मार्च तक ये नियम लागू हो जाएगा।

इस मसौदे को मोटर वाहन अधिनियम- 1988, दिल्ली नगर निगम अधिनियम-1957, दिल्ली मोटर वाहन नियम-1993 और सड़क नियमों के नियमन-1989 सहित विभिन्न क़ानूनी प्रावधानों के तहत तैयार किया गया। इसमें पार्किंग क्षेत्रों को छोड़कर अन्य स्थानों पर वाहन पार्क करने पर जुर्माने का प्रावधान है। इस मसौदे के तहत ग़ैर-क़ानूनी पार्किंग आपराधिक कृत्य होगा।

एक अधिकारी ने कहा कि नियम के अनुसार "अवैध रूप से पार्क किए गए सभी वाहनों को उठा लिया जाएगा और बड़ी संख्या में नए क़ानूनी पार्किंग को जल्द ही उपलब्ध कराया जाएगा।"

रिहायशी सड़कों और गलियों के लिए पार्किंग नीति

दिल्ली में सीमित पार्किंग की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए रिहायशी सड़कों पर पार्किंग की प्राथमिकता वहां के निवासियों और आगंतुकों को दी गई। इन सड़कों पर वे केवल रात के समय में ही वाहन पार्क कर सकते हैं जिसके शुल्क का निर्धारण स्थानीय निकाय करेंगे। हालांकि किसी भी एक परिवार को दो-तीन कार से ज़्यादा पार्क करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर इसकी संख्या निर्धारित सीमा से ज़्यादा हो जाती है तो नियम के अनुसार अधिक पार्किंग शुल्क लगाया जाएगा, रिहायशी सार्वजनिक सड़कों पर दिन के समय में पार्किंग करने पर शुल्क ज़्यादा लगेगा।

रिहायशी सड़कों पर पार्किंग की अनुमति के मानदंडों पर आख़िरी फ़ैसला स्थानीय निकायों पर निर्भर करेगा। इसके अलावा स्थानीय निकाय आस-पास के रिहायशी इलाक़ों के खुली जगहों के इस्तेमाल और शटल सेवाओं के इस्तेमाल पर विचार कर सकते हैं।

वाणिज्यिक सड़कें

अब तक एमसीडी द्वारा 980 सड़कों को वाणिज्यिक सड़कों के रूप में अधिसूचित किया गया था। नए मसौदे में इन सड़कों के लिए पार्किंग मानदंडों पर पुनर्विचार किया गया। मसौदे के अनुसार "ट्रैफिक पुलिस और अन्य विशेषज्ञों के एक पैनल की सिफारिश पर पर्याप्त सड़क की चौड़ाई जहां होगी वहां पार्किंग शुल्क के साथ निर्धारित सड़कों पर ऑन-स्ट्रीट पार्किंग की अनुमति दी जानी चाहिए।"

बहु-स्तरीय कार पार्किंग को बढ़ावा देते हुए ये नियम अल्पकालिक पार्किंग को प्रोत्साहित करता है। ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग की तुलना में ऑन-स्ट्रीट पार्किंग के लिए लगाया जाने वाला शुल्क तीन गुना हो सकता है और वहीं 3 घंटे से ज़्यादा समय होने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

कमर्शियल परमिट वाले वाहनों के लिए पार्किंग स्थलों की स्थिति

दिल्ली में लगभग 1.5 लाख गुड्स वाहन, एक लाख ऑटो रिक्शा, 80,000 से ज़्यादा टैक्सियाँ, क़रीब एक लाख ई-रिक्शा और अन्य वाहनों समेत लगभग 6 लाख कमर्शियल वाहन पंजीकृत हैं। मौजूदा वाहनों को लेकर मसौदे में उल्लेख किया गया कि "पार्किंग के लिए उचित स्थान की उपलब्धता सुनिश्चित किए बिना उनके पंजीकरण की अनुमति दी गई, मौजूदा वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था की जानी चाहिए।"

मसौदे में दर्ज किया गया है कि "बसों, ट्रकों, पर्यटक बसों, वैन, पानी के टैंकरों, कंटेनर, लॉरी आदि को निर्धारित सड़कों पर रात भर की पार्किंग की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए उन्हें स्थानीय निकायों/पीडब्ल्यूडी को कुछ भुगतान करना होगा ताकि अव्यवस्थित पार्किंग को रोका जा सके।"

इन नियमों के कार्यान्वयन और अनुपालन की समीक्षा के लिए दिल्ली के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति का गठन किया जाएगा। इस नियम के तहत नागरिक निकायों के डिप्टी कमिश्नर, नई दिल्ली नगर परिषद अध्यक्ष, डीडीए और कैन्टोनमेंट के सीईओ को क्षेत्रीय पार्किंग योजना तैयार करने की ज़िम्मेदारी दी गई है।

 

Illegal Parking
Delhi
Parking Policy
DDA
MCD
Environmental Pollution

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

धनशोधन क़ानून के तहत ईडी ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

मुंडका अग्निकांड : 27 लोगों की मौत, लेकिन सवाल यही इसका ज़िम्मेदार कौन?

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'


बाकी खबरें

  • bose
    प्रबीर पुरकायस्थ
    मोदी सरकार और नेताजी को होलोग्राम में बदलना
    28 Jan 2022
    बोस की सच्ची विरासत को उनकी होलोग्राफिक छवि के साथ खत्म कर देना : बिना किसी सार और तत्व के प्रकाश तथा परछाइयों का खेल। यह लगातार मोदी सरकार की वास्तविक विरासत बनती जा रही है!
  • Taliban
    एम. के. भद्रकुमार
    पश्चिम ने तालिबान का सहयोजन किया 
    28 Jan 2022
    अफगानिस्तान में हो रही घटनाओं पर प्रतिबिंबों की श्रंखला में इस बार के लेख में इंगित  किया गया है कि कैसे पश्चिमी राजनयिकों और तालिबान अधिकारियों के एक कोर ग्रुप के बीच ओस्लो में हुए तीन दिवसीय…
  • up elections
    महेश कुमार
    यूपी चुनाव: पश्चिमी यूपी के लोग क्यों भाजपा को हराना चाहते हैं?
    28 Jan 2022
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है और किसान आंदोलन का गढ़ है। चर्चा से तो लगता है कि लोग बदलाव चाहते हैं।
  • fact check
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः योगी का दावा ग़लत, नहीं हुई किसानों की आय दोगुनी
    28 Jan 2022
    सदन में कृषि मंत्री का लिखित जवाब और नेशनल सैंपल सर्वे दोनों ही बताते हैं कि यूपी के किसानों की आय में 2015-16 की अपेक्षा मात्र 3 रुपये मासिक की वृद्धि हुई है।
  • covid
    डॉ. ए.के. अरुण
    बजट 2022-23: कैसा होना चाहिए महामारी के दौर में स्वास्थ्य बजट
    28 Jan 2022
    कुछ अपवादों को छोड़ दें तो 85 फ़ीसद अस्पताल और उपचार केन्द्र धन के अभाव में महज़ ढाँचे के रूप में खड़े हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License