NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
भारत
राजनीति
डीयू : शिक्षक संघ के चुनाव में फिर से वाम दलों की जीत
29 अगस्त को दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के 2019 चुनाव हुए। वाम संगठन डीटीएफ़ के राजीब रे ने इस बार भी अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है। 
सुमेधा पाल
30 Aug 2019
DUTA
Image courtesy:Lokmat News Hindi

दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ यानी DUTA के 2019 के चुनाव पूरे हो चुके हैं। इस साल के चुनाव में वाम संगठन डीटीएफ़ और आरएसएस के संगठन एनडीटीएफ़ में कड़ी टक्कर रही। जिसके बाद अध्यक्ष पद के लिए डीटीएफ़ के उम्मीदवार राजीब रे की जीत हुई। राजीब पिछली बार के चुनाव में भी अध्यक्ष चुने गए थे। 

अध्यक्ष पद के लिए कुल 7748 वोट डाले गए थे, जिसमें से 518 वोट अमान्य होने के बाद एनडीटीएफ़ के एके भागी 3481 और डीटीएफ़ के राजीब रे को 3750 वोट मिले। 

चूंकि कांग्रेस ने इस बार का चुनाव लड़ा ही नहीं तो ये चुनावी जंग वाम दलों और दक्षिणपंथी संगठनों के बीच था। 

डीटीएफ़ पिछले 4 बार से डीयूटीए के अध्यक्ष पद पर जीत रहा है। और इस बार राजीब रे के अलावा 3 और पदों पर डीटीएफ़ की विजय हुई है। 

अन्य पदों की बात करें तो एनडीटीएफ़ ने 4 और एएडी ने 3 पदों पर जीत हासिल की है। 

इस साल के चुनावी एजेंडे का ध्यान EWS कोटा, शिक्षकों को पेरमानेंट करने और National eduactional policy की तरफ़ रहा।

पिछले चार बार से चुनाव जीत रही डीटीएफ़ में राजीब रे के अलावा 3 और पदों पर जीत हासिल की। डीटीएफ़ की प्रो आभा देव हबीब ने 9057 वोट के जीत हासिल की। एनडीटीएफ़ के महेंद्र कुमार मीणा भी विजयी रहे, जिनके 8168 वोट थे। वीएस दीक्षित और जितेंद्र कुमार मीणा ने कार्यकारिणी में जीत हासिल की है। डीटीएफ़ ने कहा है कि उसने लगातार शिक्षकों के अधिकारों के लिए आंदोलन किए हैं।

डीटीएफ़ के एक बयान में ये भी कहा गया कि उसने लगातार सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किए हैं। कॉलेज को पैसे कमाने का ज़रिया बनाना और इसका निजीकरण करना सरकार की नीतियों में शामिल है। 

इससे पहले डीटीएफ़ ने 200 पॉइंट रोस्टर के ख़िलाफ़ भी प्रदर्शन किए थे और शिक्षकों-स्टाफ़ की पेंशन संबंधी दिक़्क़तों पर भी ध्यान दिया था। 

कुछ वक़्त पहले न्यूज़क्लिक से बात करते हुए आभा देव हबीब ने कहा था, "मुझे लगता है कि हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहाँ शिक्षक, छात्र और कर्मचारी सब अपनी-अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। 

इसलिए हम शिक्षकों की लड़ाई ऐसे किसी संगठन के हाथ में नहीं दे सकते जिसने ख़ुद को सत्ता के साथ जोड़ लिया है।"

ये चुनाव ऐसे दौर में हुए थे जब कुछ ही समय पहले एकेडमिक काउंसिल की मीटिंग में एनडीटीएफ़ ने पढ़ाई जा रही किताबों में बदलाव करने की मांग की थी, जिसमें वीडी सावरकर को शामिल करना और गोधरा कांड से जुड़े विषयों को बाहर निकालने की बात की गई थी। 

पिछले चुनाव जो 2017 में हुए थे उसमें भी डीटीएफ़ के राजीब रे अध्यक्ष चुने गए थे और उनको 2636 वोट हासिल हुए थे। 2017 में भी एनडीटीएफ़ को 4 सीटें हासिल हुई थीं।

वाम दल इसलिए भी मज़बूत हुआ क्योंकि उसे एससी/एसटी शिक्षक संगठनों का साथ मिला था। 

DUTA election
DUTA
Rajib Ray
Abha Dev Habib
Left unity
Delhi University
du
NDTF

Related Stories

दिल्ली: दलित प्रोफेसर मामले में SC आयोग का आदेश, DU रजिस्ट्रार व दौलत राम के प्राचार्य के ख़िलाफ़ केस दर्ज

डीयूः नियमित प्राचार्य न होने की स्थिति में भर्ती पर रोक; स्टाफ, शिक्षकों में नाराज़गी

‘धार्मिक भावनाएं’: असहमति की आवाज़ को दबाने का औज़ार

कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट को लेकर छात्रों में असमंजस, शासन-प्रशासन से लगा रहे हैं गुहार

यूजीसी का फ़रमान, हमें मंज़ूर नहीं, बोले DU के छात्र, शिक्षक

नई शिक्षा नीति ‘वर्ण व्यवस्था की बहाली सुनिश्चित करती है' 

शिक्षाविदों का कहना है कि यूजीसी का मसौदा ढांचा अनुसंधान के लिए विनाशकारी साबित होगा

SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई

डीयू कैंपस खोलने की मांग और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विरोध में छात्र-शिक्षकों का प्रदर्शन

डीयू: कैंपस खोलने को लेकर छात्रों के अनिश्चितकालीन धरने को एक महीना पूरा


बाकी खबरें

  • शिरीष खरे
    कोरोना लॉकडाउन के दो वर्ष, बिहार के प्रवासी मज़दूरों के बच्चे और उम्मीदों के स्कूल
    16 Apr 2022
    सरकारी स्कूलों में खास तौर से गरीब परिवारों के बच्चे बड़ी तादाद में आ रहे हैं। इनमें से कई बच्चे प्रवासी मजदूर परिवारों से हैं।
  • न्यायमूर्ति के चंद्रू
    जय भीम: माई जजमेंट इन द लाइट ऑफ़ अंबेडकर
    16 Apr 2022
    2 नवंबर, 2021 को दुनिया भर में विकिपीडिया में जिन शब्दों को सर्च किया गया था, उनमें सबसे लोकप्रिय शब्द जय भीम था।
  • मुकुंद झा
    दिल्ली पुलिस का ये कहना कि धर्म संसद में हेट स्पीच नहीं हुई, दुर्भाग्यपूर्ण है: पूर्व आईपीएस अधिकारी
    16 Apr 2022
    पूर्व आईपीएस अधिकारी विभूति नारायण राय ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में दिल्ली पुलिस के रवैये पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए इसे काफी दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि पुलिस नफ़रती भाषण देने वालों पर कार्रवाई नहीं…
  • विजय विनीत
    प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!
    16 Apr 2022
    घटनास्थल को देखकर लग रहा था कि मरने से पहले सभी ने हमलावरों का प्रतिरोध किया था। चारों के शवों पर कपड़े अस्त-व्यस्त हो गए थे। इस वारदात को खुदकुशी का एंगल भी देने की कोशिश की गई है।
  • पी.रमन
    कैसे चुनावी निरंकुश शासकों के वैश्विक समूह का हिस्सा बन गए हैं मोदी और भाजपा
    16 Apr 2022
    मोदी और भाजपा को बड़े पैमाने पर कॉरपोरेट फंडिंग, बड़े बजट के सोशल मीडिया और ग्राउंड नेटवर्क और अंततः हिंदी समाचार चैनल के कट्टर एंकरों और मालिकों का समर्थन हासिल हो चुका है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License