NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दलित छात्रा संजलि को इंसाफ के लिए भीम आर्मी आगे आई, भारत बंद की चेतावनी
भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आज़ाद ने सीधी चेतावनी दी है कि अगर तीन दिन के भीतर संजलि के हत्यारें न पकड़े गए तो पूरा देश बंद कर दिया जाएगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Dec 2018
JusticeForSanjali

उत्तर प्रदेश के आगरा में दलित किशोरी संजलि को ज़िंदा जलाने की घटना ने एक बार फिर इंसाफ पसंद लोगों को भीतर तक हिला दिया है। दलित समुदाय में इसको लेकर बेहद गुस्सा है। भीम आर्मी ने प्रशासन को संजलि के हत्यारों की गिरफ़्तारी के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है।

भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आज़ाद ने सीधी चेतावनी दी है कि अगर तीन दिन में संजलि के हत्यारें न पकड़े गए तो पूरा देश बंद कर दिया जाएगा।   

आपको बता दें कि देश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हिंसा थम नहीं रही है।

आगरा में मंगलवार को न्यू आगरा थाना इलाके में कोचिंग जा रही बीटेक की एक छात्रा को अगवा कर चार युवकों ने गैंगरेप किया और उसी दिन आगरा के ललाउ गांव के पास दो युवकों ने 15 साल की दलित लड़की संजलि को आग के हवाले किया था,  जिसकी बाद में इलाज के दौरान दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई।

इसे भी पढ़ें : आगरा में बीटेक की छात्रा से गैंगरेप

समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, आगरा से 20 किलोमीटर दूर ललाउ गांव के पास मंगलवार को बाइक सवार दो युवकों ने संजलि को रोक कर उसके ऊपर पेट्रोल छिड़कर उसे आग लगा दी। वह उस समय ललाउ गांव में घर जा रही थी। इस दौरान वह आग से 75 फीसदी झुलस गई थी। गंभीर हालत में पहले उसे आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहां से उसे दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल भेज दिया गया।  पुलिस के मुताबिक 36 घंटों तक जिंदगी के लिए संघर्ष करने के बाद बुधवार रात उसने दम तोड़ दिया। संजलि दसवीं की छात्रा थी।

पुलिस ने कहा कि आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई है। और केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।

इन घटनाओं ने यूपी की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोई दिन नहीं जाता जब यूपी में इस तरह की वारदात सुनने को नहीं मिलती।

“बहुत हुआ नारी पर वार, अबकी बार भाजपा सरकार” इस प्रमुख नारे के साथ ही यूपी में योगी सरकार सत्ता में आई थी। लेकिन नई सरकार बनने के बाद भी हालात में कोई सुधार नहीं आया है, बल्कि हालत दिन-प्रतिदिन और ख़राब होती जा रही है।

इसे भी पढ़ें : महिलाओं के लिए वास्तव में ख़तरनाक होता जा रहा है उत्तर प्रदेश

संजलि को ज़िंदा जलाने की घटना ने दलित समाज के भीतर डर और गुस्सा भर दिया है। दलित अधिकारों के लिए लड़ने वाली भीम आर्मी ने इस घटना पर बेहद आक्रोष जताया है।

भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आज़ाद ने एक वीडियो जारी कर इस घटना पर गहरा दुख और गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने बताया कि इस घटना की जानकारी मिलने पर जब वे अस्पताल पहुंचे तो बच्ची का पोस्टमार्टम हो चुका था। चंद्रशेखर के मुताबिक ये घटना इसलिए हुई क्योंकि कुछ लोग एससी-एसटी एक्ट का विरोध करना चाहते हैं, इस कानून को काला कानून कहते हैं। ऐसे ही लोग कानूनों के साथ खिलवाड़ करते हैं और संविधान को कमज़ोर करना चाहते हैं। लेकिन वह ऐसा नहीं होने देंगे।  

उन्होंने कहा कि वे पीड़ित परिवार से मिलने आगरा जाएंगे।

उन्होंने इस मामले के आरोपियों की गिरफ़्तारी की मांग करते हुए आगरा पुलिस प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर तीन दिन के अंदर हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो पूरे देश को बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमें संजलि के लिए इंसाफ चाहिए और उसे इंसाफ दिलाने के लिए वे कोई भी परिणाम भुगतने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हम कमज़ोर नहीं हैं, हमारी बहनें कमज़ोर नहीं है, हम बस संविधान का पालन करते हैं और मानवता और अहिंसा को मानते हैं। उन्होंने कहा कि ये देश हमारा है और हम इसे बचाना चाहते हैं। लेकिन अब अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने अपने समर्थकों से सोशल मीडिया पर भी संजलि को इंसाफ के लिए ‪#‎JusticeForSanjali अभियान चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार से भी ऐसी ही एक सूचना मिली है कि वहां भी एक दलित लड़के की हत्या हुई है भीम आर्मी उसके लिए भी इंसाफ की लड़ाई लड़ेगी।

 

violence against women
Uttar pradesh
agra
crimes against women
Attack on dalits
Dalit atrocities
bheem army
JusticeForSanjali‬

Related Stories

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही मस्जिद ईदगाह प्रकरण में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

जौनपुर: कालेज प्रबंधक पर प्रोफ़ेसर को जूते से पीटने का आरोप, लीपापोती में जुटी पुलिस

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

उपचुनाव:  6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में 23 जून को मतदान


बाकी खबरें

  • अनिल सिन्हा
    उत्तर प्रदेशः हम क्यों नहीं देख पा रहे हैं जनमत के अपहरण को!
    12 Mar 2022
    हालात के समग्र विश्लेषण की जगह सरलीकरण का सहारा लेकर हम उत्तर प्रदेश में 2024 के पूर्वाभ्यास को नहीं समझ सकते हैं।
  • uttarakhand
    एम.ओबैद
    उत्तराखंडः 5 सीटें ऐसी जिन पर 1 हज़ार से कम वोटों से हुई हार-जीत
    12 Mar 2022
    प्रदेश की पांच ऐसी सीटें हैं जहां एक हज़ार से कम वोटों के अंतर से प्रत्याशियों की जीत-हार का फ़ैसला हुआ। आइए जानते हैं कि कौन सी हैं ये सीटें—
  • ITI
    सौरव कुमार
    बेंगलुरु: बर्ख़ास्तगी के विरोध में ITI कर्मचारियों का धरना जारी, 100 दिन पार 
    12 Mar 2022
    एक फैक्ट-फाइंडिंग पैनल के मुतबिक, पहली कोविड-19 लहर के बाद ही आईटीआई ने ठेके पर कार्यरत श्रमिकों को ‘कुशल’ से ‘अकुशल’ की श्रेणी में पदावनत कर दिया था।
  • Caste in UP elections
    अजय कुमार
    CSDS पोस्ट पोल सर्वे: भाजपा का जातिगत गठबंधन समाजवादी पार्टी से ज़्यादा कामयाब
    12 Mar 2022
    सीएसडीएस के उत्तर प्रदेश के सर्वे के मुताबिक भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों ने यादव और मुस्लिमों को छोड़कर प्रदेश की तकरीबन हर जाति से अच्छा खासा वोट हासिल किया है।
  • app based wokers
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: डिलीवरी बॉयज का शोषण करती ऐप कंपनियां, सरकारी हस्तक्षेप की ज़रूरत 
    12 Mar 2022
    "हम चाहते हैं कि हमारे वास्तविक नियोक्ता, फ्लिपकार्ट या ई-कार्ट हमें नियुक्ति पत्र दें और हर महीने के लिए हमारा एक निश्चित भुगतान तय किया जाए। सरकार ने जैसा ओला और उबर के मामले में हस्तक्षेप किया,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License