NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दलित कांस्टेबल और उनके परिवार की आत्म हत्या ,सामाजिक संगठन बोले "ये संस्थागत हत्या है"
"गेनाराम और उनके परिवार के डेथ वारंट पर इस पूरी व्यवस्था के दस्तखत हैं I”
ऋतांश आज़ाद
24 Jan 2018
protest

21 जनवरी को राजस्थान के नागौर ज़िले के एक गाँव में एक दलित कांस्टेबल गेनाराम और उनके परिवार ने आत्महत्या कर ली I राजस्थान के मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि ये संस्थानिक हत्या है I मौत से पहले उन्होंने एक “सुसाइड नोट” लिखा, जिसमें बताया गया कि किस तरह उनका और उनके परिवार का उच्च अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा था I

इस मामले के खिलाफ 23 जनवरी को जयपुर में मानवाधिकार और दलित संगठनों ने पुलिस मुख्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया I उनकी माँग है कि इसके ज़िम्मेदार सभी पुलिस अधिकारियों (जिनमें नागौर के SP, APP और थाना इंचार्ज शामिल हैं) के खिलाफ मामले दर्ज़ होने चाहिए और इन सभी पर SC/ST एक्ट की धाराएँ भी लगाई जानी चाहिए I संगठन ये भी  माँग कर रहे हैं कि गेनाराम के पिता को 50 लाख़ का मुआवज़ा दिया जाए I

गेनाराम के “सुसाइड नोट” के मुताबिक 2012 में जब वह पुलिस लाइन में रहते थे तब उनके पड़ोस के घर में उनके सीनियर ASI राधाकिशन माली रहने आये I उनके बीच अच्छे सम्बन्ध थे पर जब राधाकिशन माली के घर चोरी हुई तो उन्होंने गेनाराम और उनके परिवार वालों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज़ कराया I चोरी का सामान मिल जाने के बावजूद भी ये मामला ख़ारिज नहीं किया गया I जाँच दो बार बंद हुई पर फिर भी ASI राधाकिशन माली द्वारा इसे लगातार वापस खुलवाया जाता रहा I इन्ही की शिकायत पर बार बार गेनाराम का तबादला कराया जाता रहा और उन्हें काफी परेशानियाँ झेलनी पड़ी I अनेकों बार उनके बेटे को पुलिस थाने में गैरकानूनी तरीके से बुरी तरह पीटा गया I बताया ये भी जा रहा है कि ASI राधाकिशन गेनाराम के घर जाकर उनकी पत्नी और बेटी को भद्दी गलियाँ दिया करते थे I

कुछ ही दिन पहले जाँच अधिकारियों ने जब उनके बेटे के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया तो परिवार ने इन कठिन परिस्थितियों से मजबूर होकर आत्महत्या करली I गेनाराम ने इससे पहले एक “सुसाइड नोट” लिखा जिसमें सभी परिवार वालों के दस्तखत थे I

मानवाधिकार संगठनों ने अपने प्रेस नोट में इस मामले को लेकर काफी सवाल उठाये हैं I उन्होंने पूछा है कि “राधाकिशन नामक ASI उच्च अफसरों पर इतना प्रभाव कैसे रख सकता था कि दो बार चोरी के मामले की जाँच साक्ष्य के अभाव में बंद होने के बावजूद खोल दी गई? ऐसा कैसे हो सकता है कि हिरासत में की गयी परिवार के सदस्यों के साथ हिंसा, की किसी वरिष्ठ अधिकारी को जानकारी नहीं थी?” 

गेनाराम और उनके परिवार की मौत के बाद 22 जनवरी को स्थानीय लोगों का गुस्सा उमड़ पड़ा और वे नागौर के सरकारी अस्पताल पर गेनाराम के पिता और बहन के साथ धरने पर बैठ गए I दलित शोषण मुक्ति मंच के राज्य संयोजक किशन मेघवाल ने बताया कि यहाँ करीब 2 हज़ार लोग जमा हुए थे और उन्होंने माँग की है कि सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज़ हो और इसकी CBI द्वारा जाँच हो I

protest

 न्यूज़क्लिक से बात करते हुए किशन मेघवाल का कहा कि “पिछले 3 सालों में जबसे ये सरकार सत्ता में आयी है तबसे राजस्थान में दलितों पर जातिगत उत्पीड़न के मामलों में लगातार बढोतरी हुई है I ऐसा इसीलिए है क्योंकि सरकार द्वारा जातिवादी लोगों को संरक्षण मिला हुआ है I डांगावास नरसंहर से लेकर डेल्टा मेघवाल और नजाने कितने और मामले इस बात की गवाही देते हैं I गेनाराम और उनके परिवार के डेथ वारंट पर इस पूरी व्यवस्था के दस्तखत हैं I”

उन्होंने अपनी बात बढ़ाते हुए आगे कहा “राजस्थान में ओबीसी जातियों को दलितों और मुसलमानों के खिलाफ हिन्दुत्ववादियों ने ढाल की तरह इस्तेमाल किया है I इस तरह ये सरकार  समाज को बाँटकर अपनी सत्ता को कायम किये हुए है I”

Dalit atrocities
human rights activists
dalit constable
genaram
Rajasthan sarkar
BJP-RSS

Related Stories

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

‘धार्मिक भावनाएं’: असहमति की आवाज़ को दबाने का औज़ार

लखनऊ: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत के साथ आए कई छात्र संगठन, विवि गेट पर प्रदर्शन

लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!

कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

भारत में सामाजिक सुधार और महिलाओं का बौद्धिक विद्रोह

चुनावी राज्यों में क्रमवार दंगे... संयोग या प्रयोग!

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

जोधपुर की घटना पर माकपा ने जताई चिंता, गहलोत सरकार से सख़्त कार्रवाई की मांग


बाकी खबरें

  • सत्यम कुमार
    उत्तराखंड : ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में बंद होते सरकारी स्कूल, RTE क़ानून की आड़ में निजी स्कूलों का बढ़ता कारोबार 
    28 Apr 2022
    उत्तराखंड राज्य में विद्यालयों की स्थिति के आंकड़े दिखाते हैं कि सरकारी स्कूलों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिसके चलते विद्यार्थियों का नामांकन कम हो रहा है, और अंत में कम नामांकन के चलते स्कूल बंद…
  • प्रेम कुमार
    ‘जनता की भलाई’ के लिए पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंतर्गत क्यों नहीं लाते मोदीजी!
    28 Apr 2022
    अगर पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे में लाए जाते हैं तो कीमत में 30 से 40 रुपये प्रति लीटर तक की कमी हो जाएगी। जनता केंद्र और राज्यों के दोहरे कराधान से भी बच जाएगी। जनता की भलाई के लिए बीजेपी की सरकार…
  • वी. श्रीधर
    एलआईसी की आईपीओ: बड़े पैमाने का घोटाला
    28 Apr 2022
    एलआईसी को लिस्टेड करने की इस बेबुनियाद हड़बड़ी में दिग्गज "निवेशकों" के पैसे बनाने की सनक को बढ़ावा देते हुए लोगों के हितों की भयानक अनदेखी नज़र आती है। आईपीओ की क़ीमत से यह संकेत मिलता है कि यह शायद…
  • सुभाष गाताडे
    दलित जननेता जिग्नेश को क्यों प्रताड़ित कर रही है भाजपा? 
    28 Apr 2022
    ‘क्या अपने राजनीतिक आकाओं के फायदे के लिए एक जननेता को प्रताड़ित और आतंकित किया जा रहा है’?
  • अनीस ज़रगर
    कश्मीर में एक आर्मी-संचालित स्कूल की ओर से कर्मचारियों को हिजाब न पहनने के निर्देश
    28 Apr 2022
    पूर्व मुख्यमंत्री मेहबूबा मुफ़्ती ने भाजपा पर महिलाओं की आजादी पर अंकुश लगाने का आरोप लगाया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License