NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दमन सरकार का एक और कारनामा : हिंडाल्को ने चलाए आदिवासियों के घर पर बुलडोजर
संकेत ठाकुर, सौजन्य: संघर्ष संवाद
05 Apr 2016
हिंडाल्को कंपनी के दवाब में प्रशासन दुवारा घरों को तोड़े जाने का छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन कड़े शब्दों में निंदा करते हुए दोषियों पर कार्यवाही की मांग करता हैं .

1 अप्रैल 2016 को रायगढ़ जिले के तमनार ब्लाक के ग्राम बनखेता के तीन परिवारों के घरो पर जिला प्रशासन के द्वारा हिंडाल्को कंपनी के दवाब में स्वयं कम्पनी के अधिकारियो की मोजुदगी में घरो पर बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया गया . प्रभावित परिवार में एक परिवार आदिवासी हैं जिनकी जमीन और घर को जबरन भू अधिग्रहण किया गया हैं . आज सुबह प्रशासन के अधिकारी पुलिस बल की उपस्थिति में दोनों परिवारों को पूर्व में बिना कोई नोटिस दिए ही घर तोड़ने की कार्यवाही शुरू कर दी जिसका विरोध करने पर दो महिलाओ सनीरो विरहोर और निर्मला सिदार सहित सामाजिक कार्यकर्त्ता रिनचिन को गिरफ्तार कर तमनार थाने में बिठाया गया हैं और उनके उपर आईपीसी धारा 186 और 294 लगाई गई हैं .



छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन जिला प्रशासन की इस कार्पोरेट परस्त अमानवीय कार्यवाही की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए दोषी अधिकारियो पर कार्यवाही की मांग करता हैं . प्रदेश में खनन कंपनियों के दवाब में बिना पुनर्वास और बिना प्रक्रिया का पालन किये लगातार लोगो को उजाड़ा जा रहा हैं . यहाँ तक की अति आदिम जनजाति के लोगो पर भी इस तरह की बर्बर कार्यवाही की जा रही हैं . ऐसी ही कार्यवाही पिछले दिनों परसा ईस्ट केते बासन कोयला खदान मैं अदानी कंपनी के लिए की गई थी जिसमे 5 परिवार को उजाड़ दिया गया . पुनर्वास की मांग को लेकर केते गाँव के लोग लगातार आन्दोलन कर रहे हैं .



राज्य सरकार के द्वारा सिर्फ दिखावे के लिए आदर्श पुनर्वास निति 2007 बनाई गई हैं लेकिन पुरे प्रदेश में उसका पालन नहीं हो रहा हैं . अधिकारी कंपनी के साथ मिलकर पुनर्वास किये बिना ही लोगो को उजाड़ रहें हैं . छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन बनखेता की कार्यवाही की पुनः कड़े शब्दों में निंदा करते हुए दोषी अधिकारियो पर कार्यवाही की मांग करता हैं, प्रभावित लोगो की आदर्श पुनर्वास नीति के तहत सही पुनर्वास और गिरफ्तार महिलाओ की निशर्त रिहाई की मांग करता हैं . इसके साथ ही छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन प्रदेश के मुख्यमंत्री से यह आग्रह करता हैं वो इन मामलो को संज्ञान में लेते हुए आदर्श पुनर्वास निति का कड़ाई से पालन करने के लिए अधिकारियो को दिशा निर्देश जारी करें .



आलोक शुक्ला

संयोजक

छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन

छत्तीसगढ़
हिंडाल्को कंपनी

Related Stories

छत्तीसगढ़ के एचएनएलयू के वीसी के खिलाफ छात्र विरोध में क्यों हैं

सुकुमा “मुठभेड़ कांड”: ये किसका लहू है, कौन मरा?

छत्तीसगढ़ में नर्सों की हड़ताल को जबरन ख़तम कराया गया

क्या ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच महानदी विवाद का राजनीतिकरण किया जा रहा है ?

सरकार के खिलाफ कार्टून शेयर करने पर बस्तर के पत्रकार पर राजद्रोह का मुक़दमा

पुलिस की बर्बरता: कहानी इतनी आसान नहीं

सलवा जुडूम-2: लूट और कत्लेआम की तैयारी?


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    संसद में तीनों दिल्ली नगर निगम के एकीकरण का प्रस्ताव, AAP ने कहा- भाजपा को हार का डर
    26 Mar 2022
    संसद में दिल्ली के तीन नगर निगमों का एकीकरण करने संबंधी विधेयक पेश कर दिया गया है। विपक्षी दलों के सदस्यों ने इस विधेयक का विरोध किया। वहीं सत्ताधारी दल ने इसे एक बेहद ज़रूरी सुधार बताया।
  • रायना ब्रियूअर
    ऑस्कर 2022: हर जीत के साथ इतिहास रच रही हैं महिला निर्देशक
    26 Mar 2022
    काथरिन बिगेलो और कोल झाओ, फिर अब जेन कैंपियन? 94 साल के ऑस्कर के इतिहास में, सिर्फ़ दो महिलाओं ने ही “बेस्ट डॉयरेक्टर” का अवार्ड जीता है। क्या आगे बदलाव दिखाई दे रहा है?
  • सीमा शर्मा
    कैसे रूस-यूक्रेन युद्ध भारत की उर्वरक आपूर्ति में डालेगा बाधा? खेती-किसानी पर पड़ेगा भारी असर
    26 Mar 2022
    विशेषज्ञों का मानना है कि समय की तात्कालिक आवश्यकता यह है कि भारत सरकार उर्वरकों की वैकल्पिक आपूर्ति करने और किसानों को खनिज पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के लिए प्रयास करे। इसमें…
  • मोहम्मद इमरान खान
    बिहार: तीन विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद भी साहनी ने रखा संयम, बोले- निषाद कोटा के लिए करेंगे संघर्ष
    26 Mar 2022
    अब वीआईपी में कोई भी विधायक शेष नहीं बचा है। मुकेश साहनी ने बीजेपी पर अपनी पार्टी में फूट करवाने का आरोप लगाया है। साहनी ने कहा कि चूंकि उन्होंने निषाद जाति के लिए एससी-एसटी कोटे में आरक्षण और जातीय…
  • बी. सिवरामन
    महामारी भारत में अपर्याप्त स्वास्थ्य बीमा कवरेज को उजागर करती है
    26 Mar 2022
    जनरल बीमा परिषद के आंकड़ों के अनुसार, निजी अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज की औसत लागत रु. 1.54 लाख है। इसके विपरीत, प्रति मामले का औसत दावा निपटान केवल रु.95,622 था। इसका मतलब है कि भारत में लगभग 40…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License