NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
“दंगा नहीं रोज़गार चाहिए, जुमला नहीं अधिकार चाहिए” : यंग इंडिया
ये मार्च अपने आप में ऐतिहासिक था क्योंकि देश के तमाम युवा और छात्र संगठन पहली बार एक ही मांग को लेकर एक साथ दिल्ली आये।
मुकुंद झा
07 Feb 2019
यंग इंडिया

गुरुवार, 7 फरवरी की सुबह दिल्ली के लाल किला और जामा मस्जिद का नज़ारा एकदम अलग था। हजारों कि संख्या में देश भर के छात्र और युवा अपने लिए अच्छी शिक्षा और रोजगार की मांग को लेकर यंग इंडिया मार्च में शमिल हुए।

मार्च लाल किले से शुरू होकर दिल्ली के संसद मार्ग पर पहुंचा और एक सभा में बदल गया। इस मार्च और सभा में देश के तमाम छात्र और युवा संगठनों के साथ देश के तमाम विश्वविद्यालय के छात्रसंघ नेता और राजनीतिक-सामाजिक दलों के नेता भी शमिल हुए।

51337006_2511064142256951_7094343219080593408_o.jpg

ये मार्च अपने आप में ऐतिहासिक था क्योंकि देश के तमाम युवा और छात्र संगठन पहली बार एक ही मांग को लेकर एक साथ दिल्ली आये। 

इससे पहले 22 जनवरी को यंग इंडिया अधिकार मार्च के समर्थन में दिल्ली के प्रेस क्लब में एक नागरिक सभा (सिटिजन्स सॉलिडेरिटी पब्लिक मीटिंग) आयोजित की गई थी, जिसमें  भारी संख्या में छात्र-नौजवान और अन्य लोग शामिल हुए थे।

रेलवे.jpg

गुरुवार के इस अधिकार मार्च में रेलवे के अप्रेन्टिस कर्मचारी बड़ी संख्या में आये थे। उनका कहना था कि जॉब नहीं तो वोट नहीं। ऑल इंडिया रेलवे एक्ट अप्रेन्टिस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष चंदन पासवान ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि जब से भाजपा सरकार आई है तब से हमें नौकरी नहीं मिल रही है जबकि हम डबल स्किल हैं हमने पहले आईटीआई किया उसके बाद हमने एक साल तक रेलवे में काम किया है लेकिन अब हमें सरकार नौकरी नहीं दे रही है जबकि पहले सभी अप्रेन्टिस को नौकरी मिलती थी लेकिन मोदी सरकार अब हमें केवल 20% ही नौकरी दे रही जबकि पहले हमें 100% नौकरी मिलती थी।

छात्र संगठन आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुचेता डे ने कहा कि अरुण जेटली ट्वीट कर कहते हैं कि देश में बेरोजगारी कोई समस्या  नहीं है अगर है तो कोई आंदोलन क्यों नहीं हो रहा है, आज इसी का जवाब देने हजारों की संख्या में नौजवान दिल्ली आये हैं। हमने जेटली साहब को भी आज आमंत्रित किया है कि वो आएं और युवाओं के इस हुजूम को देखें।

51225906_2061802820569951_8749548530340724736_n.jpg

पंजाब विश्विद्यालय की अध्यक्ष कनुप्रिया ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि संघ और भाजपा देश के कैंपस को जेल में बदल रही है, लेकिन उसी ताकत से छात्र भी उनका प्रतिरोध कर रहे हैं। इसी का उदाहरण हमने देखा पंजाब में। हमारे आंदोलन के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा और अब कोई कर्फ्यू टाइम नहीं है। 

आज के मार्च में पूर्वोत्तर से काफी लोग आए थे। असम से आये छात्र नेता रंजीत करमसा ने कहा कि मोदी सरकार ने पूरे उत्तर भारत के लोगों को ठगने का काम किया है। मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण पूरा उत्तर पूर्व जल रहा है लेकिन मोदी सरकार नागरिक संसोधन विधेयक बिल को लागू करने पर अड़ी हुई है। हम इसका विरोध काफी समय से कर रहे हैं। हमने सुना है कि दिल्ली ऊँचा सुनती है इसलिए हम भी आज दिल्ली आये हैं।

51439002_10211895275091184_704819380407500800_o.jpg

जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष एन साईं बालाजी ने मोदी सरकार को युवा विरोधी छात्र विरोधी बताते हुए कहा कि ये सरकार हर वर्ष 2 करोड़ रोजगार का वादा करके आई थी लेकिन आज पिछले 45 वर्षों में सबसे ज्यादा बेरोजगारी है।इसके साथ ही वो छात्रों पर भी हमले कर रही है। युवा इन सब सवालों का जवाब मांगने दिल्ली आये हैं।

जेएनयू के पूर्व छात्र अध्यक्ष कन्हैया ने अधिकार रैली को संबोधित करते हुए नारा दिया कि “दंगा नहीं रोज़गार चाहिए, जुमला नहीं अधिकार चाहिए।” उन्होंने कहा कि आज के इस दौर में इस तरह की एकता की बहुत ज़रूरत है।

कन्हैया ने कहा “चुनाव का बिगुल बज चुका है, वैसे मोदी जी जबसे चुनकर आए हैं वे प्रचार ही कर रहे हैं, वे लगातार चुनाव के मोड में हैं, लेकिन ये समय महत्वपूर्ण है क्योंकि मोदी जी का टॉक टाइम खत्म होने वाला है। और वे चाहते हैं कि जो उनकी जुमलेबाज़ी है उसे पांच साल के लिए और रिचार्ज कर दिया जाए...लेकिन उनकी तमाम कोशिशों के बावजूद, ईवीएम पर हमला करने के बावजूद, लोगों के ऊपर गोलियां चलाने के बावजूद, लोगों को जेलों के भीतर डालने के बावजूद, हिन्दुस्तान के भीतर लोकतंत्र की आवाज़ को ये दबा नहीं पाए हैं, लोकतंत्र ज़िंदा है और अपने हक और अधिकार के लिए लोग सड़कों पर उतर रहे हैं।”

कन्हैया ने कहा “ऐसे दौर में सबसे ज़रूरी बात ये है कि इनके मोदी नहीं तो कौन? सवाल का मजबूत जवाब दिया जाए। ...तो इसका जवाब ये है कि मोदी के खिलाफ हिन्दुस्तान के युवा सड़कों पर खड़े हुए हैं। मोदी नहीं तो हम ये विकल्प लेकर हम इस देश में आए हैं।”   

51378262_2061802903903276_8576134673099390976_n.jpg

गुजरात के विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवानी ने कहा कि मोदी सरकार जुमला सरकार है।  नौजवान अगर मोदी सरकार को ला सकता है वो उसे वापस भी भेज सकता है। अगर मोदी जी सोच रहे हैं कि सीबीआई के दम पर सरकार में वापस आ सकते हैं तो उन्हें हम यह बता दें कि अबकी बार कोई जुमला नहीं चलेगा।

51430506_2061803037236596_1330925784239439872_n.jpg

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने अंतरिम बजट में किसान परिवार के लिए घोषित 6 हज़ार रुपये सालाना की योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह महीने में कुल 500 रुपये और अगर पांच लोगों का किसान का परिवार हो तो प्रति सदस्य के हिस्से प्रति दिन केवल 3 रुपये 30 पैसे आएंगे। उन्होंने कहा कि ये किसानों की मदद नहीं किसानों का अपमान है। 3 रुपये 30 पैसे में आज एक चाय भी नहीं मिलती मोदी जी। इसी तरह उन्होंने मज़दूरों की पेंशन योजना की भी असलियत बताई। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि मोदी सरकार ने किसानों के साथ मज़ाक किया, मज़दूरों के साथ मज़ाक किया और युवाओं के साथ भी मज़ाक कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर मज़दूर-किसान और युवा, देश के सभी लोकतंत्र पसंद, इंसाफ पसंद लोग एक हो जाएंगे तो निश्चित ही इस देश में जो नफरत की खेती हो रही है, लूट और झूठ की खेती हो रही है वो बंद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हम आप सबके साथ इस लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे और मोदी सरकार को जाना होगा।

 

 

YINCC
YUNG ADHIKAR MARCH
YUNG INDIA
BJP Govt
Narendra modi
DILLI CHALO
Student Protests
Education crises

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़


बाकी खबरें

  • JEWER
    मुकुंद झा
    जेवर एयरपोर्टः दूसरे फेज के लिए भूमि अधिग्रहण नहीं होगा आसान, किसानों की चार गुना मुआवज़े की मांग
    29 Dec 2021
    जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के दूसरे फेज के लिए छह अन्य गांवों से 1,334 हेक्टेयर और भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसको लेकर किसानों ने विरोध शुरू कर दिया है।
  • कोरोना अपडेट: देश में 20 दिन बाद 9 हज़ार से ज़्यादा मामले दर्ज, ओमीक्रॉन के मामले बढ़कर 781 हुए
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 20 दिन बाद 9 हज़ार से ज़्यादा मामले दर्ज, ओमीक्रॉन के मामले बढ़कर 781 हुए
    29 Dec 2021
    देश में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है | देश में 20 दिन बाद कोरोना के 9 हज़ार से ज़्यादा मामले सामने आए हैं। वहीं मंगलवार को ओमीक्रॉन के सबसे ज्यादा यानी 128 नए मामले सामने आए हैं।
  • लड़कियों की शादी की क़ानूनी उम्र बढ़ाकर 21 साल करना बाल विवाह का समाधान नहीं
    सुमैया खान
    लड़कियों की शादी की क़ानूनी उम्र बढ़ाकर 21 साल करना बाल विवाह का समाधान नहीं
    29 Dec 2021
    इसकी बजाय सरकार को लड़कियों को शिक्षा के अवसर, स्वास्थ्य-सेवाएं एवं सुरक्षा प्रदान करने में और अधिक निवेश करना चाहिए। उन्हें अपना करियर चुनने में मदद करनी चाहिए।
  • एमएसपी कृषि में कॉर्पोरेट की घुसपैठ को रोकेगी और घरेलू खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी
    नवप्रीत कौर, सी सरतचंद
    एमएसपी कृषि में कॉर्पोरेट की घुसपैठ को रोकेगी और घरेलू खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी
    29 Dec 2021
    एक गारंटीशुदा एमएसपी प्रणाली सार्वजनिक भंडारण लागत/अपव्यय को भी कम करेगी बशर्ते इसे एक सार्वभौमिक सार्वजनिक वितरण प्रणाली द्वारा पूरक बनाया जाए।
  • डीजेबी: यूनियनों ने मीटर रीडर्स के ख़िलाफ़ कार्रवाई वापस लेने की मांग की, बिलिंग में गडबड़ियों के लिए आईटी कंपनी को दोषी ठहराया
    रौनक छाबड़ा
    डीजेबी: यूनियनों ने मीटर रीडर्स के ख़िलाफ़ कार्रवाई वापस लेने की मांग की, बिलिंग में गडबड़ियों के लिए आईटी कंपनी को दोषी ठहराया
    29 Dec 2021
    डीजेबी यूनियन ने मंगलवार यह आरोप लगाते हुए एक प्रदर्शन किया कि राष्ट्रीय राजधानी में इस समय पानी की बिलिंग की जो गड़बड़ियां सामने आ रही हैं,वह विप्रो की ओर से व्यवस्थित किये जा रहे राजस्व प्रबंधन…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License