NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दो लीक की एक कहानी
सीबीएसई और एसएससी प्रश्न-पत्रों में लीक ने देश भर में क्रोध और हताशा का माहौल पैदा कर दिया है।
सुबोध वर्मा
02 Apr 2018
Translated by महेश कुमार
SScc and CBSE Papers Leak

देश, या कम से कम अधिक शिक्षित लोग और आशावादी वर्ग, क्रोध और हताशा के एक गंभीर दौर से गुजर रहा है। इसका मुख्य कारण प्रशन पत्रों में हुई दो 'लीक' है, जो परीक्षा प्रशन पत्रों  की आपराधिक आउटिंग के लिए एक और शब्द है। वर्तमान परीक्षा सत्र में दो प्रमुख लीक प्रकाश में आए हैं। एक कर्मचारी चयन आयोग की लीक और दूसरा सीबीएसई प्रशन पत्र की लीक है।

जिन स्तरों को यह लीक लोगों को प्रभावित करटी है, उसमें मुख्य रूप से युवा लोग हैं, लेकिन उनके परिवारों को भी यह बदस्तूर प्रभावित करता है आइये इन संख्याओं पर एक नजर डालते है: 26 लाख 52 हज़ार से अधिक युवा संयुक्त उच्च माध्यमिक स्तरीय परीक्षा (टीयर -1) के लिए एसएससी द्वारा आयोजित परीक्षा में शामिल हुए। सीबीएसई की कक्षा 10 और 12वीं की परीक्षाओं में , कुछ 16 लाख 38 हज़ार और 11 लाख 86 हजार लाख छात्र क्रमशः शामिल हुए। यह संख्या कुल 28 लाख से अधिक छात्रों की हैं।

इसलिए, यह आश्चर्यजनक नहीं है कि देश में इस पर इतनी चिंता और क्रोध है।

दोनों परीक्षाएं युवा भारतीय जीवन के दो महत्वपूर्ण चरणों का प्रतिनिधित्व करती हैं। कक्षा 12 परीक्षा शायद किसी व्यक्ति के जीवन में सबसे महत्वपूर्ण स्थान है क्योंकि यह उच्च शिक्षा और किसी भी तरह की बेहतर नौकरी में प्रवेश करने के लिए महत्वपूर्ण सीढ़ी है। यह पात्रता और योग्यता का सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला उपाय है। एसएससी परीक्षा वह है जो वास्तव में आपको 'बेहतर' तरह की नौकरी प्रदान करती है - एक सरकार नौकरी, हालांकि एक गैर राजपत्रित स्तर की नौकरी।

और यहां यह याद रखना जरूरी है कि: 26 लाख 5 हज़ार लोग जो इस विशेष एसएससी परीक्षा में शामिल हुए थे, और जिन नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे थे – ज़रा अपनी सांस रोके – वह केवल 3259 पद थे! यानी एक पद के लिए 800 से अधिक आवेदकों के बीच प्रतिस्पर्धा है।

ये सभी संख्याएं हमें बताती हैं कि लाखों भारतीयों के लिए दोनों परीक्षाएँ वास्तव में एक जीवन और मृत्यु का मुद्दा हैं। इन परीक्षाओं में सफलता या असफलता, परिवार की ज़िन्दगी बना सकती है वह भी उस दौर में जब बेरोज़गारी और काम की असुरक्षा के इन दिनों भरपूर है।

और, यही कारण है कि अगर कोई गिरोह एक निजी कंपनी के सर्वर में हैक करता है जिसे एसएससी ने अपनी परीक्षाओं का आयोजन करने के लिए आउटसोर्स कर दिया है, और प्रशन पत्रों  को उम्मीदवारों को बेचने के लिए डाउनलोड कर सकता है – तो फिर 26 लाख से ज्यादा उम्मीदवार इससे नाराज होंगे ही। सरकार रोज़गार के लिए इस गला काटने वाली प्रतियोगिता के बीच, यहां तक कि अगर 10-15 लोग इसका लाभ प्राप्त करते हैं, जिसका मतलब होगा कि हजारों लोगों के लिए जीवन बदलने की आशाओं में नुकसान।

सीबीएसई के प्रश्न पत्र 'लीक का भी यही मामला है। सीबीएसई के अभिमानी रवैये पर काफी क्रोध है। उन्हें एक दिन पहले लीक के बारे में सूचित किया गया था और फिर भी वे हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। व्हाट्सएप समूहों पर लीक प्रश्नपत्रों को आसानी से फैलाया जा रहा था, बोर्ड को फ़ैक्स भेजा गया लेकिन फिर भी कुछ नहीं हुआ। फिर, जब यह स्पष्ट हो गया कि प्रशन पत्र  लीक हो गया है, तो शिक्षा मंत्री अपने अपने झूठे दावे के साथ दावा किया कि इस खबर के बाद वह पूरी रात सो नहीं पाए।

उन्होंने क्या हल पेश किया? अधिक प्रौद्योगिकी, त्रुटि प्रूफ प्रौद्योगिकी!

लेकिन, जैसा कि हाल के हफ्तों में दुनिया भर में डेटा लीक दिखाया गया है, उससे स्पष्ट है कि कोई भी तकनीक "त्रुटि से मुक्त" या लीक से परे नहीं है। सीबीएसई उत्साह के साथ डिजिटल दुनिया को गले लगा रही है, खासकर प्रधान मंत्रीमोदी की सरकार के पदभार संभालने के बाद। सब कुछ ऑनलाइन रखा जा रहा है फिर भी किसी ने बस प्रशन पत्र की प्रतिलिपि बनाई है और इसे व्हाट्स एप पर डाल दिया है। इसे कहते हैं 'प्रौद्योगिकी' का दुखद अंत।

एसएससी रिसाव के मामले में, दांव बहुत अधिक था क्योंकि यह नौकरी के लिए परीक्षा थी। इसलिए, गिरोह ने हैकर्स को किराए पर लिया और कथित तौर पर कुछ सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जो उन्हें निजी कंपनी के सर्वर तक ले गया, जो परीक्षा आयोजित करने जा रही थी,यह सब निजी कम्पनी के भीतरी व्यक्ति के साथ संथ-गाँठ से हुआ जो इस गैंग के लिए काम करता था. कथित तौर पर प्रत्येक प्रश्न पत्र को 10-15 लाख रुपए में बेचा गया था!

आखिरकार, दोनों लीक के लिए, सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए क्योंकि वे 'प्रौद्योगिकी' और निजी क्षेत्र के इस्तेमाल के मामले में अंधी हैं, और निजी कम्पनियाँ अक्सर कैसे भी हो पैसे कमाने के लिए प्रोत्साहित होती हैं यही उनका सोचने का तरीका है और इसलिए ऐसा होने ही था। और, वे इस विचारधारा को प्रोत्साहित करने के लिए भी जिम्मेदार हैं कि प्रतिस्पर्धा आगे बढ़ने का एकमात्र तरीका है और प्रतिस्पर्धा में आप तरक्की के लिए कोई भी नुस्खा इस्तेमाल कर सकते हैं । आखिरकार, प्रधानमंत्री ने स्वयं विद्यार्थियों से मन की बात की और यहां तक कि परीक्षा वारियर्स नामक की किताब भी लिखी!

SSC paper leak
CBSE Paper Leak
students'Protest

Related Stories

बीएचयू: सोते हुए छात्रों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई, थाना घेराव के बाद गिरफ़्तार छात्र हुए रिहा

बुरे दौर में प्रतियोगी परीक्षाएं, लापरवाह आयोग, सोती सरकारें और बर्बाद होते लाखों अरमान

डीयू : बढ़ते विरोध के बाद सावरकर की प्रतिमा हटाई गई

डीयू त्रिमूर्ति विवाद : सावरकर का भगत सिंह और नेताजी से क्या लेना-देना?

डीयू के गणित विभाग के छात्रों के बाद अब भौतिकी विभाग के छात्र भी अंदोलन की राह पर

क्या इंटरनेट बैन है मणिपुर विश्वविद्यालय की समस्या का हल?

सरकारी नौकरियों की भर्ती में भ्रष्टाचार के खिलाफ दिल्ली में विरोध करेंगे लाखों युवा

SSC पेपर लीक : छात्रों ने कहा 'हम पकोड़े नहीं बेचेंगे'


बाकी खबरें

  • Lata
    अमय तिरोदकर
    महाराष्ट्र की लावणी कलाकार महामारी की वजह से जीवनयापन के लिए कर रहीं संघर्ष
    13 Dec 2021
    कई लावणी कलाकारों ने बताया कि वह निजी लेनदारों से क़र्ज़ा लेकर घर चला रही हैं।
  • Rakhi Raikwar
    सौरभ शर्मा
    महामारी ने एक निस्वार्थ शिक्षक और उसके गाँव के सपनों को चूर-चूर कर दिया
    13 Dec 2021
    प्यारेलाल राइकवार उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले में अपने गाँव के बच्चों को मुफ़्त शिक्षा देते थे, मगर स्कूल की नौकरी जाने के बाद बढ़ते क़र्ज़ की वजह से उन्होंने ख़ुदकुशी कर ली।
  • Dalits
    रवि शंकर दुबे
    शर्मनाक: वोट नहीं देने पर दलितों के साथ बर्बरता!
    13 Dec 2021
    बिहार के औरंगाबाद में शर्मनाक मामला देखने को मिला, जहां पंचायत के मुखिया के पद पर खड़े होने वाले एक उम्मीदवार ने दो दलितों को बेहद बुरी तरह प्रताड़ित किया, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो…
  •  Nagaland firing
    भाषा
    नगालैंड गोलीबारी : मारे गए लोगों के परिवारों ने की न्याय की मांग, मुआवज़ा ठुकराया
    13 Dec 2021
    बयान में कहा गया, ‘‘ ओटिंग ग्राम परिषद और पीड़ित परिवार, भारतीय सशस्त्र बल के 21वें पैरा कमांडो के दोषियों को नागरिक संहिता के तहत न्याय के कठघरे में लाने और पूरे पूर्वात्तर क्षेत्र से सशस्त्र बल…
  • josy
    अली किरमानी
    क्यों प्रत्येक भारतीय को इस बेहद कम चर्चित किताब को हर हाल में पढ़ना चाहिये?
    13 Dec 2021
    खोजी पत्रकार जोसी जोसेफ के द्वारा लिखित द साइलेंट कूप से खुलासा होता है कि भारतीय डीप स्टेट कैसे अपने आवरण में काम करता रहता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License