NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
डॉ. पायल आत्महत्या मामले में आरोपी तीनों डॉक्टर गिरफ़्तार, मुंबई-दिल्ली समेत कई जगह प्रदर्शन
पुलिस के मुताबिक आरोपी डॉ. हेमा आहूजा और डॉ. अंकिता खंडेलवाल को बुधवार तड़के पकड़ा गया, जबकि मंगलवार को थोड़ी देर पूछताछ के बाद डॉ. भक्ति मेहारे को गिरफ्तार किया गया था।
मुकुंद झा
29 May 2019
dr.payal tadvi protest mumbai

मुंबई पुलिस ने मेडिकल छात्रा पायल तडवी को आत्महत्या के लिए उकसाने के संबंध में दो और फरार आरोपी डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया। इसी के साथ तीनों आरोपी डॉक्टर अब पुलिस की गिरफ्त में हैं ,पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।

मुंबई पुलिस के प्रवक्ता डीसीपी मंजूनाथ शिंदे ने आईएएनएस से कहा कि आरोपियों – डॉ. हेमा आहूजा और डॉ. अंकिता खंडेलवाल - को बुधवार तड़के पकड़ा गया, जबकि मंगलवार को थोड़ी देर पूछताछ के बाद डॉ. भक्ति मेहारे को गिरफ्तार किया गया था।

इसे भी पढ़े ;- रोहित वेमुला से लेकर डॉ. पायल तक : जातीय शोषण की अंतहीन कथा

पुलिस उपायुक्त (जोन तीन) अविनाश कुमार ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘ दोनों को पुणे और मुंबई से गिरफ्तार किया गया है।’’
इन तीनों डॉक्टरों पर मुंबई में सरकार द्वारा संचालित बीवाईएल नायर हॉस्पिटल में गायनोकोलॉजी में स्नातकोत्तर की द्वितीय वर्ष की छात्रा पायल तड़वी की कथित रैगिंग, जातिवादी टिप्पणियां करने और मानसिक उत्पीड़न तथा पेशेवराना शोषण कर उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप है।

पायल तड़वी ने 22 मई को अपने छात्रावास के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोधी) अधिनियम, रैंगिग रोधी अधिनियम, आईटी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (खुदकुशी के लिए उकसाने) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सभी तीन आरोपियों ने मंगलवार को अग्रिम जमानत के लिए यहां सत्र अदालत का रूख किया था।

तीनों आरोपी डॉक्टरों को महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स और उसके बाद बृह्नमुंबई नगर निगम द्वारा निलंबित कर दिया गया था। आरोपी तीनों डॉक्टरों ने भी महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच और अपना पक्ष रखने देने की मांग की है।

IMG_20190528_193813.jpg 

इससे पहले, तड़वी के माता-पिता ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया था। अन्य प्रदर्शनकारी भी उसकी मां आबिदा और मृतका के पति सलमान के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए और तीनों डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

‘वंचित बहुजन अघाडी’ और अन्य दलित एवं आदिवासी संगठनों ने भी अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया था।

मृतका पायल की मां ने यह जानना चाहा कि क्या सरकार उनकी बेटी की तरह उच्च शिक्षा हासिल करने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा की जिम्मेदार लेगी?

आबिदा ने कहा, ‘‘ पायल अपने वरिष्ठों द्वारा मामूली बातों पर प्रताड़ित किए जाने के बारे में मुझे बताती थी। उन्होंने मरीजों के सामने उसके चेहरे पर फाइलें फेंकी थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ वह उत्पीड़न के बावजूद अपने वरिष्ठों के खिलाफ लिखित शिकायत नहीं देने का कारण बताती थी। वह कहती थी ऐसा करने से उसके करियर पर विपरीत असर पड़ेगा।’’

उसकी मां ने कहा कि तड़वी उनके समुदाय से पहली महिला एमडी डॉक्टर होती।

मृतका के पति ने कहा कि यह संभव है कि तीनों महिला डॉक्टरों ने पायल की ‘हत्या’ कर दी हो। मृतका का पति भी डॉक्टर है।

राज्य महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है और अस्पताल के अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।

मंगलवार को आयोग ने मुंबई के पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर मामले की गहन जांच की मांग की है।

डॉ. पायल के इंसाफ के लिए महाराष्ट्र के अलावा भी देश के अन्य हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

मंगलवार को दिल्ली विश्विद्यालय के आर्ट्स फैकल्टी में भी विरोध प्रदर्शन व् कैंडल लाइट मार्च निकल गया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शिक्षक और कई अन्य जन संगठनों ने भागीदारी की। इस विरोध प्रदर्शन में दिल्ली सरकार के कैबिनट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम भी शमिल हुए। उन्होंने इस घटना को लेकर चिंता ज़ाहिर की और निराशा व्यक्त की।  

IMG_20190528_193443.jpg
सतेंद्र मीणा जो दिल्ली के श्यामलाल कॉलेज में प्रोफेसर हैं, वो भी अपना विरोध जताने के लिए डीयू के आर्ट्स फैकल्टी पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि आज भी देश में जाति के आधार पर लोगों की हत्या हो रही है। उन्होंने बताया की वर्ष 2012 में अनिल मीणा ने दिल्ली के एम्स में आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने भी यही कहा था कि सीनियर उसका जाति के आधार पर शोषण करते थे। इसके बाद भारत सरकार ने थौराट कमीशन का गठन किया था। उस कमेटी ने रिपोर्ट में कहा था कि एससी एसटी के 72% छात्रों के साथ कभी न कभी जाति के आधार पर भेदभाव होता है। और 78% छात्रों के साथ एग्जाम में भेदभाव होता है। इसके बाद भी हम देखते हैं कुछ भी नहीं बदला है। अनिल, रोहित और अब पायल सभी ने जातिगत भेदभाव के कारण अपनी जान दी है। 
जाकिर हुसैन कालेज के शिक्षक लक्ष्मण यादव ने कहा की आज़ादी के 70 सालों बाद भी आज कुछ नहीं बदला है। आज भी दलित और वंचित समाज को दोयम दर्जे का ही समझा जाता है। चिंता और बढ़ जाती है जब दलित समाज के लोग घोड़े पर न निकलें इसके लिए हमारे समाज के लोग सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे और शासन-प्रशासन मूक दर्शक बना रहे।  

इसे भी पढ़े ;-#JusticeForDrPayal : बेटी के इंसाफ के लिए माता-पिता का मुंबई में अस्पताल के बाहर प्रदर्शन

dr payal
payal tadvi
youth issues
Dalit atrocities
Caste Atrocities
Adivasis in India
doctors strike
Protests
DUTA
Delhi University
students protest

Related Stories

हापुड़ अग्निकांड: कम से कम 13 लोगों की मौत, किसान-मजदूर संघ ने किया प्रदर्शन

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग

बीएचयू: 21 घंटे खुलेगी साइबर लाइब्रेरी, छात्र आंदोलन की बड़ी लेकिन अधूरी जीत

झारखंड: नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज विरोधी जन सत्याग्रह जारी, संकल्प दिवस में शामिल हुए राकेश टिकैत

नोएडा : प्राइवेट कोचिंग सेंटर पर ठगी का आरोप, सीटू-डीवाईएफ़आई ने किया प्रदर्शन

SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई

सूडान में तख्तापलट के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन जारी, 3 महीने में 76 प्रदर्शनकारियों की मौत

अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की

जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?


बाकी खबरें

  • मुकुल सरल
    ज्ञानवापी प्रकरण: एक भारतीय नागरिक के सवाल
    17 May 2022
    भारतीय नागरिक के तौर पर मेरे कुछ सवाल हैं जो मैं अपने ही देश के अन्य नागरिकों के साथ साझा करना चाहता हूं। इन सवालों को हमें अपने हुक्मरानों से भी पूछना चाहिए।
  • ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    कोविड-19 महामारी स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में दुनिया का नज़रिया नहीं बदल पाई
    17 May 2022
    कोविड-19 महामारी लोगों को एक साथ ला सकती थी। यह महामारी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचओ) जैसे वैश्विक संस्थानों को मज़बूत कर सकती थी और सार्वजनिक कार्रवाई (पब्लिक ऐक्शन) में नया विश्वास जगा सकती थी…
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    धनकुबेरों के हाथों में अख़बार और टीवी चैनल, वैकल्पिक मीडिया का गला घोंटती सरकार! 
    17 May 2022
    “सत्ता से सहमत होने के लिए बहुत से लोग हैं यदि पत्रकार भी ऐसा करने लगें तो जनता की समस्याओं और पीड़ा को स्वर कौन देगा?“
  • ukraine
    सी. सरतचंद
    यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 
    16 May 2022
    यूरोपीय संघ के भीतर रुसी तेल के आयात पर प्रतिबंध लगाने के हालिया प्रयास का कई सदस्य देशों के द्वारा कड़ा विरोध किया गया, जिसमें हंगरी प्रमुख था। इसी प्रकार, ग्रीस में स्थित शिपिंग कंपनियों ने यूरोपीय…
  • khoj khabar
    न्यूज़क्लिक टीम
    नफ़रती Tool-Kit : ज्ञानवापी विवाद से लेकर कर्नाटक में बजरंगी हथियार ट्रेनिंग तक
    16 May 2022
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बताया कि किस तरह से नफ़रती Tool-Kit काम कर रही है। उन्होंने ज्ञानवापी विवाद से लेकर कर्नाटक में बजरंगी शौर्य ट्रेनिंग में हथियारों से लैस उन्माद पर सवाल उठाए…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License