NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
दुनिया के महासागरों की हालत क्या है?
क्षेत्रीय तथा वैश्विक जलवायु दोनों को नुक़सान पहुंचाते हुए मानव-जनित ग्रीन हाउस वार्मिंग ने ट्रॉपिकल इंडियन ओशियन को बढ़ा दिया है जबकि अटलांटिक मेरिडियोनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन को धीमा कर दिया है।
संदीपन तालुकदार
18 Sep 2019
इंडियन ocean

मानवजनित जलवायु परिवर्तन के वैश्विक प्रभाव को मापने के महत्वपूर्ण सूचकांकों में से एक विश्व के महासागरों की सेहत है। महासागरों की सेहत का एक महत्वपूर्ण संकेतक महासागर का परिसंचरण है। महासागर का परिसंचरण महासागरों में गति बनाए रखता है जो समुद्री जीवन के लिए बेहतर है और वैश्विक जलवायु को भी संतुलन में रखता है। लेकिन यह देखा गया है कि मानवजनित (मानव-निर्मित) जलवायु परिवर्तन इस परिसंचरण प्रणाली (सर्कुलेशन सिस्टम) में दख़ल दे रहे हैं जो वैश्विक जलवायु पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

अटलांटिक मेरिडियनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन (एएमओसी) एक ऐसी परिसंचरण (सर्कुलेशन) प्रणाली है जो पृथ्वी की जलवायु प्रणाली का एक महत्वपूर्ण घटक है। मानवजनित ग्रीनहाउस वार्मिंग ने एएमओसी और उष्णकटिबंधीय भारतीय महासागर (ट्रॉपिकल इंडियन ओसियन-टीआईओ) को भी प्रभावित किया है। इसने क्षेत्रीय तथा वैश्विक जलवायु दोनों को नुकसान पहुंचाते हुए टीआईओ को बढ़ा दिया है जबकि एएमओसी को धीमा कर दिया है। लेकिन प्रकृति के पास इसकी व्यवस्था करने की अपनी क्षमता है।

नेचर क्लाइमेट चेंज जर्नल में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन ने भविष्यवाणी किया है कि एएमओसी कम करने में टीआईओ कैसे मदद कर सकता है। पृथ्वी के सबसे बड़े वाटर सर्कुलेशन सिस्टम में से एक एएमओसी पिछले 15 वर्षों में धीमा पड़ गया है। यह तथ्य पिछले 15 वर्षों के डाटा और कंप्यूटर मॉडलिंग अध्ययन के माध्यम से पेश किया गया है। उदाहरण के लिए, एएमओसी के अस्थिर होने से यूरोप में अधिक कड़ाके सर्दी, अधिक तूफान और शुष्क सहल (उत्तर में सहारा और दक्षिण में सूडान सवाना के बीच अफ़्रीका में पारिस्थितिक और बायोग्राफिकल का संक्रमण क्षेत्र) दक्षिण अफ़्रीका में फैल जाएंगे। एएमओसी एक लिक्विड एस्केलेटर की तरह काम करता है। यह दक्षिण में भूमध्य रेखा की ओर ठंडे पानी को भेजते हुए उत्तरी अटलांटिक को गर्म पानी पहुंचाता है।

ये अध्ययन ज़्यादातर विशिष्ट जलवायु तंत्र और लक्षण पर केंद्रित है जो ग्लोबल वार्मिंग के कारण बदल सकते हैं। अवलोकन संबंधी डेटा और विवेकी कंप्यूटर मॉडलिंग का एक समुच्च जो उन्होंने अपने अध्ययन में इस्तेमाल किया था वह उन्हें यह आकलन करने में मदद कर सकता है कि भविष्य के वैश्विक जलवायु में परिवर्तनों का क्या प्रभाव होगा। हिंद महासागर के गर्म होने के संबंध में उनके अध्ययन ने उन्हें यह पता लगाने के लिए प्रेरित किया कि एएमओसी की कमी को यह कैसे संतुलित कर सकता है।

इस अध्ययन के पहले लेखक ह्यू ने कहा,“हिंद महासागर ग्लोबल वार्मिंग के फिंगरप्रिंटों में से एक है। हिंद महासागर के गर्म होने को ग्लोबल वार्मिंग के सबसे ठोस पहलुओं में से एक माना जाता है।”

बौद्धिक रूप से प्रभावशाली इस मॉडलिंग ने हिंद महासागर से अटलांटिक तक के संपूर्ण मार्ग में व्यापक प्रभावों की एक श्रृंखला का खुलासा किया। जैसे-जैसे ग्लोबल वार्मिंग हिंद महासागर को गर्म करता है ऐसे में यह अतिरिक्त वेग उत्पन्न करता है। जिसके चलते यह अटलांटिक सहित दुनिया के अन्य हिस्सों से हिंद महासागर की ओर अधिक हवा खींचेगा।

हिंद महासागर में प्रिसिपिटेशन (वर्षा) की ये वृद्धि अटलांटिक को वर्षा से वंचित कर देगा क्योंकि अटलांटिक से अधिक हवा हिंद महासागर की ओर खींची जाती है। अटलांटिक में कम वर्षा से इसके पानी की लवणता अधिक हो जाएगी, विशेष रूप से इसके उष्णकटिबंधीय भागों में। फिर, पानी जितना खारा हो जाता है, यह उतना ही घना और भारी हो जाता है। इस प्रकार, अटलांटिक का पानी, जैसा कि एएमओसी के माध्यम से उत्तर में आता है, सामान्य से बहुत अधिक ठंडा हो जाएगा और परिणामस्वरूप बर्फ अधिक आसानी से बन जाएगा। बर्फ़ बनने की इस प्रक्रिया से अटलांटिक का जल नीचे की तरफ़ जाएगा और जब ऐसा होगा तब नीचे की तरफ पहुंचा हुआ जल दक्षिण की ओर अपनी गति को बढ़ाएगा।

शोध के निष्कर्ष में कहा गया है कि, अटलांटिक के जल की तेज़ और आसान प्रवाह एएमओसी की कमी की भरपाई कर देगा।

इस अध्ययन के दूसरे लेखक एलेक्सी फ्योडोर कहते हैं, "परिसंचरण (सर्कुलेशन) को तेज़ करते हुए यह एएमओसी के लिए अकस्मात प्रारंभ होने के रूप में कार्य करेगा। दूसरी तरफ़ हम नहीं जानते कि हिंद महासागर के गर्म होने का यह सिलसिला कब तक जारी रहेगा।"

ये अनुसंधान एक बार फिर से वैश्विक जलवायु की जटिल और परस्पर प्रकृति को दोहराता है। ऐसे समय में जब मानवीय गतिविधियों का वैश्विक जलवायु पर गहरा प्रभाव पड़ता है, उन कारकों का पता लगाना जो जलवायु को प्रभावित करते हैं और वे किस तरह व्यवहार करते हैं, इसका काफ़ी महत्व हो जाता है।

Atlantic Ocean
Indian Ocean
Atlantic meridional overturning circulation
climate change
global warming

Related Stories

गर्म लहर से भारत में जच्चा-बच्चा की सेहत पर खतरा

मज़दूर वर्ग को सनस्ट्रोक से बचाएं

लू का कहर: विशेषज्ञों ने कहा झुलसाती गर्मी से निबटने की योजनाओं पर अमल करे सरकार

लगातार गर्म होते ग्रह में, हथियारों पर पैसा ख़र्च किया जा रहा है: 18वाँ न्यूज़लेटर  (2022)

‘जलवायु परिवर्तन’ के चलते दुनियाभर में बढ़ रही प्रचंड गर्मी, भारत में भी बढ़ेगा तापमान

दुनिया भर की: गर्मी व सूखे से मचेगा हाहाकार

विश्व जल दिवस : ग्राउंड वाटर की अनदेखी करती दुनिया और भारत

जलवायु बजट में उतार-चढ़ाव बना रहता है, फिर भी हमेशा कम पड़ता है 

ग़रीब कामगार महिलाएं जलवायु परिवर्तन के चलते और हो रही हैं ग़रीब

जलवायु परिवर्तन के कारण भारत ने गंवाए 259 अरब श्रम घंटे- स्टडी


बाकी खबरें

  • राज वाल्मीकि
    सीवर में मौतों (हत्याओं) का अंतहीन सिलसिला
    01 Apr 2022
    क्यों कोई नहीं ठहराया जाता इन हत्याओं का जिम्मेदार? दोषियों के खिलाफ दर्ज होना चाहिए आपराधिक मामला, लेकिन...
  • अजय कुमार
    अगर हिंदू अल्पसंख्यक हैं, मतलब मुस्लिमों को मिला अल्पसंख्यक दर्जा तुष्टिकरण की राजनीति नहीं
    01 Apr 2022
    भाजपा कहती थी कि मुस्लिमों को अल्पसंख्यक कहना तुष्टिकरण की राजनीति है लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार के सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे ने इस आरोप को खुद ख़ारिज कर दिया।  
  • एजाज़ अशरफ़
    केजरीवाल का पाखंड: अनुच्छेद 370 हटाए जाने का समर्थन किया, अब एमसीडी चुनाव पर हायतौबा मचा रहे हैं
    01 Apr 2022
    जब आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी कहती हैं कि लोकतंत्र ख़तरे में है, तब भी इसमें पाखंड की बू आती है।
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: क्या कुछ चर्चा महंगाई और बेरोज़गारी पर भी हो जाए
    01 Apr 2022
    सच तो ये है कि परीक्षा पर चर्चा अध्यापकों का काम होना चाहिए। ख़ैर हमारे प्रधानमंत्री जी ने सबकी भूमिका खुद ही ले रखी है। रक्षा मंत्री की भी, विदेश मंत्री की और राज्यों के चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    श्रीलंका में भी संकट गहराया, स्टालिन ने श्रीलंकाई तमिलों की मानवीय सहायता के लिए केंद्र की अनुमति मांगी
    01 Apr 2022
    पाकिस्तान के अलावा भारत के एक और पड़ोसी मुल्क श्रीलंका में भारी उथल-पुथल। आर्थिक संकट के ख़िलाफ़ जनता सड़कों पर उतरी। राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे का इस्तीफ़ा मांगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License