NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
समाज
भारत
राजनीति
दुर्गा पूजा उत्सव के बीच बंगाल में एनआरसी के ख़ौफ़ से मौत का मातम
नागरिकता छिनने और अपनी जमीन-घर से बेदखल होने की दहशत का आलम यह है कि बीते 10-12 दिनों में राज्य में 15 से ज्यादा जानें जा चुकी हैं। अब ऐसे लोगों की मदद और सुरक्षा के लिए यूसीआरसी ने कमर कस ली है और आंदोलन छेड़ दिया है।
सरोजिनी बिष्ट
30 Sep 2019
बंगाल में एनआरसी के ख़ौफ़
सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य: The Indian Express

एक तरफ पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा का उत्सव शुरू हो गया है, तो दूसरी तरफ राज्य में जगह-जगह मौत तांडव कर रही है। राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) पर बढ़ती बेचैनी अब जानलेवा बन गयी है। नागरिकता छिनने और अपनी जमीन-घर से बेदखल होने की दहशत का आलम यह है कि बीते 10-12 दिनों में राज्य में 15 से ज्यादा जानें जा चुकी हैं। कम से कम से आठ लोगों के खुदकुशी करने की ख़बर है, जबकि बाक़ी लोगों की मौत तनाव-बेचैनी के कारण अस्वस्थ होने या फिर हृदयाघात से हुई है। विभिन्न सरकारी कागजात जुटाने के लिए लाइन में लगने के दौरान भी कुछ मौतों की ख़बर है। भाजपा नेताओं के बार-बार हर हाल में पश्चिम बंगाल में एनआरसी लागू करने के दावों को देखते हुए विभिन्न जिला व ब्लॉक कार्यालयों में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने या गलतियों को सुधरवाने, डिजिटल राशन कार्ड बनवाने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी है। जन्म प्रमाणपत्र बनवाने और शादी के पंजीयन के लिए भी विभिन्न नगर निकायों व अन्य सरकारी कार्यालयों में आवेदकों की भीड़ देखी जा रही है। दरअसल, लोग जल्दी से जल्दी से सारे सरकारी कागजात दुरुस्त करना चाह रहे हैं।

27 साल के मिलन मंडल का घर मुर्शिदाबाद जिले के डोमकल के शिवनगर में है। उनके वोटर कार्ड और आधार कार्ड में नाम के हिज्जे में थोड़ा फर्क था। उनके पिता का दावा है कि इसे लेकर मिलन मंडल बहुत परेशाना रहता था और बार-बार यही कहता रहता था कि अब घर-दुआर सब चला जायेगा। अन्य स्थानीय लोगों का भी यही कहना है कि मिलन एनआरसी को लेकर पिछले कुछ समय काफी परेशान था। आखिरकार गत 17 सितंबर को उसने फांसी लगा ली। असम में एनआरसी की अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद जिस तरह की खबरें वहां से आ रही थीं उसके बाद से जलपाईगुड़ी के मयनागुड़ी ब्लॉक की माधवडांगा-2 पंचायत निवासी अन्नदा राय (39) भी बहुत परेशान थे। उन्होंने अपनी जमीन को गिरवी रखा हुआ था। जमीन का कागज पास में नहीं होने के कारण वह लगातार बेचैन रह रहे थे। 20 सितंबर को उन्होंने फांसी लगा ली। इसी तरह उत्तर 24 परगना के बसीरहाट के सोलादाना निवासी कमाल हुसेन मंडल (35) ने भी जमीन के कागजात की समस्या को लेकर 22 सितंबर को एक आम बागान में फांसी लगा ली। डिजिटल कार्ड बनने में आ रही दिक्कत के चलते 22 सितंबर को ही दक्षिण 24 परगना के फलता के मामूदपुर निवासी कालाचांद मिद्दा (42) ने भी फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।

कूचबिहार जिले के घुघुमारी की हाउरागाड़ी गांव निवासी आर्जिना खातून (27) आधार कार्ड पर पति का नाम गलत होने से घर-बार से बेदखल होने की चिंता में पड़ गयी और 24 सितंबर को फांसी लगा ली। जलपाईगुड़ी जिले के कोतवाली थाने के सरदार पाड़ा निवासी साबिर अली (32) की बेटियों के जन्म प्रमाणपत्र पर और आधार कार्ड में नाम में फर्क था। इसके अलावा खानदान के पुराने कागज-पत्र भी नहीं मिल रहे थे। इससे साबिर अली तनाव में रहने लगे और उसने 24 सितंबर को कुएं में कूदकर जान दे दी। इसी तरह की परेशानी को लेकर 24 सितंबर हो ही जलपाईगुड़ी के धूपगुड़ी ब्लॉक के बर्मनपाड़ा निवासी श्यामल राय (32) के भी फांसी लगा लेने की खबर है। एनआरसी की चिंता में मौत का यह सिलसिला चलता ही जा रहा है।

इसे भी पढ़ें : एनआरसी को लेकर कोलकाता समेत प.बंगाल के कई हिस्सों में अफरा-तफरी

सीपीएम का शरणार्थी संगठन फिर से हुआ सक्रिय

1947 में भारत के विभाजन के बाद पूर्वी बंगाल से लाखों की संख्या में शरणार्थी पश्चिम बंगाल आये। उनको दोबारा से बसाने और उन्हें एक भारतीय के रूप में सभी अधिकार दिलाने के लिए कम्युनिस्ट पार्टी ने कई शरणार्थी संगठन बनाये। इनके एकजुट होकर काम करने के लिए यूनाइटेड सेंट्रल रिफ्यूजी काउंसिल (यूसीआरसी) का गठन किया गया। इस संगठन ने शरणार्थियों की उजड़ी दुनिया फिर से बसाने में बड़ी भूमिका निभायी। इसी तरह बांग्लादेश बनने के समय पूर्वी पाकिस्तान में अशांति के चलते फिर उस पार से बड़ी संख्या में शरणार्थी आये, जिनके लिए यूसीआरसी ने काफी काम किया। शरणार्थी समस्या खत्म होने के बाद यूसीआरसी ने सरकार परियोजनाओं व अन्य विभिन्न कारणों से विस्थापित हुए लोगों के लिए काम करना शुरू किया। अब एक बार फिर सीपीएम ने अपने इस संगठन को सक्रिय किया है।

आज भी ऐसे लाखों शरणार्थी व विस्थापित हैं, जिन पर उचित दस्तावेजों के अभाव में एनआरसी के चलते संकट आ सकता है। इनकी सुरक्षा के लिए यूसीआरसी ने कमर कस ली है और आंदोलन छेड़ दिया है। हाल ही में कूचबिहार, उत्तर 24 परगना और नदिया जिलों में सीपीएम के एनआरसी विरोधी कार्यक्रमों में भारी जन समर्थन देखने को मिला। लोकसभा चुनाव में पराजय के बाद दोबारा मिल रहे जन समर्थन से उत्साहित सीपीएम के राज्य सचिव सूर्यकांत मिश्र ने कहा कि एनआरसी और कुछ नहीं, बल्कि भाजपा की बंगालियों की बांटने की साजिश है। इसे किसी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जायेगा।

असमंजस छोड़ कांग्रेस भी विरोध में
एनआरसी को लेकर बंगाल कांग्रेस काफी दिनों असमंजस में रहने के बाद आखिरकार वह भी इसके विरोध में उतर में आयी है। राज्य में एनआरसी के कारण जिस तरह भय का माहौल बन रहा है, उसे खत्म करने की गुहार लगाते हुए उसने राज्यापाल जगदीप धनखड़ को ज्ञापन सौंपा है। राज्य कांग्रेस के नेता सोमेन मित्र, प्रदीप भट्टाचार्य, अमिताभ चक्रवर्ती, शुभंकर सरकार और अब्दुस सत्तार राज्यपाल से मिले और राज्यपाल से मांग की कि धर्म के आधार पर नागरिकता देने का कानून नहीं लाया जाये। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्र ने कहा कि एक पार्टी के राजनीतिक फायदे के लिए बंगाल की जनता दहशत में है। उन्होंने आम जनता से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और आतंकित नहीं होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि एनआरसी लागू नहीं होने दिया जायेगा। इसके लिए दुर्गा पूजा के बाद पार्टी आंदोलन में भी उतरेगी।

इसे भी पढ़ें :एनआरसी पर पश्चिम बंगाल में बढ़ती बेचैनी

                 एनआरसी को लेकर कोलकाता समेत प.बंगाल के कई हिस्सों में अफरा-तफरी

bengal NRC
NRC in bengal
durga puja festival
National Register of Citizens
West Bengal
mamta bannerjee

Related Stories

वामपंथ, मीडिया उदासीनता और उभरता सोशल मीडिया

यौन संबंध के लिए सहमति की उम्र कम करने की मांग उठायेगा बंगाल

बंगाल : क्या है उस महिला की कहानी, जिसे दुर्गापूजा की थीम बनाया गया है?

नुसरत जहां का दूसरे धर्म में विवाह और देवबंद का फतवा

डेली राउंड-अप : कोलकाता में वाम मोर्चा की बड़ी रैली और पटियाला-लुधियाना की ग्राउंड रिपोर्ट

बीजेपी और टीएमसी के 'सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के जाल' में न फंसने की वाम की अपील


बाकी खबरें

  • सत्यम् तिवारी
    वाद-विवाद; विनोद कुमार शुक्ल : "मुझे अब तक मालूम नहीं हुआ था, कि मैं ठगा जा रहा हूँ"
    16 Mar 2022
    लेखक-प्रकाशक की अनबन, किताबों में प्रूफ़ की ग़लतियाँ, प्रकाशकों की मनमानी; ये बातें हिंदी साहित्य के लिए नई नहीं हैं। मगर पिछले 10 दिनों में जो घटनाएं सामने आई हैं
  • pramod samvant
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः प्रमोद सावंत के बयान की पड़ताल,क्या कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार कांग्रेस ने किये?
    16 Mar 2022
    भाजपा के नेता महत्वपूर्ण तथ्यों को इधर-उधर कर दे रहे हैं। इंटरनेट पर इस समय इस बारे में काफी ग़लत प्रचार मौजूद है। एक तथ्य को लेकर काफी विवाद है कि उस समय यानी 1990 केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।…
  • election result
    नीलू व्यास
    विधानसभा चुनाव परिणाम: लोकतंत्र को गूंगा-बहरा बनाने की प्रक्रिया
    16 Mar 2022
    जब कोई मतदाता सरकार से प्राप्त होने लाभों के लिए खुद को ‘ऋणी’ महसूस करता है और बेरोजगारी, स्वास्थ्य कुप्रबंधन इत्यादि को लेकर जवाबदेही की मांग करने में विफल रहता है, तो इसे कहीं से भी लोकतंत्र के लिए…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये
    16 Mar 2022
    किसी भी राजनीतिक पार्टी को प्रश्रय ना देने और उससे जुड़ी पोस्ट को खुद से प्रोत्सान न देने के अपने नियम का फ़ेसबुक ने धड़ल्ले से उल्लंघन किया है। फ़ेसबुक ने कुछ अज्ञात और अप्रत्यक्ष ढंग
  • Delimitation
    अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर: परिसीमन आयोग ने प्रस्तावों को तैयार किया, 21 मार्च तक ऐतराज़ दर्ज करने का समय
    16 Mar 2022
    आयोग लोगों के साथ बैठकें करने के लिए ​28​​ और ​29​​ मार्च को केंद्र शासित प्रदेश का दौरा करेगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License