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भारत
राजनीति
दयाल सिंह कॉलेज में ABVP का छात्रों पर हमला, छात्रों ने हुड़दंगियों को खदेडा
"इसके बाद छात्रों ने जब इन्हें रोकने की कोशिश की तो ये धक्का मुक्की और मार पीट पर उतर आये ,पर छात्रों ने भी इसका जमकर मुकाबला किया और इन हुरदंगियों को बाहर खदेड़ने में कामयाब रहे I “
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
23 Jan 2018
dayal singh college

22 जनवरी को दिल्ली के दयाल सिंह कॉलेज के छात्रों और अध्यापकों ने कॉलेज कैंपस के विभाजन के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन किया , जिसपर ABVP के कार्यकर्ताओं ने हमला किया I बताया जा रहा है कि इस हमले के बाद कॉलेज के छात्रों ने ABVP  के कार्यकर्ताओं के खिलाफ नारेबाज़ी करी और उन्हें बाहर धकेल दिया गया I

दयाल सिंह कॉलेज के छात्रों और अध्यापकों का विरोध प्रदर्शन इस बात को लेकर था कि दयाल सिंह कॉलेज के दो हिस्से नहीं किये जाने चाहिए और श्याम के बैच को सुबह के बैच में शामिल नहीं किया जाना चाहिए I दरअसल 12 एकड़ शेत्रफल में फैला दिल्ली का दयाल सिंह कॉलेज पहले दो बैच में चला करता था सुबह के बैच में 6000 छात्र थे और श्याम के बैच में 3000 छात्र I पर हाल ही में कॉलेज प्रशासन ने इसे दो हिस्सों में बाँटने का निर्णय लिया और दोनों बैचों को सुबह के बैच में सम्मिलित करने का भी निर्णय लिया गया है I दयाल सिंह कॉलेज के दुसरे हिस्से का नाम भी बदलने का प्रस्ताव पारित किया गया था और उसका नाम “वन्दे मातरम” कॉलेज रखने का प्रयास था I नाम बदलने की इस प्रक्रिया के खिलाफ भी छात्रों ने काफी एतराज़ जताया था और केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसके बाद कहा कि नाम नहीं बदला जायेगा I

छात्रों का कहना है कि 12 एकड़ की ज़मीन अपने आप में 6000 छात्रों को सम्मलित करने के लिए ही कम है तो अब 9000 छात्रों को कैसे सम्मिलित किया जायेगा I छात्रों और शिक्षकों दोनों का ही कहना है कि अगर ऐसा किया जाता है तो नए कॉलेज के लिए कैंटीन , खेल के मैदान और ऑडिटोरियम पर क्लासिज़ बनायी जाएगी और इससे ये सभी सुविधाएँ ख़तम कर दी जायेंगी I दयाल सिंह कॉलेज में इस मुद्दे पर बोलने आये स्टूडेंट फेडेरशन ऑफ़ इंडिया के प्रितिश का कहना था कि “ इससे पहले देशबंधू कॉलेज में भी इसी तरह की कार्यवाही की गयी थी जिस वजह से कॉलेज कैंपस की विभिन्न जगहों पर टेंट लगाकर क्लासेज़ चलाई जाने लगी थीं I” उन्होंने आगे कहा कि “ये तब था जब देशबंधू कॉलेज में इससे काफी कम छात्र मजूद थे I”  इसके आलावा उनका कहना है कि कॉलेज प्रशासन के इस कदम से सुबह के बैच भी श्याम तक चलेंगे जिससे घर जाने में महिला छात्रों को असुविधा होगी I

dayal singh college

इन मुद्दों के अलावा देशबंधू कॉलेज में आवंटित हॉस्टल की ज़मीन पर भी क्लासेज़ बनेगी इससे छात्रों को काफी परेशानी झेलनी पड़ सकती है I छात्र ये माँग कर रहे हैं कि अगर सुबह का ही बैच चलाना है तो दो कैंपस बनाये जाएँ I

कॉलेज प्रशासन की इसी कार्यवाही के खिलाफ छात्रों ने 22 जनवरी को 11 बजे एक जन सुनवाई आयोजित की थी I इसमें विभिन्न विभागों के शिक्षक भी शामिल थे और करीब 350 छात्र मौजूद थे I इस कार्यक्रम को छात्र संगठन SFI,AISA और NSUI ने समर्थन दिया था और इसे “सेव दयाल सिंह कॉलेज” के बैनर तले आयिजित किया जा रहा था I  

इन्ही मुद्दों को उठाते हुए कॉलेज में पहले छात्रों और अध्यापकों ने मार्च निकाला और उनके बाद करीब 11:30 बजे से ये जन सुनवाई शुरू हुई I इसमें शामिल छात्र नेता प्रितिश का कहना है  कि “जन सुनवाई के दौरान वहाँ कुछ ABVP के छात्र आ गये और पोस्टर फाड़ने लगे ,जब छात्रों ने इसका विरोध किया तो वो बाहर से और लोगों को लाए और इन् लोगों ने मंच पर बोल रहे प्रोफेसर को रोकने की और उनपर हमला करने की कोशिश की I इसके बाद छात्रों ने जब इन्हें रोकने की कोशिश की तो ये धक्का मुक्की और मार पीट पर उतर आये ,पर छात्रों ने भी इसका जमकर मुकाबला किया और इन हुरदंगियों को बाहर खदेड़ने में कामयाब रहे I “

dayal singh college

 स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के सदस्य औरइस कार्यक्रम के आयोजक मयंक का कहना है कि “ABVP के लोगों का जब छात्रों पर ज़ोर नहीं चला तो ,वह छात्रों को धमकी देने लगे और उन्होंने महिला छात्रों को अभद्र गलियां भी दी I साथ ही वो हम सबको देश द्रोही भी कहने लगे I”

इस कार्यक्रम में बोलने वाले प्रोफेसर एन.सचिन का कहना है कि “जो प्रशांसन करने की कोशिश कर रहा है वो निमयों का उललंघन है” , साथ ही उन्होंने कहा “दिल्ली विश्वविद्यालय के कैमपसों में लगतार ये गुंडागर्दी बढ़ती जा रही है ,हर बार जब भी छात्र अपने मुद्दों को लेकर एक जुट होते हैं इस तरह की गुंडागर्दी की जाती है I”

पिछले सालों में ABVP इसी तरह की गुंडा गर्दी के लिए जाना जाता रहा है I पिछले साल रामजस कॉलेज में जब छात्र उमर खालिद और बाकि लोगों को बोलने के लिए बुलाया गया तो इसी तरह की गुंडागर्दी वहाँ भी देखने को मिली थी , जिसके बाद छात्रों द्वारा किये गए प्रदर्शन पर भी ABVP ने हमला बोला जिसमें काफी सारे छात्र घायल हुए थे I इससे पहले JNU के छात्रों को “एंटी नैशनल” घोषित करने और “शट डाउन JNU” का पूरा आन्दोलन चलाने वाले यही तथाकथित “राष्ट्रवादी” थे I इनकी सूची इतनी लम्बी है कि उसे यहाँ समाहित नहीं किया जा सकता पर जबसे बीजेपी सरकार सत्ता में आयी है उनसे जुड़े इस छात्र संगठन की कार्यवाहियाँ बढती जा रही हैं I

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