NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
टीवी चैनल को दिल्ली दंगों के अभियुक्त के इक़बालिया बयान के स्रोत का खुलासा करने के निर्देश, पुलिस का लीक से इंकार
जामिया छात्र आसिफ़ इक़बाल तन्हा की ओर से दायर एक याचिका में ज़ी न्यूज़, ओपइंडिया, यूट्यूब और फेसबुक को कथित तौर पर पुलिस द्वारा लीक की गई संवेदनशील/गोपनीय जानकारी को वापस लेने के संदर्भ में निर्देशित करने की गुहार लगाई गई थी।
द लीफलेट
17 Oct 2020
दिल्ली
 फाइल फोटो।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को एक टेलीविज़न चैनल से अपना हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है, जिसमें उसे स्पष्ट तौर पर इस बात का खुलासा करना होगा कि दिल्ली दंगों के मामले से संबंधित ये कथित गोपनीय बयान उसे कहाँ से हासिल हुए थे।

दिल्ली पुलिस द्वारा अदालत को यह सूचित किये जाने के बाद कि इस जाँच में शामिल किसी भी पुलिस कर्मी ने इसे लीक करने का काम नहीं किया है, न्यायमूर्ति विभु बाक्रू ने इस आशय के आदेश को जारी किया है।

पुलिस ने इस सन्दर्भ में आगे कहा है कि वह इस बात से भी व्यथित है कि अभियुक्त का कथित इकबालिया बयान सार्वजनिक हो जाने से जाँच की प्रक्रिया में बाधा पहुँची है। इसने अदालत को इस सम्बंध में एक सतर्कता जाँच गठित किये जाने के बारे में भी सूचित किया है।

यह सब जामिया के छात्र आसिफ़ इक़बाल तन्हा की ओर से ज़ी न्यूज़, ओपइंडिया, यूट्यूब और फेसबुक को कथित तौर पर पुलिस द्वारा लीक की गई संवेदनशील/गोपनीय सूचना को अपने यहाँ से हटाने के बाबत दायर याचिका एवं मौजूदा जारी आपराधिक जाँच की मीडिया रिपोर्टिंग के सन्दर्भ में आवश्यक दिशानिर्देश जारी किये जाने की माँग के बाद देखने को मिला है। 

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में नजर आने वाली कई न्यूज़ रिपोर्टों में इस बात को दिखाया गया है कि आरोपी तन्हा ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में घटित साम्प्रदायिक दंगों को आयोजित करने और भड़काने की बात कबूली थी। हालाँकि तन्हा ने उच्च न्यायालय में अपनी सफाई में कहा है कि उसे पुलिस अधिकारीयों ने कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर करने और अपनी हिरासत में रखते हुए बयान देने के लिए मजबूर किया था।

तन्हा ने आरोप लगाये हैं कि दिल्ली पुलिस के अधिकारीयों ने इस लंबित कार्यवाही में याचिकाकर्ता के खिलाफ पूर्वाग्रह के चलते गलत इरादे से उक्त बयान को मीडिया में लीक करने का काम किया है।

इससे पहले केरल उच्च न्यायालय ने भी मीडिया में इकबालिया बयानों के बढ़ते खुलासों की प्रवत्ति को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। इसमें कहा गया है कि अभियुक्त द्वारा पुलिस को दिया गया इकबालिया बयान यदि लीक हो जाता है और जाँच के दौरान इस पर बाहर चर्चा होती है तो जाँच में शामिल अधिकारीयों एवं मीडिया पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

इससे पूर्व दिल्ली दंगों के मामलों में आरोपी पिंजरा तोड़ की सदस्या देवांगना कलिता द्वारा दायर एक याचिका में उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस को इस बात के निर्देश दिये हैं कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के मामलों में जब तक आरोपों को, वो चाहे जो भी हों तय न हो गए हों और अदालती प्रक्रिया शुरू न हो गई हो, तब तक वह आगे से किसी भी आरोपी या गवाह के नामों का खुलासा करने वाले किसी भी संचार को जारी न करे।

अदालत का कहना था कि साम्प्रदायिक दंगों से संबंधित मामले निस्संदेह अति-संवेदनशील हैं।

दिल्ली दंगों के खुलासे पर दिल्ली उच्च न्यायलय के बयान को न्यूज़क्लिक द्वारा स्क्रिब्ड पर देखें

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल रिपोर्ट पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें-

Delhi HC directs TV channel to disclose source of Delhi riots accused confessional statement; police deny leak on its part

इस लेख का सर्वप्रथम प्रकाशन द लीफलेट द्वारा किया गया है। 

Delhi riots
Delhi Violence
Jamia Milia Islamia
delhi police
Delhi High court

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'

जहांगीरपुरी : दिल्ली पुलिस की निष्पक्षता पर ही सवाल उठा दिए अदालत ने!

अदालत ने कहा जहांगीरपुरी हिंसा रोकने में दिल्ली पुलिस ‘पूरी तरह विफल’

मोदी-शाह राज में तीन राज्यों की पुलिस आपस मे भिड़ी!


बाकी खबरें

  • Irfan
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक में भाजपा का इतिहास: मीठा-मीठा मोदी का, खारा-खारा मुग़लों का..
    06 Apr 2022
    भाजपा ने भाजपा को जानिए प्रोग्राम शुरू किया है। लेकिन भाजपा के इतिहास को कैसे जानना है उसकी टेक्निक थोड़ी अलग है गुरु..
  • मेरठ: वेटरनरी छात्रों को इंटर्नशिप के मिलते हैं मात्र 1000 रुपए, बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मेरठ: वेटरनरी छात्रों को इंटर्नशिप के मिलते हैं मात्र 1000 रुपए, बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे
    06 Apr 2022
    नाराज छात्रों ने वेटरनरी कॉलेज के गेट पर बैठकर धरना दिया और फिर नारेबाजी करते हुए वेटरनरी कॉलेज से प्रशासनिक भवन तक जुलूस भी निकाला।
  • aakar patel
    भाषा
    एमनेस्टी इंडिया के प्रमुख आकार पटेल का दावा, उन्हें अमेरिका जाने से रोका गया
    06 Apr 2022
    एमनेस्टी इंटरनेशल इंडिया के प्रमुख ने कहा, “ बात इसी महीने की है। अदालत ने मेरा पासपोर्ट जारी कर दिया। मुझे वीजा मिल गया । मैं हवाई अड्डे गया। मुझे आव्रजन पर रोक लिया गया। मुझे बताया गया था कि मैं…
  • बोअवेंचुरा डे साउसा सैंटोस
    यूरोप धीरे धीरे एक और विश्व युद्ध की तरफ बढ़ रहा है
    06 Apr 2022
    अगर हम ग़ैर-यूरोपीय चश्मे से देखें, तो आज यूरोप और अमेरिका घमंड में पूरी तरह अकेले खड़े नज़र आते हैं, शायद वे एक लड़ाई जीतने में भी सक्षम हों, लेकिन वे जंग के इतिहास में एक निश्चित हार की तरफ़ बढ़ रहे…
  • संदीपन तालुकदार
    कोविड-19 के माइल्ड इंफेक्शन से भी डायबिटीज़ का ख़तरा 40% तक बढ़ जाता है
    06 Apr 2022
    एक शोध में पता चला है कि ओबीस(मोटे) लोगों में इंफेक्शन के बाद डायबिटीज़ होने का ख़तरा ज़्यादा होता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License