NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली : बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों ने ‘पुलिस नृशंसता’ के खिलाफ 9 अगस्त को प्रदर्शन का आह्वान किया
ऊर्जाकर्मियों के चार दिन का ‘सत्याग्रह’ शुक्रवार को जंतर-मंतर पर समाप्त हो गया। कर्मियों ने आरोप लगाया कि उन्हें कार्यक्रम के मुताबिक अगले तीन दिन और प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी जा रही है।
रौनक छाबड़ा
07 Aug 2021
दिल्ली : बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों ने ‘पुलिस नृशंसता’ के खिलाफ 9 अगस्त को प्रदर्शन का आह्वान किया।
चित्र विशेष प्रबंध के सौजन्य से

नई दिल्ली: बिजली अधिनियम में संशोधन पर जोर देने के लिए केंद्र के खिलाफ बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों द्वारा चार दिवसीय 'सत्याग्रह' शुक्रवार को संसद मार्ग पर समाप्त हो गया, जिसमें कर्मचारी संघ ने दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए "अत्याचार" का विरोध किया।

बिजली अधिनियम में संशोधन लाने के केंद्र सरकार के कदम के विरोध में बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों का चार दिनी ‘सत्याग्रह’ यहां के संसद मार्ग पर शुक्रवार को समाप्त हो गया, जिसमें कर्मचारी संघ ने दिल्ली ‘पुलिस की नृशंसता’ का विरोध किया। संघ ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर पर ‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन’ तक की इजाजत नहीं दी थी। 

पूरे देश के ऊर्जा क्षेत्र के कर्मचारियों ने विद्युत अधिनियम, 2003 में विवादित संशोधन के विरोध में सत्याग्रह का आह्वान किया था। यह आह्वान नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी ऑफ इलेक्ट्रिकसिटी एम्पलाइज एंड इंजीनियर्स (एनसीसीओईईई) के निर्देश पर किया गया था, जो विद्युत कर्मचारी संघों का एक मुख्य संगठन है। 

“आज भी प्रदर्शनस्थल को दिल्ली पुलिस के सैकड़ों जवानों एवं अर्धसैनिक बलों ने घेर रखा था; यही चार और पांच अगस्त को भी हुआ था। बिजली विभाग के कर्मचारियों एवं अभियंताओं को प्रदर्शनस्थल पर जाने ही नहीं दिया गया। पुलिस ने तो हमें सड़क पर भी खड़े होने की इजाजत नहीं दी थी।” एनसीसीओईईई ने शुक्रवार को जारी अपने एक वक्तव्य में यह जानकारी दी। 

वक्तव्य में कहा गया है कि शुक्रवार को बैनर एवं पोस्टर के साथ जंतर-मंतर की तरफ कूच करने के पहले मुख्य संगठन के घटकों के बीच एक बैठक बीटीआर भवन में हुई, जहां यूनियन के नेताओं ने “पुलिस नृशंसता की निंदा” की। 

एनसीसीओईईई के समन्वयक प्रशांत एन चौधरी ने शुक्रवार को न्यूजक्लिक से कहा कि पूरे देश के बिजलीकर्मी एवं अभियंता दिल्ली पुलिस के “अलोकतांत्रिक रवैये” की निंदा करने के लिए 9 अगस्त को अपने कार्यस्थल पर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृहमंत्रालय के मातहत काम करती है। 

चौधरी ने इसे केंद्र सरकार द्वारा “कर्मचारियों की आवाजों” का “क्रूर दमन” करार देते हुए कहा, “सत्याग्रह के चार दिनों में से पहले तीन दिन हम कर्मचारियों को प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई। यहां तक कि शुक्रवार को भी हम अपना कार्यक्रम पार्लियामेंट स्ट्रीट की सड़क के किनारे 25 मिनट से भी कम समय तक जारी रख सके-इसके बाद हमें वहां से जाने के लिए कह दिया गया।”

नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने विद्युत (संशोधन) विधेयक, 2021 को इसी मानसून सत्र में संसद के पटल पर रखने के लिए सूचीबद्ध किया हुआ है। विद्युत कर्मचारियों को डर है कि यह विवादास्पद संशोधन पूरे देश में बिजली वितरण के काम को निजी हाथों में सौंपने का प्रयास है, जो पहले से ही देश के कुछ राज्यों में तथा केंद्र शासित क्षेत्र में लागू है। 

एनसीसीओईईई  ने भी केंद्र की इस मुहिम के विरोध में 10 अगस्त को एक दिन के लिए अपने काम का बहिष्कार करने का आह्वान विद्युतकर्मियों से किया हुआ है।

शुक्रवार को प्रदर्शनकारी बिजलीकर्मियों को केरल के राज्य सभा सांसद ईलामरम करीम भी संशोधित करने वाले थे। इसके पहले, केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से इस विधेयक को लौटाने की मांग की थी।

दि हिंदू अखबार के मुताबिक, केरल विधानसभा में यह प्रस्ताव बिजली मंत्री के.कृष्णमूर्ति ने पेश किया था, जिसे सत्ताधारी एलडीएफ एवं विरोधी यूडीएफ ने सर्वसम्मति से पारित किया। इन सदस्यों ने गौर किया कि प्रस्तावित संशोधन के पारित हो जाने के बाद देश में बिजली की दर बढ़ जाएगी, जो किसानों एवं समाज के कमजोर तबकों की पहुंच से बाहर हो जाएगी। 

शुक्रवार को एनसीसीओईईई के जारी एक बयान के मुताबिक करीम ने आश्वस्त किया कि केरल सरकार केंद्र के प्रस्तावित संशोधन के विरोध में बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों के संघर्ष में उनका “समर्थन” करेगी। 

अंग्रेजी में मूल रूप से प्रकाशित इस लेख को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Delhi: Power Sector Employees Call for Protest Against ‘Police Atrocities’ on August 9

Electricity Employees
National Coordination Committee of Electricity Employees & Engineers
delhi police
Electricity Amendment Bill 2021
kerala government

Related Stories

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'

जहांगीरपुरी : दिल्ली पुलिस की निष्पक्षता पर ही सवाल उठा दिए अदालत ने!

अदालत ने कहा जहांगीरपुरी हिंसा रोकने में दिल्ली पुलिस ‘पूरी तरह विफल’

मोदी-शाह राज में तीन राज्यों की पुलिस आपस मे भिड़ी!

पंजाब पुलिस ने भाजपा नेता तेजिंदर पाल बग्गा को गिरफ़्तार किया, हरियाणा में रोका गया क़ाफ़िला

नफ़रती भाषण: कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को ‘बेहतर हलफ़नामा’ दाख़िल करने का दिया निर्देश


बाकी खबरें

  • पड़ताल: कोरोना को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के दावे भ्रामक
    राज कुमार
    पड़ताल: कोरोना को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के दावे भ्रामक
    15 Aug 2021
    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने अन्य देशों की तुलना में ज्यादा नागरिकों को बचाया है। ये काफी भ्रामक टिप्पणी है। क्योंकि प्रधानमंत्री कुछ स्पष्ट नहीं कर रहे कि वो किसे “बचाया हुआ” मान रहे हैं। क्या उन…
  • विक्रम और बेताल: सरकार जी और खेल में खेला
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    विक्रम और बेताल: सरकार जी और खेल में खेला
    15 Aug 2021
    सरकार जी खेलों की दुनिया को पैसे की दुनिया से अलग ही रखते थे। वे जानते थे कि खिलाड़ी अपनी नैसर्गिक प्रतिभा से ही आगे बढ़ता है न कि सरकारी सहायता से। इसीलिए उन्होंने खेल में सरकारी मदद को सिर्फ़ खेल…
  • अजय कुमार
    कभी रोज़गार और कमाई के बिंदु से भी आज़ादी के बारे में सोचिए?
    15 Aug 2021
    75 साल पहले ही गुलामी से आजादी मिल गई। लेकिन जिसे असली आजादी कहते हैं क्या उसका एहसास भारत के ज्यादातर लोगों ने किया है?
  • आज़ादी@75: आंदोलन के 74 बरस और नई उम्मीद और नया रास्ता दिखाता किसान आंदोलन
    लाल बहादुर सिंह
    आज़ादी@75: आंदोलन के 74 बरस और नई उम्मीद और नया रास्ता दिखाता किसान आंदोलन
    15 Aug 2021
    आज़ादी के अमृत महोत्सव वर्ष का सबसे पवित्र अमृत यह किसान आंदोलन ही है जो संघ-भाजपा के विषवमन का सबसे बड़ा एंटीडोट है।
  • 75वीं सालगिरह के मौके पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम। तस्वीर में अजय सिंह (दाएं) अपनी जीवन साथी शोभा सिंह (बाएं) के साथ।
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता: मर्द खेत है, औरत हल चला रही है
    15 Aug 2021
    आज आज़ादी की 74वीं सालगिरह है और हमारे कवि और पत्रकार अजय सिंह की 75वीं। 15 अगस्त, 1946 को बिहार के ज़िला बक्सर के चौगाईं गांव में अजय सिंह का जन्म हुआ। आज इतवार भी है, यानी मौका भी है और दस्तूर भी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License