NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अफ्रीका
दक्षिण अफ़्रीका : लॉकडाउन की घोषणा के बावजूद माइनिंग कंपनियों ने मज़दूरों को काम पर बुलाया
कई प्लैटिनम खनन कंपनियां - जिन्होंने लॉकडाउन से छूट के लिए आवेदन किया था, उन्हें खनन विभाग और ऊर्जा विभाग (डीएमआरई) द्वारा आवश्यक सेवा की स्थिति के साथ बाध्य किया गया है।
पीपल्स डिस्पैच
15 Apr 2020
दक्षिण अफ़्रीका

एंग्लो अमेरिकन प्लैटिनम (एम्प्लेट्स) द्वारा नियोजित खनन मज़दूरों को बुधवार, 15 अप्रैल से वापस काम करने के लिए रिपोर्ट करने के लिए बुलाया गया है, बावजूद इसके कि दक्षिण अफ्रीका सरकार ने कोरोना संक्रमण रोकने के लिए महीने के अंत तक के लिए लॉकडाउन की आधिकारिक घोषणा कर दी है।

खनन कंपनियों के दबाव में डीएमआरई के खिलाफ बात करने वाले एसोसिएशन ऑफ मिनवर्कर्स एंड कंस्ट्रक्शन यूनियन (एएमसीयू) ने इस कदम के पीछे तर्क और प्रेरणा पर सवाल उठाया है। उन्होंने खनन कंपनियों को 'ज़रूरी चीज़ों' की श्रेणी में रखने के सरकार के क़दम पर भी सवाल उठाए हैं।

यूनियन ने एक बयान में 13 अप्रैल को कहा, "एएमसीयू यह नहीं समझ पा रहा है कि सोना, चांदी और हीरे को भी 'ज़रूरी समान' कैसे माना जा सकता है।"

यूनियन ने पहले इससे पहले एक टास्क फ़ोर्स के गठन का आह्वान किया था, जो माइन के अंदर सुरक्षा मुहैया करने का काम करने वाला था, जहाँ सफ़ाई उपायों को 'ना मुमकिन है।'

एएमसीयू ने जोर देकर कहा है कि स्वास्थ्य मंत्रालय सहित विभिन्न संस्थानों से तकनीकी सलाह के साथ सुरक्षा मानकों का फैसला किया जाना चाहिए और इसे किसी भी उल्लंघन के लिए दंड के विनियमन के रूप में राजपत्रित और लागू किया जाना चाहिए।

एएमसीयू अध्यक्ष जोसफ़ मथुञ्ज्वा ने साफ़ शब्दों में कहा, "हम माइनों के अंदर कोई काम नहीं करेंगे जब तक इन दिशानिर्देशों को लागू नहीं किया जाता है।" हालांकि सरकार ने कंपनियों को लॉकडाउन से छूट दे दी है, और उन्होंने मज़दूरों को काम पर बुलाना शुरू कर दिया है।

एएमसीयू ने अपने सदस्यों को याद दिलाया है कि उनके अधिकारों के तहत, मालिकों की यह ज़िम्मेदारी है कि वो उनके(मज़दूरों) के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ काम की जगह बनाएँ और अगर वे ऐसा नहीं कर सकते हैं तो मज़दूरों को काम पर ना आने का पूरा अधिकार है।

 

South Africa
COVID 19
Corona Virus
cpovid 19 outbreak
Mining
mining workers south africa

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

क्या कोविड के पुराने वेरिएंट से बने टीके अब भी कारगर हैं?

कोविड-19 : दक्षिण अफ़्रीका ने बनाया अपना कोरोना वायरस टीका

कोविड-19 से सबक़: आपदाओं से बचने के लिए भारत को कम से कम जोखिम वाली नीति अपनानी चाहिए

राहुल गांधी ,मनमोहन सिंह ,और केजरीवाल की पत्नी हुई कोरोना वायरस से संक्रमित

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन कोरोना वायरस से संक्रमित

कोविड के नाम रहा साल: हमने क्या जाना और क्या है अब तक अनजाना 

Covid-19 : मुश्किल दौर में मानसिक तनाव भी अब बन चुका है महामारी

कोविड-19: अध्ययन से पता चला है कि ऑटो-एंटीबाडी से खतरनाक रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है

कोरोना वायरस से पहले भूख हमें मार देगी


बाकी खबरें

  • भाषा
    कांग्रेस की ‘‘महंगाई मैराथन’’ : विजेताओं को पेट्रोल, सोयाबीन तेल और नींबू दिए गए
    30 Apr 2022
    “दौड़ के विजेताओं को ये अनूठे पुरस्कार इसलिए दिए गए ताकि कमरतोड़ महंगाई को लेकर जनता की पीड़ा सत्तारूढ़ भाजपा के नेताओं तक पहुंच सके”।
  • भाषा
    मप्र : बोर्ड परीक्षा में असफल होने के बाद दो छात्राओं ने ख़ुदकुशी की
    30 Apr 2022
    मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा का परिणाम शुक्रवार को घोषित किया गया था।
  • भाषा
    पटियाला में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहीं, तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तबादला
    30 Apr 2022
    पटियाला में काली माता मंदिर के बाहर शुक्रवार को दो समूहों के बीच झड़प के दौरान एक-दूसरे पर पथराव किया गया और स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को हवा में गोलियां चलानी पड़ी।
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    बर्बादी बेहाली मे भी दंगा दमन का हथकंडा!
    30 Apr 2022
    महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक विभाजन जैसे मसले अपने मुल्क की स्थायी समस्या हो गये हैं. ऐसे गहन संकट में अयोध्या जैसी नगरी को दंगा-फसाद में झोकने की साजिश खतरे का बड़ा संकेत है. बहुसंख्यक समुदाय के ऐसे…
  • राजा मुज़फ़्फ़र भट
    जम्मू-कश्मीर: बढ़ रहे हैं जबरन भूमि अधिग्रहण के मामले, नहीं मिल रहा उचित मुआवज़ा
    30 Apr 2022
    जम्मू कश्मीर में आम लोग नौकरशाहों के रहमोकरम पर जी रहे हैं। ग्राम स्तर तक के पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर जिला विकास परिषद सदस्य अपने अधिकारों का निर्वहन कर पाने में असमर्थ हैं क्योंकि उन्हें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License