NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
...मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए
हिन्दी में ग़ज़ल को लोकप्रिय बनाने वाले जनता के कवि-शायर दुष्यंत कुमार की 30 दिसंबर को पुण्यतिथि थी। उन्हें याद करते हुए आज के दौर और आंदोलन को को देखते-परखते हैं।
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
31 Dec 2019

हिन्दी में ग़ज़ल को लोकप्रिय बनाने वाले जनता के कवि-शायर दुष्यंत कुमार की कल पुण्यतिथि थी । उत्तर प्रदेश के बिजनौर ज़िले के राजपुर नवादा गांव में 1 सितंबर, 1933 को जन्में दुष्यंत ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। उनकी कर्मभूमि भोपाल (मध्यप्रदेश) रही, लेकिन वहीं 42 साल की कम उम्र में उन्होंने 30 दिसंबर, 1975 को दुनिया से विदा ली। उनकी प्रमुख कृतियों में साये में धूप (ग़ज़ल संग्रह), सूर्य का स्वागत, आवाज़ों के घेरे और जलते हुए वन का वसंत (सभी कविता संग्रह) और एक कण्ठ विषपायी (काव्य-नाटिका) शामिल हैं

dushyant kumar
poem
hindi poetry
CAA
CAA Protest
CAA/NRC Protests

Related Stories

कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

देश बड़े छात्र-युवा उभार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर बढ़ रहा है

दिल्ली पुलिस की 2020 दंगों की जांच: बद से बदतर होती भ्रांतियां

यादें हमारा पीछा नहीं छोड़तीं... छोड़ना भी नहीं चाहिए

सीएए : एक और केंद्रीय अधिसूचना द्वारा संविधान का फिर से उल्लंघन

समान नागरिकता की मांग पर देवांगना कलिता, नताशा नरवाल को गिरफ्तार किया गया: पिंजरा तोड़

‘इतवार की कविता’ : यह सदी किसके नाम

ग़ैर मुस्लिम शरणार्थियों को पांच राज्यों में नागरिकता

नताशा नरवाल को अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए मिली ज़मानत


बाकी खबरें

  • महामारी काल और स्वास्थ्य सुविधाओं तक महिलाओं की कम पहुंच
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    महामारी काल और स्वास्थ्य सुविधाओं तक महिलाओं की कम पहुंच
    17 Jun 2021
    संस्थान ने अपनी तमाम जांच-परिणाम के बाद ये सुझाव दिया है कि गर्भवती महिलाएं जरूर टीका लगवाएं। हालांकि सरकार ने क्लीनिकल ट्रायल के आंकड़ों की कमी का हवाला देते हुए गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की अब तक…
  • यूपी : राम मंदिर की ज़मीन ख़रीद में 'घोटाले' के ख़िलाफ़ कांग्रेस का प्रदर्शन
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी : राम मंदिर की ज़मीन ख़रीद में 'घोटाले' के ख़िलाफ़ कांग्रेस का प्रदर्शन
    17 Jun 2021
    कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश के सभी ज़िला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया। इस कड़ी में राजधानी लखनऊ में भी कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतड़े और 'चंदा चोर गद्दी छोड़' के नारे लगाए। पुलिस ने…
  • फ़िलीपींस : सेना की गोलीबारी में एक नाबालिग़ सहित 3 आदिवासी मारे गए
    पीपल्स डिस्पैच
    फ़िलीपींस : सेना की गोलीबारी में एक नाबालिग़ सहित 3 आदिवासी मारे गए
    17 Jun 2021
    मारे गए तीन लोगों विली रोड्रिग्ज, लेनी रिवास और एक 12 वर्षीय लड़की एंजेल रिवास को तीसरे एसएफबी द्वारा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ फिलीपींस (सीपीपी) की सशस्त्र शाखा न्यू पीपुल्स आर्मी (एनपीए) के विद्रोही के…
  • दक्षिण अफ़्रीकी अदालत ने सऊदी अरब और यूएई को हथियारों के निर्यात के परमिट की न्यायिक समीक्षा का आदेश दिया
    पीपल्स डिस्पैच
    दक्षिण अफ़्रीकी अदालत ने सऊदी अरब और यूएई को हथियारों के निर्यात के परमिट की न्यायिक समीक्षा का आदेश दिया
    17 Jun 2021
    अदालत ने देश के नेशनल कन्वेंशनल आर्म्स कंट्रोल एक्ट को लागू करने के लिए जिम्मेदार सरकारी निकाय को उन सभी कंपनियों का सार्वजनिक रूप से खुलासा करने का भी आदेश दिया जिन्होंने दो अरब देशों को हथियार…
  • मदद के नाम पर सरकार ने बंद किए कान, तो बिहार में एक गांव डूब गया!
    अजय कुमार
    मदद के नाम पर सरकार ने बंद किए कान, तो बिहार में एक गांव डूब गया!
    17 Jun 2021
    बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से बार-बार कहने पर भी तटबंध नहीं बनाया गया। इस विभाग में अधिकारी नहीं अपराधी काम करते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License