NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
सहकर्मियों के वेतन भुगतान की मांग को लेकर डूटा ने की एक दिन की भूख हड़ताल
सरकार इस महामारी के समय सभी नियोक्ताओं से अपने कर्मचारियों को पूरा वेतन देने की बात कर रही है लेकिन खुद ही वो अपने कर्मचारियों को इस वैश्विक संकट के दौर में भी वेतन नहीं दे रही है। डूटा ने इसकी निंदा की और कहा कि सरकार तुरंत इन कॉलेजों का ग्रांट जारी करे ताकि इन प्राध्यापकों और कर्मचारियों को तुरंत सैलरी मिल सके।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Apr 2020
DUTA STRKE
image courtesy social media

दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों के संघ  (डूटा) के बैनर तले डीयू के शिक्षक मंगलवार को घर से एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठे। यह भूख हड़ताल दिल्ली सरकार द्वारा फंडेड 12 कॉलेजों के कर्मचारियों को वेतन न मिलने को लेकर की गई थी। कई कॉलेजों में तो कई महीनों से वेतन नहीं दिया गया है। सरकार इस महामारी के समय सभी नियोक्ताओं से अपने कर्मचारियों को पूरा वेतन देने की बात कर रही है लेकिन खुद ही वो अपने कर्मचारियों को इस वैश्विक संकट के दौर में भी वेतन नहीं दे रही है।

पिछले कई महीनों से, दिल्ली विश्वविद्यालय और दिल्ली सरकार के बीच इन 12 कॉलेजों के शासकीय निकाय के गठन पर तनातनी चल रही है। जिसके बाद ही दिल्ली सरकार ने सभी कर्मचारियों को वेतन, पेंशन और अन्य वित्तीय बकाया के निपटान के लिए आवश्यक अनुदान पर रोक लगा दी। अब यह बात ख़तरनाक स्थिति में पहुँच गई है। पिछले एक साल से कर्मचारियों को नियमित वेतन नहीं मिल रहा। पिछले दो महीने से कई कॉलेजों में सैलरी नहीं मिली है।

क्या है पूरा मामला ?

शिक्षकों ने सोशल मीडिया के व्हाट्सएप, फेसबुक और ट्विटर और जूम इत्यादि जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर इन 12 कॉलेजों के सहकर्मियों के साथ हुए अन्याय के विरोध में अपने गुस्से को जाहिर करते हुए अपना विरोध प्रदर्शन किया। इन 12 कॉलेजों में से तीन कॉलेजों के कर्मचारियों को अभी तक फरवरी माह तक का वेतन नहीं दिया गया है।

डूटा (DUTA) अध्यक्ष राजीव रे ने इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर उन्होंने दिल्ली सरकार को कई पत्र भी लिखे। इसके बाद जाकर दिल्ली सरकार ने 25.मार्च को बहुत देरी के बाद अनुदान जारी किया, लेकिन वो भी वेतन, पेंशन और अन्य वित्तीय कार्यों के लिए अपर्याप्त था। डूटा ने फिर से दिल्ली सरकार को इन 12 कॉलेजों में इस वित्तीय संकट की याद दिलाते हुए लिखा। लेकिन उन्होंने कोई भी सकारत्मक प्रतिक्रिया नहीं दी।

 राजीव रे ने कहा कि "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दर्दनाक है कि 3 कॉलेज -भीमराव अंबेडकर कॉलेज, केशव महाविद्यालय और शहीद राजगुरु कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंसेज- के कर्मचारियों को मार्च के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है और यदि फण्ड तुरंत जारी नहीं किया जाता है तो बाकी कॉलेज भी अपने कर्मचारियों को अप्रैल के वेतन का भुगतान नहीं कर पाएंगे। "

डूटा के संयुक्त सचिव प्रेम चंद ने ट्विटर पर लिखा “ यह महामारी के दौरान कर्मचारियों को उनके वेतन से वंचित करने के लिए एक आपराधिक कार्य है। 12 डीयू के कॉलेजों के कर्मचारियों को अगर अनुदान जारी नहीं किया जाता है तो उन्हें वेतन नहीं मिलेगा।"

DUTA 1.PNG

डूटा सदस्य सुधांसु कुमार फेसबुक पर लिखते है "दिल्ली सरकार का यह कृत्य घोर निंदनीय है। हम मांग करते हैं कि सरकार तुरंत इन कॉलेजों का ग्रांट जारी करे ताकि इन प्राध्यापकों और कर्मचारियों को तुरंत सैलरी मिल सके। हमारी यह मांग है कि दिल्ली सरकार इनकी सैलरी को नियमित ढंग से दे। किसी की सैलरी रोकना अमानवीय कृत्य है कोई भी सभ्य समाज इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता।"

DUTA 2.PNG

डूटा ने कहा कि "यह बेहद चौंकाने वाला है कि दिल्ली सरकार इन कॉलेजों के कर्मचारियों को दंडित कर रही है, और इस तनावपूर्ण समय में वेतन जारी करने की अपील का जवाब नहीं दे रही है। सामान्य समय में भी वेतन रोकना अनुचित है, लेकिन ऐसे समय में जब पूरा देश एकजुट होकर इस COVID -19 से लड़ने के लिए तैयार है, दिल्ली सरकार इन 12 कॉलेजों को अनुदान नहीं दे रही है।

डूटा ने दिल्ली सरकार को चेतावनी दी है कि यदि अनुदान तुरंत जारी नहीं किया जाता है, तो यह आने वाले दिनों में अपने आंदोलन को और तेज कर देगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी कर्मचारियों को उनके वेतन और बकाया का भुगतान हो सके।

 

DUTA protest
DUTA
DUTA HUNGER STRIKE
Delhi University
Delhi University Teachers Association
delhi govt

Related Stories

SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई

डीयू कैंपस खोलने की मांग और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विरोध में छात्र-शिक्षकों का प्रदर्शन

डीयू के छात्रों का केरल के अंडरग्रेजुएट के ख़िलाफ़ प्रोफ़ेसर की टिप्पणी पर विरोध

डीयू: एनईपी लागू करने के ख़िलाफ़ शिक्षक, छात्रों का विरोध

प्रत्यक्ष कक्षाओं की बहाली को लेकर छात्र संगठनों का रोष प्रदर्शन, जेएनयू, डीयू और जामिया करेंगे  बैठक में जल्द निर्णय

डूटा ने ‘पैटर्न ऑफ असिस्टेंस’ दस्तावेज़ के ख़िलाफ़ कुलपति कार्यालय पर किया प्रदर्शन

दिल्ली: डीयू के शिक्षकों का हल्ला बोल, मुख्यमंत्री आवास तक मार्च

दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने वेतन नहीं मिलने के विरोध में की हड़ताल

डीयू खोलने की मांग को लेकर छात्रों की 48 घंटे की भूख हड़ताल, पुलिस ने हिरासत में लिया

डीयू के दो और प्रोफ़ेसर को भीमा कोरेगांव मामले में समन, छात्र-शिक्षकों ने किया विरोध


बाकी खबरें

  • Ukraine
    सी. सरतचंद
    यूक्रेन युद्ध की राजनीतिक अर्थव्यवस्था
    01 Mar 2022
    अन्य सभी संकटों की तरह, यूक्रेन में संघर्ष के भी कई आयाम हैं जिनकी गंभीरता से जांच किए जाने की जरूरत है। इस लेख में, हम इस संकट की राजनीतिक अर्थव्यवस्था की पृष्ठभूमि की जांच करने की कोशिश करेंगे।
  • Chamba Tunnel
    सीमा शर्मा
    जाने-माने पर्यावरणविद् की चार धाम परियोजना को लेकर ख़तरे की चेतावनी
    01 Mar 2022
    रवि चोपड़ा के मुताबिक़, अस्थिर ढलान, मिट्टी के कटाव और अनुक्रमित कार्बन(sequestered carbon) में हो रहे नुक़सान में बढ़ोत्तरी हुई है।
  • UP Election
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तर प्रदेश चुनाव: 'कमंडल' पूरी तरीके से फ़ेल: विजय कृष्ण
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव में इन दिनों सत्ताधारी भाजपा जनता पार्टी के राज्य बिगड़ते जातीय समीकरणों पर काफी चर्चा चल रही है. विशेषज्ञों के अनुसार जिन जातीय समीकरणों ने भाजपा को 2017 में सत्ता दिलाने में…
  • Manipur Elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    मणिपुर चुनावः जहां मतदाता को डर है बोलने से, AFSPA और पानी संकट पर भी चुप्पी
    28 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने नौजवानों की राजनीतिक आकांक्षाओं और उम्मीदों को टटोला, साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता ओनिल से जाना पानी संकट और ड्रग्स पर भाजपा की चुप्पी का सबब। साथ ही भारत…
  • Modi
    सोनिया यादव
    काशी में पीएम मोदी ने 'राजनीतिक गिरावट' की कही बात, लेकिन भूल गए ख़ुद के विवादित बोल
    28 Feb 2022
    चुनावी रैलियों में पीएम मोदी ने भले ही बीजेपी के स्टार प्रचारक के तौर पर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और अपने समर्थकों को ख़ुश किया होगा, लेकिन एक पीएम के तौर पर वो इस पद की गरिमा को गिराते ही नज़र आते…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License