NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
एचएएल के कर्मचारियों का क्रमिक अनशन जारी
कर्मचारी अपने वेतन के निपटान और अन्य सार्वजनिक कंपनियों के बराबर वेतन की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों ने मांगें न माने जाने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Jun 2019
HAL

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर मंगलवार 25 जून से करीब 500 कर्मचारी क्रमिक अनशन पर बैठ गए हैं। कर्मचारी यूनियन ने कहा की अगर उनकी मांग नहीं मानी तो सात राज्यों में सभी नौ इकाइयों में आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। ये कर्मचारी अपने वेतन के निपटान और अन्य सार्वजनिक कंपनियों के बराबर वेतन की मांग कर रहे हैं।

आपको बता दें कि ये वही एचएएल कंपनी है जिसे यूपीए सरकार के सौदे के तहत भारत में आने वाले रफ़ाल विमान का निर्माण करना था। परन्तु मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने फ्रांस की सरकार के साथ नया सौदा किया तो काम एचएएल की जगह अनिल अंबानी समूह की नई कंपनी को सौंप दिया था। जिसके चलते काफी विवाद रहा है। विपक्ष सहित कई लोगों ने इसको लेकर सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और इसे एचएएल को बर्बाद करने की साज़िश बताया। अभी रफ़ाल का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। 

कर्मचारी यूनियन के महासचिव सूर्यदेव चंद्रशेखर ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा, "सार्वजनिक क्षेत्र के सभी उद्यमों ने अधिकारियों और कामगारों को समान योग्यता और भत्ते दिए हैं लेकिन एचएएल हमें इस लाभ से वंचित रखा गया है।" उन्होंने यह भी कहा कि यह एचएएल की नैतिक जिम्मेदारी भी है। क्योंकि 2017 से ही हमारे वेतन का निपटारा नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों को मूल वेतन 35% और भत्तों में 15% फिटमेंट या वृद्धि मिली थी, लेकिन मज़दूर को केवल 10%फिटमेंट और 18% भत्तों की पेशकश की जा रही थी। उन्होंने कहा, '' उन्होंने अधिकारियों के फिटमेंट और मूल में 10-40% से अधिक की बढ़ोतरी की है और बातचीत के नाम पर वे हमें जो पेशकश कर रहे हैं, वह हमारे जेब से 50% की कटौती है। यह किस तरह का समझौता है?”

यूनियन ने कहा है कि वह 2 जुलाई तक अपनी क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे और यदि मुद्दा अनसुलझा रहा तो वह अपना आंदोलन तेज करेगी। उन्होंने कहा "3 जुलाई को, हम बेंगलुरु में कॉर्पोरेट कार्यालय का घेराव करेंगे।" 

दूसरी ओर, एचएएल ने इसे "अनुचित" बताते हुए आंदोलन की आलोचना की।   

एचएएल ने मंगलवार को एक बयान में कहा “यह खेदजनक है कि अखिल भारतीय एचएएल ट्रेड यूनियनों की समन्वय समिति ने आंदोलन का सहारा लिया है और कुछ सदस्यों ने अपने लंबित वेतन संशोधन के बारे में मीडिया के एक वर्ग से बात की है। उनका अधिकांश विवाद अस्थिर है।" एचएएल ने कहा कि अब तक नौ दौर की चर्चाएं हुई हैं और कहा की इस मसले का हल यथार्थवादी और व्यवहारिक बातचीत से ही संभव है। 

एचएएल ने कहा कि यूनियनों की मांग पर कोई औचित्य नहीं है कि अधिकारियों या अधिकारियों की तुलना में सभी कर्मचारियों का बराबर या उससे अधिक लाभ (फिटमेंट बेनिफिट और भत्ते) दिया जाए,  अधिकारियों का वेतन संशोधन दस साल बाद 1 जनवरी, 2017 से प्रभावी हुआ था। कंपनी ने कहा, "जबकि अन्य कर्मचारियों "2007 के बाद 2012 में और फिर 2017 में वेतन और भत्ते का निपटना हुआ था। ऐसे में अधिकारियों की वृद्धि को देखते समय इस बात का भी ध्यान में रखा गया था।" इसके अलावा उन्होंने कहा कि अन्य सार्वजनिक उपक्रमों में अधिकारियों के लिए उच्च वेतनमान ही है।

एचएएल द्वारा जारी किए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, सूर्यदेव ने न्यूज़क्लिक से कहा, “पीएसयू ने जो भी प्रेस बयान जारी किया है वह पूरी तरह से असत्य है। प्रेस वक्तव्य में दिए गए तथ्य पूरी तरह से झूठे हैं और केवल लोगों को पूरी तरह से भ्रमित करने के लिए डाले गए हैं। हमारी मांग पूरी तरह से न्यायसंगत है और हम जो भी दावा कर रहे हैं वह सौ फीसदी सच है।”

HAL
Hindustan Aeronautics Limited
hunger strike
indefinite hunger strike
HAL#

Related Stories

झारखंड: हेमंत सरकार की वादाख़िलाफ़ी के विरोध में, भूख हड़ताल पर पोषण सखी

इंटरकल्चरल एजुकेशन लॉ लागू करने की मांग को लेकर इक्वाडोर के शिक्षक भूख हड़ताल पर

डीयू खोलने की मांग को लेकर छात्रों की 48 घंटे की भूख हड़ताल, पुलिस ने हिरासत में लिया

उत्तराखंड: एक सड़क के लिए दो महीने से आंदोलन फिर भी सुनवाई नहीं

किसानों की अपील का देशभर में व्यापक असर, आम जनता ने किया दिनभर का उपवास

पीएचडी और एमफिल में एडमिशन के नए मानदंडों को लेकर एचसीयू छात्रसंघ की भूख हड़ताल जारी

‘अभी हारे नहीं हैं हम…’ कोरोना और लॉकडाउन की मार झेलते हुए भी मज़दूरों ने दिखाई एकजुटता, देशभर में प्रदर्शन

श्रम कानूनों में बदलाव का विरोध: राजघाट पर भूख हड़ताल, पुलिस ने मज़दूर नेताओं को हिरासत में लिया

बिहार : मज़दूरों की सुरक्षित वापसी की मांग को लेकर भाकपा माले की दो दिवसीय भूख हड़ताल

फ़ीस बढ़ोतरी के खिलाफ FTII में भूख हड़ताल, IIMC छात्रों का आश्वासन के बाद धरना समाप्त


बाकी खबरें

  • प्रेम कुमार
    यूपी विधानसभा चुनाव : लाभार्थी वर्ग पर भारी आहत वर्ग
    08 Mar 2022
    लाभार्थी वर्ग और आहत वर्ग ने यूपी विधानसभा चुनाव को प्रभावित किया है। इसमें कोई संदेह नहीं है। मगर, सवाल यह है कि क्या इन दोनों वर्गों के मतदाताओं ने वोट करते समय जाति, धर्म और राजनीतिक प्रतिबद्धताओं…
  •  Election commission
    अनिल जैन
    जनादेश-2022:  इस बार कहीं नहीं दिखा चुनाव आयोग, लगा कि सरकार ही करा रही है चुनाव!
    08 Mar 2022
    आमतौर पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता कभी संदेह से परे नहीं रही। उस पर पक्षपात के छिट-पुट के आरोप लगते ही रहे हैं। लेकिन पिछले सात-आठ वर्षों से हालत यह हो गई है कि जो भी नया मुख्य चुनाव आयुक्त आता है, वह…
  • dalit
    ओंकार सिंह
    यूपी चुनाव में दलित-पिछड़ों की ‘घर वापसी’, क्या भाजपा को देगी झटका?
    08 Mar 2022
    पिछड़ों के साथ दलितों को भी आश्चर्यजनक ढंग से अपने खेमे में लाने वाली भाजपा, महंगाई के मोर्चे पर उन्हें लंबे समय तक अपने साथ नहीं रख सकती। 
  • EXIT POLL
    न्यूज़क्लिक टीम
    5 राज्यों की जंग: ज़मीनी हक़ीक़त, रिपोर्टर्स का EXIT POLL
    08 Mar 2022
    देश के पांच महत्वपूर्ण राज्यों यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर ने अपना फ़ैसला सुना दिया है। जनादेश ईवीएम में बंद हो चुका है। लेकिन उससे पहले ही एग्ज़िट पोल के बक्से खुल चुके हैं। लेकिन हम न…
  • सोनम कुमारी
    भाजपा ने अपने साम्प्रदायिक एजेंडे के लिए भी किया महिलाओं का इस्तेमाल
    08 Mar 2022
    वर्ष 2019 में जब पूरे देश में CAA कानून का विरोध हो रहा था और मुस्लिम महिलाएँ सड़कों पर नागरिकता पर उठे सवालों का प्रतिरोध कर रही थी,  तब बीजेपी के कई नेताओं ने उन्हें “रेप” की धमकी दी और शाहीन बाग…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License