NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
एक अध्ययन : माइग्रेशन के आंकड़े बताते हैं कि  हालात अच्छे नहीं हैं
विवाह के आंकड़ों से अलग कुल माइग्रेट होने वाले लोगो में 2011 में 18.4% लोग ऐसे हैं जो व्यापार व रोज़गार के कारण माइग्रेट हुए हैं। 2.2% लोग ऐसे हैं जो शिक्षा के कारण माइग्रेट हुए हैं। जो अन्य कारणों के कारण माइग्रेट हुए हैं वो कुल माइग्रेशन का 38.6% हैं। 
पुलकित कुमार शर्मा
30 Jul 2019
Migration

माइग्रेशन यानी प्रवास, यानी एक जगह से दूसरी जगह जाना या जाने को मजबूर होना यानी जबरन पलायन या विस्थापन। बहुत कम लोग अपनी खुशी और मर्जी से माइग्रेट होते हैं। माइग्रेशन एक तरह से अपनी जड़ों को छोड़कर जाना है...ये अगर आपकी मर्जी से नहीं है तो फिर ये जीवन भर दर्द देता है। 

माइग्रेशन के आकड़ों का अध्ययन करने पर वे सभी कारण सामने आते हैं जिसके कारण यह हो रहा है। ये सभी कारण देश की मौजूदा स्थिति को भी बयां करने में सहायक हैं। साथ ही ये भी पता चलता हैं कि क्यों लोग माइग्रेट हो रहे हैं।

आंकड़े बताते हैं कि केवल रोज़गार और व्यापार के लिए बड़ी संख्या  में लोगों को अपने घर-गांव छोड़कर दूर परदेस जाना पड़ता है। शिक्षा के लिए भी काफी बच्चों को अपना घर छोड़ना पड़ता है। ये रोज़गार और शिक्षा के केंद्रीयकरण का मामला है। यानी रोज़गार और उच्च शिक्षा देश के कुछ ही नगरों-महानगरों या राजधानियों तक सीमित हो कर गई है।

इतना ही नहीं प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, सूखा और यहां तक स्वास्थ्य यानी इलाज के लिए भी बड़ी संख्या में लोगों को पलायन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।    

इसे भी पढ़ें : माइग्रेशन पर लगाम लगा पाने में असफल रही हैं सरकारें

क्या कहते हैं आंकड़ें

2011की जनगणना के अनुसार माइग्रेट हो रहे लोगो की संख्या 45.57 करोड़ हैं जिसमें 9.9% लोग ऐसे हैं जो व्यापार व रोज़गार के कारण माइग्रेट हुए हैं, 46.3% लोग विवाह के कारण माइग्रेट हुए हैं, जो कुल माइग्रेशन का लगभग आधा हिस्सा है। 1.2% लोग शिक्षा के कारण माइग्रेट हुए हैं। परिवार के साथ माइग्रेट होने वाले लोग 14.5 % हैं। जन्म के बाद माइग्रेट होने वाले लोग 7.4% हैं तथा 20.7% लोग ऐसे हैं जो अन्य कारणों के कारण माइग्रेट हुए हैं। अन्य माइग्रेशन में प्राकृतिक आपदा, स्वास्थ्य और बढ़ते अपराध आदि के कारण माइग्रेट होने वाले लोग शामिल हैं।

Capture 1_0.JPG

माइग्रेशन के आंकड़ों में विवाह के आंकड़े पहली नज़र में चौंकाते हैं लेकिन इसकी वजह ये है कि क्योंकि विवाह भारत की परंपरागत रीति है। इस रीति मैं लड़कियों को अपना मायका छोड़कर पति के घर माइग्रेट होना पड़ता है, यही वजह है कि इस तरह का माइग्रेशन कुल माइग्रेशन का लगभग आधा यानी 46 % है। अतः विवाह के आकड़ों को हम कुल माइग्रेशन के आकड़ों से हटाकर देखें तब लोगों की सामाजिक, आर्थिक समस्या की स्थिति साफ हो पाती है। 

विवाह के आंकड़ों से अलग कुल माइग्रेट होने वाले लोगो में 2011 में 18.4% लोग ऐसे हैं जो व्यापार व रोज़गार के कारण माइग्रेट हुए हैं। 2.2% लोग ऐसे हैं जो शिक्षा के कारण माइग्रेट हुए हैं तथा परिवार के साथ माइग्रेट होने वाले लोग 27 प्रतिशत हैं। जो लोग जन्म के बाद माइग्रेट हुए हैं वे भी 13.8% प्रतिशत हैं तथा जो अन्य कारणों के कारण माइग्रेट हुए हैं वो कुल माइग्रेशन का 38.6% हैं। अन्य कारणों में प्राकृतिक आपदा, स्वास्थ्य और बढ़ते अपराध आदि जैसे कारण शामिल हैं। 

Capture 2.JPG

रोज़गार व व्यापार के कारण माइग्रेशन 

लोगों को अपनी जीविका चलने के लिए धन की जरूरत पड़ती हैं और धन का सीधा स्रोत रोज़गार व् व्यापार हैं परन्तु रोज़गार व व्यापार से जुड़े संसाधन उपलब्ध न हो पाने के कारण लोग उन स्थानों पर माइग्रेट हो जाते हैं जहाँ रोज़गार व्  व्यापार के संसाधन उपलब्ध हैं चाहे वह माइग्रेशन प्रदेश के भीतर हो या फिर प्रदेश से बाहर।   

2001 में कुल माइग्रेट होने वाले लोगो की संख्या 15.84 करोड़ थी जिसमें 3.27 करोड़ लोग रोज़गार व व्यापार के कारण माइग्रेट हुए, जो कुल माइग्रेशन का 20.7% था। वहीं 2011 में यह संख्या बढ़कर 4.50 करोड़ लोगों की हो गई जो कुल माइग्रेशन का 18.4% है तथा कुल माइग्रेट होने वाले लोगो की संख्या 24.46 करोड़  हो गयी है। 

Capture 3_0.JPG

राज्य के भीतर माइग्रेट होने वालो लोगों की कुल संख्या 2001 में 12.49 करोड़ थी जो 2011 में बढ़कर 20.26 करोड़ हो गयी है जिसमें रोज़गार व व्यापार के कारण माइग्रेट होने वाले लोगों की संख्या 2001 में 2.05 करोड़ थी जो कुल माइग्रेट होने वाले लोगो का 13% था जो 2011 में बढ़कर 3.09 करोड़ हो गई, जो कुल माइग्रेट होने वाले लोगो का 12.6% है। 

राज्य के बाहर अन्य राज्यों में माइग्रेट होने वाले लोगो की कुल संख्या 2001 में 2.89    करोड़ थी 2011 में यह बढ़कर 3.73 करोड़ हो गयी है। जिसमें रोज़गार व व्यापार के कारण माइग्रेट होने वाले लोगो की संख्या 2001 में 1.16  करोड़ थी जो कुल माइग्रेशन का 7.4% था जो 2011 में बढ़ कर 1.34 करोड़ हो गयी है जो कुल माइग्रेशन का 5.5% है।

शिक्षा के कारण माइग्रेशन

बेहतर शिक्षण संस्थानों व् उच्च कोटि की शिक्षा प्राप्त करने  के कारण भी समाज का एक हिस्सा माइग्रेट होता रहा हैं कुल माइग्रेशन में 33.6 लाख लोग 2001 में शिक्षा के कारण माइग्रेट हुए थे वहीं 2011 में यह संख्या बढ़कर 54.5 लाख लोगो की हो गयी है। 

Capture 4.JPG

राज्य के भीतर शिक्षा के लिए माइग्रेट होने  वाले लोगो की संख्या 2001 में 27.6 लाख थी वही 2011 में यह संख्या बढ़ कर 46.5 लाख लोगो की हो गयी है। 

राज्य से बाहर अन्य राज्यों में शिक्षा के कारण माइग्रेशन में भी इज़ाफा हुआ है। 2001 में शिक्षा के लिए माइग्रेट होने वाले  लोगो की संख्या 5.4 लाख थी वही 2011 में यह संख्या बढ़ कर 7.4 लाख हो गयी है।

परिवार के साथ व् जन्म के बाद माइग्रेशन  

परिवार के साथ जन्म के बाद माइग्रेट हुए लोग में वे सभी लोग शामिल हैं जो अपने स्थान से अपने परिवार के साथ माइग्रेट हुए हैं और जो जन्म के दौरान जनगणना में कहीं और काउंट हो गए हैं।  इन माइग्रेट लोगो में काफी बड़ी वृद्धि आई है। 

परिवार के साथ व जन्म के बाद माइग्रेट हुए लोगो की संख्या में भी बड़ा इज़ाफा हुआ है। 2001 में यह संख्या कुल संख्या की 5.88  करोड़ थी जो 2011 में दो गुना से थोड़ा कम यानी 9.98 करोड़ हो गयी है। 

राज्य के भीतर परिवार के साथ व जन्म के बाद माइग्रेट होने वाले  लोगों की संख्या 2001 में 4.54 करोड़ थी जो 2011 में 8.21 करोड़ हो गयी है।

राज्य के बाहर परिवार के साथ व जन्म के बाद माइग्रेट होने  वाले लोगों की संख्या 2001 में 1.13 करोड़ थी जो 2011 में बढ़ कर 1.15  करोड़ हो गयी है।

अन्य माइग्रेशन

अन्य माइग्रेशन में वे सभी कारण शामिल हैं जो सीधे व अप्रत्यक्ष रूप से  लोगों को माइग्रेट होने पर मजबूर करते हैं जैसे प्राकृतिक आपदा, स्वास्थ्य और बढ़ते अपराध आदि 

जिसके कारण कुल माइग्रेशन का एक बड़ा हिस्सा माइग्रेट होता रहा है। 2001 में कुल माइग्रेशन का लगभग 40% यानी कुल संख्या का 6.35 करोड़ लोग अन्य माइग्रेशन में शामिल हैं। 2011 में यह आंकड़ा बढ़कर 9.43  करोड़ लोगो हो गया है। 

राज्य के भीतर माइग्रेट होने वाले लोगों की संख्या 2001 में 5.62  करोड़ थी जो 2011 में बढ़कर 8.49 करोड़ हो गयी है।

राज्य के बाहर अन्य राज्यों में माइग्रेट होने वाले लोगो की बात की जाए तो 2001 में यह संख्या 0.53  करोड़ थी जो 2011 में बढ़कर 0.76 करोड़ हो गयी है। 

permanent migration
temporary migration
migration
employment migration
educational migration
health care facilities

Related Stories

सड़क, पानी, स्वास्थ्य सेवा के बिना रह रहे पहाड़ी गाँव की कहानी


बाकी खबरें

  • यमन पर सऊदी अत्याचार के सात साल
    पीपल्स डिस्पैच
    यमन पर सऊदी अत्याचार के सात साल
    30 Mar 2022
    यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाला युद्ध अब आधिकारिक तौर पर आठवें साल में पहुंच चुका है। सऊदी नेतृत्व वाले हमले को विफल करने की प्रतिबद्धता को मजबूत करने के लिए हज़ारों यमन लोगों ने 26 मार्
  • imran khan
    भाषा
    पाकिस्तान में संकटग्रस्त प्रधानमंत्री इमरान ने कैबिनेट का विशेष सत्र बुलाया
    30 Mar 2022
    यह सत्र इस तरह की रिपोर्ट मिलने के बीच बुलाया गया कि सत्ताधारी गठबंधन के सदस्य दल एमक्यूएम-पी के दो मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। 
  • national tribunal
    राज वाल्मीकि
    न्याय के लिए दलित महिलाओं ने खटखटाया राजधानी का दरवाज़ा
    30 Mar 2022
    “नेशनल ट्रिब्यूनल ऑन कास्ट एंड जेंडर बेस्ड वायोंलेंस अगेंस्ट दलित वीमेन एंड माइनर गर्ल्स” जनसुनवाई के दौरान यौन हिंसा व बर्बर हिंसा के शिकार 6 राज्यों के 17 परिवारों ने साझा किया अपना दर्द व संघर्ष।
  • fracked gas
    स्टुअर्ट ब्राउन
    अमेरिकी फ्रैक्ड ‘फ्रीडम गैस’ की वास्तविक लागत
    30 Mar 2022
    यूरोप के अधिकांश हिस्सों में हाइड्रोलिक फ्रैक्चरिंग का कार्य प्रतिबंधित है, लेकिन जैसा कि अब यूरोपीय संघ ने वैकल्पिक गैस की आपूर्ति के लिए अमेरिका की ओर रुख कर लिया है, ऐसे में पिछले दरवाजे से कितनी…
  • lakhimpur kheri
    भाषा
    लखीमपुर हिंसा:आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के लिए एसआईटी की रिपोर्ट पर न्यायालय ने उप्र सरकार से मांगा जवाब
    30 Mar 2022
    पीठ ने कहा, ‘‘ एसआईटी ने उत्तर प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को जांच की निगरानी कर रहे न्यायाधीश के दो पत्र भेजे हैं, जिन्होंने मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के वास्ते राज्य…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License