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भारत
राजनीति
एक और छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की हार और हिंसा
इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के नव निर्वाचित अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव का इस हिंसा पर कहना है कि विश्वविद्यालयों को तबाह करने का ये सब आरएसएस का छिपा एजेंडा है। अगर 24 घंटे के भीतर हिंसा करने वालों पर कार्रवाई न की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
मुकुंद झा
06 Oct 2018
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हिंसा

शुक्रवार 5 अक्टूबर को इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ (AUSU) चुनाव के परिणाम आने के बाद ही भारी हिंसा देखने को मिली। छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए समाजवादी छात्र सभा के उदय प्रकाश यादव और गत वर्ष के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे अविनाश यादव के हॉलैंड छात्रावास में आग लगा दी गई। छात्रावास के कई कमरों में आग लगाई गई। साथ ही दर्जन भर गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया गया। उदय का कहना है कि इस आगजनी में उनके कई महत्वपूर्ण कागजात भी जलकर स्वाहा हो गए हैं।

हिंसा का ये तांडव चुनाव नतीजों की घोषणा के कुछ मिनटों बाद ही शुरू हो गया। इसने इतना भयावह रूप लिया कि वहाँ भगदड़ मच गई और कई छात्र  गंभीर रूप से घायल हो गए। छात्रों का आरोप है कि ये सब आरएसएस-बीजेपी के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने किया है। वो अपनी हार  को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने नवनिर्वाचित अध्यक्ष समेत अन्य आम छात्रों पर हमला किया। सबसे हैरानी की बात थी कि ये सब पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में हुआ। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि यह स्थानीय प्रशासन की शह पर हो रहा हो।

AUSU के चुनाव में इस बार भी एबीवीपी को करारा झटका लगा। पांच प्रमुख पदों में से चार पर समाजवादी पार्टी की छात्र इकाई समाजवादी छात्र सभा (सछास) और कांग्रेस की छात्र इकाई भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने जीत दर्ज की। आम चुनाव को देखते हुए भाजपा के लिए यह परिणाम बहुत उत्साहवर्धक नहीं रहा। इस चुनाव में आरएसएस की छात्र इकाई एबीवीपी केवल एक महामंत्री का पद जीत सकी है।

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इस पूरी हिंसा और आगजनी पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव ने एक फेसबुक पोस्ट किया जिसमें वो लिखते हैं कि “प्रिय साथियो, जब चुनाव जीतकर आपके साथ खुशी मनाने का समय था तब मैं अपने आवास की आग बुझाने में व्यस्त था। जो इतिहास में कभी नहीं हुआ वह काला इतिहास बनाया गया, जो इलाहाबाद विश्वविद्यालय की गरिमामयी संस्कृति को धूमिल करता है।”
आगे वो लिखते हैं चुनाव जीतने के 15 मिनट के भीतर ही जीतने वाले प्रत्याशी और उसके आसपास रहने वाले छात्रों के कक्ष आग के हवाले कर दिए जाते हैं और उसमें रखा सामान और रुपया पैसा लेकर हारने वाले प्रत्याशी फरार हो जाते हैं लेकिन पुलिस प्रशासन तमाशाई बने रहते हैं। ये कोई सामान्य घटना नहीं है लेकिन पुलिस प्रशासन मौन है क्योंकि सरकार की मशीनरी का दुरुपयोग करने वाली बीजेपी की करारी हार हुई है।”

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न्यूज़क्लिक से बात करते हुए उदय प्रकाश यादव का कहना था कि विश्वविद्यालयों को तबाह करने का ये सब आरएसएस का छिपा एजेंडा है। अगर 24 घंटे के भीतर हिंसा करने वालों पर कार्रवाई न की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

हार की कुंठा में किया हमला

एक अन्य छात्र व समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ता ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि ये आग छात्रसंघ में हारे एबीवीपी के संघीय लंपटो द्वारा पूर्व अध्यक्ष (2017) अवनीश यादव , वर्तमान अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव और 2016 के अध्यक्ष पद पर 3302 वोट हासिल करने वाले  अजीत यादव के हॉलैंड हॉल हॉस्टल के कमरों में लगाई गई।

आगे वो कहते हैं कि एबीवीपी और संघियों की बौखलाहट यूँ ही नहीं है, इनका वर्चस्व अब लगभग ख़त्म हो चुका है। इनकी मानसिकता गुंडों वाली है। ये कभी छात्रों के हित में नहीं सोच सकते। इसलिए इन्हें छात्र साल दर साल नकार रहा है। इस घटना को समझने के लिए हमें उनका इतिहास भी देखना होगा।

आपको बता दें कि 2012 में समाजवादी सरकार बनने पर छत्रसंघ बहाल हुआ। तब से 2018 तक समाजवादी छात्रसभा ने विश्वविद्यालय में हर बार अध्यक्ष पद पर कब्ज़ा किया है। और एबीवीपी को हार मिली है। यही करण है कि हार की कुंठा में ऐसी हरकतें कर रहे हैं।

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वामपंथी छात्र संगठन एसएफआई के सौरभ मिश्र ने एबीवीपी पर हमला करते हुए कहा कि एबीवीपी अपनी हार से हताश होकर छात्र राजनीति को बदनाम करने में लगी है। वे कहते हैं कि उनकी विरासत ही गोली बारूद और दंगे करने की रही  है, तो उसको कैसे छोड़ सकते हैं। कभी गांधी को गाली और गोली मारकर सीना चौड़ा करते हैं, तो कभी जाति का सहारा लेकर विश्वविद्यालय के छात्रों में फूट डालते हैं। जब ये सब करके भी वह हार गए हैं तो हॉस्टल के कमरों में आग भी लगा दी।

सौरभ बताते हैं कि अभी कैंपस का वातावरण तनावपूर्ण बना हुआ है। छात्र डरे हुए हैं। छात्रों के बीच में हिंसा को लेकर तो गुस्सा है ही परन्तु इसको लेकर भी गुस्सा है कि जिला प्रशासन व पुलिस बल पूरी घटना के दौरान मूक दर्शक बने रहे।

आइसा ने भी एबीवीपी की इस हिंसा की कड़ी शब्दों में निंदा की है और तुरंत कार्रवाई की मांग की है। आइसा से जुड़े छात्रों का भी कहना है कि एबीवीपी ने इसी तरह की कोशिश जेएनयू में भी की थी। वहां भी हार के बाद बौखलाई एबीवीपी ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष समेत कई छात्र-छात्राओं पर हमला किया था।  

इसी तनाव और भय के माहौल में ही आज छात्रसंघ के नव निर्वाचित पदाधिकारीयों ने शपथ ली। इसके बाद सभा को संबोधित करते हुए नवनिर्वाचित अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव ने सभी छात्रों को धन्यवाद करते हुए हिंसा के लिए एबीवीपी की निंदा की और कहा कि ये पूरी घटना मुख्यमंत्री योगी के शह पर हुई है, इसलिए पुलिस-प्रशासन भी तमाशबीन बना रहा। लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा और कार्रवाई को लेकर आंदोलन किया जाएगा।  

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