NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
एक और छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की हार और हिंसा
इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के नव निर्वाचित अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव का इस हिंसा पर कहना है कि विश्वविद्यालयों को तबाह करने का ये सब आरएसएस का छिपा एजेंडा है। अगर 24 घंटे के भीतर हिंसा करने वालों पर कार्रवाई न की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
मुकुंद झा
06 Oct 2018
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हिंसा

शुक्रवार 5 अक्टूबर को इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ (AUSU) चुनाव के परिणाम आने के बाद ही भारी हिंसा देखने को मिली। छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए समाजवादी छात्र सभा के उदय प्रकाश यादव और गत वर्ष के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे अविनाश यादव के हॉलैंड छात्रावास में आग लगा दी गई। छात्रावास के कई कमरों में आग लगाई गई। साथ ही दर्जन भर गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया गया। उदय का कहना है कि इस आगजनी में उनके कई महत्वपूर्ण कागजात भी जलकर स्वाहा हो गए हैं।

हिंसा का ये तांडव चुनाव नतीजों की घोषणा के कुछ मिनटों बाद ही शुरू हो गया। इसने इतना भयावह रूप लिया कि वहाँ भगदड़ मच गई और कई छात्र  गंभीर रूप से घायल हो गए। छात्रों का आरोप है कि ये सब आरएसएस-बीजेपी के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने किया है। वो अपनी हार  को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने नवनिर्वाचित अध्यक्ष समेत अन्य आम छात्रों पर हमला किया। सबसे हैरानी की बात थी कि ये सब पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में हुआ। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि यह स्थानीय प्रशासन की शह पर हो रहा हो।

AUSU के चुनाव में इस बार भी एबीवीपी को करारा झटका लगा। पांच प्रमुख पदों में से चार पर समाजवादी पार्टी की छात्र इकाई समाजवादी छात्र सभा (सछास) और कांग्रेस की छात्र इकाई भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने जीत दर्ज की। आम चुनाव को देखते हुए भाजपा के लिए यह परिणाम बहुत उत्साहवर्धक नहीं रहा। इस चुनाव में आरएसएस की छात्र इकाई एबीवीपी केवल एक महामंत्री का पद जीत सकी है।

WhatsApp Image 2018-10-06 at 13.06.26.jpeg

इस पूरी हिंसा और आगजनी पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव ने एक फेसबुक पोस्ट किया जिसमें वो लिखते हैं कि “प्रिय साथियो, जब चुनाव जीतकर आपके साथ खुशी मनाने का समय था तब मैं अपने आवास की आग बुझाने में व्यस्त था। जो इतिहास में कभी नहीं हुआ वह काला इतिहास बनाया गया, जो इलाहाबाद विश्वविद्यालय की गरिमामयी संस्कृति को धूमिल करता है।”
आगे वो लिखते हैं चुनाव जीतने के 15 मिनट के भीतर ही जीतने वाले प्रत्याशी और उसके आसपास रहने वाले छात्रों के कक्ष आग के हवाले कर दिए जाते हैं और उसमें रखा सामान और रुपया पैसा लेकर हारने वाले प्रत्याशी फरार हो जाते हैं लेकिन पुलिस प्रशासन तमाशाई बने रहते हैं। ये कोई सामान्य घटना नहीं है लेकिन पुलिस प्रशासन मौन है क्योंकि सरकार की मशीनरी का दुरुपयोग करने वाली बीजेपी की करारी हार हुई है।”

UDAY.jpg

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए उदय प्रकाश यादव का कहना था कि विश्वविद्यालयों को तबाह करने का ये सब आरएसएस का छिपा एजेंडा है। अगर 24 घंटे के भीतर हिंसा करने वालों पर कार्रवाई न की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

हार की कुंठा में किया हमला

एक अन्य छात्र व समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ता ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि ये आग छात्रसंघ में हारे एबीवीपी के संघीय लंपटो द्वारा पूर्व अध्यक्ष (2017) अवनीश यादव , वर्तमान अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव और 2016 के अध्यक्ष पद पर 3302 वोट हासिल करने वाले  अजीत यादव के हॉलैंड हॉल हॉस्टल के कमरों में लगाई गई।

आगे वो कहते हैं कि एबीवीपी और संघियों की बौखलाहट यूँ ही नहीं है, इनका वर्चस्व अब लगभग ख़त्म हो चुका है। इनकी मानसिकता गुंडों वाली है। ये कभी छात्रों के हित में नहीं सोच सकते। इसलिए इन्हें छात्र साल दर साल नकार रहा है। इस घटना को समझने के लिए हमें उनका इतिहास भी देखना होगा।

आपको बता दें कि 2012 में समाजवादी सरकार बनने पर छत्रसंघ बहाल हुआ। तब से 2018 तक समाजवादी छात्रसभा ने विश्वविद्यालय में हर बार अध्यक्ष पद पर कब्ज़ा किया है। और एबीवीपी को हार मिली है। यही करण है कि हार की कुंठा में ऐसी हरकतें कर रहे हैं।

IMG_2518.jpg

वामपंथी छात्र संगठन एसएफआई के सौरभ मिश्र ने एबीवीपी पर हमला करते हुए कहा कि एबीवीपी अपनी हार से हताश होकर छात्र राजनीति को बदनाम करने में लगी है। वे कहते हैं कि उनकी विरासत ही गोली बारूद और दंगे करने की रही  है, तो उसको कैसे छोड़ सकते हैं। कभी गांधी को गाली और गोली मारकर सीना चौड़ा करते हैं, तो कभी जाति का सहारा लेकर विश्वविद्यालय के छात्रों में फूट डालते हैं। जब ये सब करके भी वह हार गए हैं तो हॉस्टल के कमरों में आग भी लगा दी।

सौरभ बताते हैं कि अभी कैंपस का वातावरण तनावपूर्ण बना हुआ है। छात्र डरे हुए हैं। छात्रों के बीच में हिंसा को लेकर तो गुस्सा है ही परन्तु इसको लेकर भी गुस्सा है कि जिला प्रशासन व पुलिस बल पूरी घटना के दौरान मूक दर्शक बने रहे।

आइसा ने भी एबीवीपी की इस हिंसा की कड़ी शब्दों में निंदा की है और तुरंत कार्रवाई की मांग की है। आइसा से जुड़े छात्रों का भी कहना है कि एबीवीपी ने इसी तरह की कोशिश जेएनयू में भी की थी। वहां भी हार के बाद बौखलाई एबीवीपी ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष समेत कई छात्र-छात्राओं पर हमला किया था।  

इसी तनाव और भय के माहौल में ही आज छात्रसंघ के नव निर्वाचित पदाधिकारीयों ने शपथ ली। इसके बाद सभा को संबोधित करते हुए नवनिर्वाचित अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव ने सभी छात्रों को धन्यवाद करते हुए हिंसा के लिए एबीवीपी की निंदा की और कहा कि ये पूरी घटना मुख्यमंत्री योगी के शह पर हुई है, इसलिए पुलिस-प्रशासन भी तमाशबीन बना रहा। लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा और कार्रवाई को लेकर आंदोलन किया जाएगा।  

AUSU
ALLAHABAD
SCS
SAMJWADI CHATRA SABHA
ABVP
VOILENCE
UDAY PRAKASH YADAV

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

अलीगढ़ : कॉलेज में नमाज़ पढ़ने वाले शिक्षक को 1 महीने की छुट्टी पर भेजा, प्रिंसिपल ने कहा, "ऐसी गतिविधि बर्दाश्त नहीं"

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!

लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी

चुनावी राज्यों में क्रमवार दंगे... संयोग या प्रयोग!

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !

जेएनयू छात्र झड़प : एबीवीपी के अज्ञात सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज


बाकी खबरें

  • AUKUS May put NATO’s Future into Question
    जेम्स डब्ल्यू कार्डेन
    नाटो के भविष्य को संकट में डाल सकता है एयूकेयूएस 
    25 Sep 2021
    इस डील के परिणामस्वरूप दो ऐतिहासिक साझीदारों, अमेरिका एवं फ्रांस के संबंधों में गंभीर दरार आ गई है। इससे नाटो को भी आनुषांगिक रूप से घाटा हो सकता है।
  • Tamil Nadu
    नीलाबंरन ए
    तमिलनाडु के मछुआरे समुद्री मत्स्य उद्योग विधेयक के ख़िलाफ़ अपना विरोध तेज़ करेंगे
    25 Sep 2021
    मछुआरे समुदाय का आरोप है कि विधेयक और ब्ल्यू इकॉनमी मसौदा नीति कॉर्पोरेट संस्थाओं के हितों का पक्षपोषण करती है।
  • Afghanistan
    एम. के. भद्रकुमार
    क्या शांति की ओर बढ़ रहा है अफ़ग़ानिस्तान?
    25 Sep 2021
    अफ़गान अर्थव्यवस्था को उबारने में चीन की तत्परता एक बिल्कुल नया कारक है। अब बाइडेन प्रशासन अफ़गानिस्तान और मध्य एशिया में और अधिक उलझावों में शामिल नहीं होना चाहता है, इन हालत में अफ़गानिस्तान के पड़ोसी…
  • Kannur University
    सुचिंतन दास
    नहीं पढ़ने का अधिकार
    25 Sep 2021
    नफ़रत और कट्टरता से भरी बातों को पढ़ने से इनकार कर के कन्नूर विश्वविद्यालय के छात्रों ने इस सिलेबस की समीक्षा करने और इसके ज़रिये शासन की विस्तारात्मक नीति का  विरोध कर अहम राजनीतिक कार्य को अंजाम…
  • Harshil farmers
    वर्षा सिंह
    हर्षिल के सेब किसानों की समस्याओं का हल क्यों नहीं ढूंढ पायी उत्तराखंड सरकार
    25 Sep 2021
    हर्षिल के काश्तकारों ने इस महोत्सव का सीधे तौर पर बायकॉट कर दिया। महोत्सव शुरू होने के चार रोज़ पहले से ही हर्षिल में धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया था। महोत्सव के दिन हर्षिल में किसानों ने ढोल-दमाऊं जैसे…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License