NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
एक दशक में 746 प्रतिशत बढ़े दलित उत्पीड़न के मामले- रिपोर्ट
हालिया दिनों में दलित एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन को लेकर देशभर में बहस चल रही है. इस बीच इंडिया स्पेंड की रिपोर्ट ने दलित उत्पीड़न के आंकड़े जारी किए हैं. इस रिपोर्ट के मुताबिक, 2006 से 2016 तक एक दशक में दलित उत्पीड़न के मामले तेजी से बढ़े हैं I
सबरंग इंडिया
10 Apr 2018
Dalits

हालिया दिनों में दलित एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन को लेकर देशभर में बहस चल रही है. इस बीच इंडिया स्पेंड की रिपोर्ट ने दलित उत्पीड़न के आंकड़े जारी किए हैं. इस रिपोर्ट के मुताबिक, 2006 से 2016 तक एक दशक में दलित उत्पीड़न के मामले तेजी से बढ़े हैं. 

रिपोर्ट में कहा गया है कि दलितों के खिलाफ अपराध की दर आठ गुना (746%) से ज्यादा बढ़ी है. 2016 के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों को लेकर इंडिया स्पेंड के विश्लेषण के मुताबिक, 2006 में प्रति 100,000 दलितों में से 2.4 प्रतिशत अपराध थे, जो 2016 में बढ़कर 20.3 हो गया.

इसके अलावा आदिवासियों या अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ अपराध की दर 12 गुना (1,160%) से बढ़ी है. यह अपराध दर 2006 में 0.5 से बढ़कर 2016 में 6.3 हो गई. दोनों हाशिए के समूहों के लिए पुलिस जांच लंबित मामलों में क्रमशः 99% और 55% की वृद्धि हुई है. 

अदालतों में लंबित मामलों की दर क्रमशः 50% और 28% बढ़ी है. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ अपराध की सजा दर क्रमश: 2 प्रतिशत अंक और 7 प्रतिशत अंक गिरकर 2006 से 2016 तक 26% और 21% हो गई है.

बता दें कि ये आंकड़े उस वक्त सामने आए हैं जब 20 मार्च 2018 को ही एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोगी की चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसमें संशोधन किया है. सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जातियों और जनजातियों (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नागरिकों या सार्वजनिक नौकरियों की कोई भी तत्काल गिरफ्तारी नहीं होगी. जिसके तहत पंजीकृत अपराधों की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी तत्काल गिरफ्तारी नहीं होगी.

Courtesy: Sabrang India,
Original published date:
09 Apr 2018
Dalits
Scheduled Caste
scheduled tribes

Related Stories

विचारों की लड़ाई: पीतल से बना अंबेडकर सिक्का बनाम लोहे से बना स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

बच्चों को कौन बता रहा है दलित और सवर्ण में अंतर?

मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?

गुजरात: पार-नर्मदा-तापी लिंक प्रोजेक्ट के नाम पर आदिवासियों को उजाड़ने की तैयारी!

झारखंड : नफ़रत और कॉर्पोरेट संस्कृति के विरुद्ध लेखक-कलाकारों का सम्मलेन! 

#Stop Killing Us : सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का मैला प्रथा के ख़िलाफ़ अभियान

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

बागपत: भड़ल गांव में दलितों की चमड़ा इकाइयों पर चला बुलडोज़र, मुआवज़ा और कार्रवाई की मांग

मेरे लेखन का उद्देश्य मूलरूप से दलित और स्त्री विमर्श है: सुशीला टाकभौरे


बाकी खबरें

  • सोनिया यादव
    भारत के लगभग आधे शहर वायु प्रदूषण की चपेट में, दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित कैपिटल सिटी: रिपोर्ट
    23 Mar 2022
    देश के 48 फीसदी शहरों में डब्लूएचओ द्वारा तय मानकों से 10 गुना ज्यादा वायु प्रदूषण का स्तर पाया गया। वहीं दुनिया के 100 सबसे प्रदूषित स्थानों की सूची में 63 भारतीय शहर शामिल रहे।
  • journalist
    कुमुदिनी पति
    रूस और यूक्रेन: हर मोर्चे पर डटीं महिलाएं युद्ध के विरोध में
    23 Mar 2022
    युद्ध हर देश के लिए बुरा है। इस लेख में हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि इस युद्ध की वजह से यूक्रेन और रूस की महिलाओं को क्या कुछ झेलना पड़ रहा है और युद्ध लम्बा खिंचा तो उनपर और उनके बच्चों पर क्या…
  • china
    कैथरीन शायर
    सऊदी अरब और चीन: अब सबसे अच्छे नए दोस्त?
    23 Mar 2022
    मध्य पूर्व का यह देश चीन की तरफ झुक रहा है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ उसके लंबे समय से चले रहे मजबूत संबंधों को खत्म करने की एक धमकी है। अब देखना है कि दोनों के बीच यह अनबन कितनी गंभीर है?
  • agriculture
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु राज्य और कृषि का बजट ‘संतोषजनक नहीं’ है
    23 Mar 2022
    राज्य एवं कृषि दोनों ही बजट में कई चुनावी वादे अछूते ही बने रहे। इसके अलावा, मुद्रास्फीति और महंगाई को देखते हुए वित्तीय आवंटन कम था।
  • Fire
    भाषा
    हैदराबाद: कबाड़ गोदाम में आग लगने से बिहार के 11 प्रवासी मज़दूरों की दर्दनाक मौत
    23 Mar 2022
    दमकल और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि श्रमिक खुद को नहीं बचा सके क्योंकि वहां केवल एक ही सीढ़ी थी। हालांकि एक व्यक्ति कमरे से कूदकर बचने में सफल रहा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License