NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
विज्ञान
एक इंसान का रहस्यमयी मामला जो अक्षरों को तो पढ़ सकता है लेकिन अंकों को नहीं 
यह खोज एक बार फिर से इस तथ्य को उजागर करता है कि अभी भी मानव के मस्तिष्क के बारे में काफी कुछ जानना बाकी है। इसका अर्थ यह भी है कि हमारे मस्तिष्क और की हमारी चेतना के कार्यकलाप और हमारी देख सकने की इन्द्रियों का जुड़ाव एक दूसरे से सीधे तौर पर न जुड़े हों।
संदीपन तालुकदार
12 Aug 2020
m
चित्र सौजन्य: डिस्कवरीआई.ओआरजी। छवि मात्र प्रतिनिधित्व हेतु।

एक हालिया खोज ने न्यूरोसाइंटिस्टों के समक्ष एक नई दुविधा खड़ी कर दी है, जिसके चलते मानव चेतना और मस्तिष्क के काम करने को लेकर कुछ की राय यह बन रही है कि इस धारणा में अब बदलाव की आवश्यकता है। यह खोज एक व्यक्ति के चलते उपजी है, जिसका संक्षिप्त नाम आर.एफ.एस. है। श्रीमान आरऍफ़एस को शब्द पढने में कोई समस्या नहीं है। मन ही मन गणितीय गणना का काम करने में कोई समस्या नहीं है, लेकिन दो से नौ तक के अरबी अंकों को बिलकुल भी नहीं पहचान पा रहे हैं। मजे की बात ये है कि रोमन संख्या पढने में कोई समस्या नहीं हो रही और उसके सहारे वह मन में ही गुणा-भाग करने में सक्षम है। इस तथ्य को हाल ही में वैज्ञानिक जर्नल प्रोसीडिंग्स ऑफ़ द नेशनल अकादमी ऑफ़ साइंसेज (पीएनएएस) की सहकर्मी समीक्षा के तहत दर्ज किया गया था।  

शोधकर्ताओं ने इस व्यक्ति को आठ का अंक दिखाया था और जो कुछ वह स्क्रीन पर देख पा रहा था, उसे बनाने के लिए कहा था। आरएफएस को यह संख्या आड़ी तिरछी लाइनों के तौर पर नजर में आई थी। नीचे दिए गए दृश्य में इसे दर्शाया गया है, कि उसने क्या देखा।

 

2010 के बाद से ही आरएफएस एक दुर्लभ किस्म के न्यूरोडीजेनेरेटिव विकार से पीड़ित है जिसे कोर्तिकोबसल सिंड्रोम के नाम से जाना जाता है, जो चलने फिरने और भाषा में आ रही दिक्कतों के साथ प्रकट होता है। पीएनएएस पेपर के अनुसार उसके मस्तिष्क के स्कैन से पता चला कि मस्तिष्क, मिडब्रेन और सेरेबेलर क्षेत्रों में भारी मात्रा में नुकसान पहुँचा है। प्रारंभ में  उसे अस्थाई दृष्टि बाध्यता के साथ भूल जाने की बीमारी के साथ बातचीत को समझ पाने और अपनी बात को बता पाने में कठिनाई हो रही थी। कुछ समय बाद चलने फिरने में भी कठिनाई पैदा हो चुकी थी।

आरम्भ में आरएफएस का इलाज द जॉन्स हॉपकिन्स अस्पताल चल रहा था और शोध के सह-लेखक माइकल मैकक्लोस्की से परामर्श चल रहा था। मैकक्लोस्की जोकि जॉन्स हॉपकिन्स में संज्ञानात्मक विज्ञान विभाग में वैज्ञानिक हैं ने 2011 से एक टीम के साथ मिलकर आरएफएस पर अध्ययन शुरू कर दिया था।

मैकक्लोस्की के अनुसार आरएफएस को इस बारे में तो अहसास है कि वह एक संख्या को देख रहा है लेकिन वह ठीक-ठीक अंदाजा लगा पाने में असमर्थ है कि असल में यह संख्या क्या है। इसके स्थान पर उसे उलझी हुई लाइनें नजर आने लगती हैं। टीम के लिए चौंकाने वाले तथ्य ये थे कि उसे संख्या के सिवाय, हर चीज दिख रही थी। मैकक्लोस्की ने साइंस वेबसाइट के लाइव साइंस से बात करते हुए बताया “यह भी बेहद आश्चर्यजनक है कि मरीज के दिमाग में “0” और “1” को लेकर कोई समस्या नहीं है, लेकिन संभव है कि उसे ये दो संख्याएं “O” या “छोटे अक्षर “I” जैसे अक्षर से मिलते जुलते लग रहे हों। या हो सकता है कि इन दो संख्याओं को दिमाग में अलग तरह से संसाधित किया जा सकता हो, क्योंकि शून्य का अविष्कार बाकी संख्याओं के आविष्कार के काफी बाद में जाकर सम्भव हो सका था।”

आरऍफ़एस के मष्तिष्क पर किये गये प्रयोग

यह समझने के लिए कि उसके मस्तिष्क के अंदर क्या घटित हो रहा था, वैज्ञानिकों की टीम ने प्रयोगों की एक श्रृंखला को अंजाम दिया और उसके मस्तिष्क में जारी विद्युत गतिविधि को मापा।

शोधकर्ताओं ने एक चेहरे की छवि को एक संख्या के साथ सम्बद्ध कर रखा था। चेहरा उस संख्या के साथ गुंथा हुआ है, आरएफएस यह नहीं देख पा रहा था। जो सबसे अच्छा अनुमान वह लगा सका, वह यह कि यह कोई संख्या लिखी हुई है, जो उसे कुछ उलझी हुई लाइनों के तौर पर नजर आ रही थी। हालाँकि आश्चर्यजनक रूप से जब मस्तिष्क की रिकॉर्डिंग को देखा गया तो उसमें भी एक समान नमूना देखने में आया जब आरएफएस को एक चेहरा दिख रहा था जिसमें कोई संख्या नहीं गूंथी गई थी।

शब्दों के साथ भी मामला समान तौर पर देखने को मिला है। जब ‘tuba’ जैसे शब्दों को दिखाया गया जोकि संख्या के साथ गुंथे हुए थे, तो उसे शब्द नहीं नजर आ पा रहे थे, जिसे अन्यथा वह काफी आसानी से देख पा रहा था। हालांकि उसके मस्तिष्क की मैपिंग के दौरान भी इसी प्रकार का पैटर्न देखने को मिला था, इसमें चाहे शब्दों को संख्या के साथ गूँथ कर दिखाया गया था या अकेले ही।

मैकक्लोस्की के अनुसार इतना तो स्पष्ट है कि आरएफएस का मस्तिष्क सामान्य तौर पर संख्याओं का  प्रसंस्करण तो कर पाने में सक्षम है, लेकिन इसके बावजूद उसे संख्याओं का अहसास नहीं हो पा रहा है। इस बारे में इस वैज्ञानिक का कहना था "हमें ऐसा महसूस हो रहा है कि आरएफएस का मस्तिष्क भी बिल्कुल उसी प्रकार से है, जैसा कि बाकी हर किसी का है, सिवाय इसके कि उसकी बीमारी ने कुछ तो ......क्षतिग्रस्त कर डाला है, जोकि अनुभूति के लिए होना आवश्यक है। वह क्या देख रहा है, इतने तक को तय करने के लिए तो मस्तिष्क काम कर रहा है, लेकिन फिर इसके बारे में भिज्ञ होने का जो अतिरिक्त काम है, वह गड़बड़ हो जा रहा है।”

यह खोज न्यूरोसाइंटिस्टों के लिए एक प्रकार से नई है और यह इस तथ्य को प्रकट करती है कि मानव मस्तिष्क के बारे में बहुत कुछ जानना अभी शेष है। इसका अर्थ यह भी है कि हमारे मस्तिष्क और देख सकने वाई इंद्रियों के संज्ञानात्मक कार्यकलाप, संभव है कि सीधे तौर पर न जुड़े हों।

man who can read but not numbers
cognitive disorder
mind

Related Stories


बाकी खबरें

  • सत्यम् तिवारी
    वाद-विवाद; विनोद कुमार शुक्ल : "मुझे अब तक मालूम नहीं हुआ था, कि मैं ठगा जा रहा हूँ"
    16 Mar 2022
    लेखक-प्रकाशक की अनबन, किताबों में प्रूफ़ की ग़लतियाँ, प्रकाशकों की मनमानी; ये बातें हिंदी साहित्य के लिए नई नहीं हैं। मगर पिछले 10 दिनों में जो घटनाएं सामने आई हैं
  • pramod samvant
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः प्रमोद सावंत के बयान की पड़ताल,क्या कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार कांग्रेस ने किये?
    16 Mar 2022
    भाजपा के नेता महत्वपूर्ण तथ्यों को इधर-उधर कर दे रहे हैं। इंटरनेट पर इस समय इस बारे में काफी ग़लत प्रचार मौजूद है। एक तथ्य को लेकर काफी विवाद है कि उस समय यानी 1990 केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।…
  • election result
    नीलू व्यास
    विधानसभा चुनाव परिणाम: लोकतंत्र को गूंगा-बहरा बनाने की प्रक्रिया
    16 Mar 2022
    जब कोई मतदाता सरकार से प्राप्त होने लाभों के लिए खुद को ‘ऋणी’ महसूस करता है और बेरोजगारी, स्वास्थ्य कुप्रबंधन इत्यादि को लेकर जवाबदेही की मांग करने में विफल रहता है, तो इसे कहीं से भी लोकतंत्र के लिए…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये
    16 Mar 2022
    किसी भी राजनीतिक पार्टी को प्रश्रय ना देने और उससे जुड़ी पोस्ट को खुद से प्रोत्सान न देने के अपने नियम का फ़ेसबुक ने धड़ल्ले से उल्लंघन किया है। फ़ेसबुक ने कुछ अज्ञात और अप्रत्यक्ष ढंग
  • Delimitation
    अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर: परिसीमन आयोग ने प्रस्तावों को तैयार किया, 21 मार्च तक ऐतराज़ दर्ज करने का समय
    16 Mar 2022
    आयोग लोगों के साथ बैठकें करने के लिए ​28​​ और ​29​​ मार्च को केंद्र शासित प्रदेश का दौरा करेगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License