NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
एम.एच. 17 त्रासदी: पश्चिमी मीडिया रूसी विरोधी घृणा को उकसा रहा है
जी. ममता
02 Aug 2014

 

17 जुलाई को एक दुखद हवाई आपदा देखने को मिली -  एक मलेशियाई विमान एमएच 17 यूक्रेन के ऊपर हवा में मार गिराया गया था जिसमे सभी यात्रियों और चालक दल मारे गए। इस विमान को मार गीराने कि शर्मिंदगी भरी घटना सेर पूरी दुनिया दंग रह गयी और आगे इसने नागरिक विमानों पर इसी तरह के हमलों की पहले की यादें ताज़ा कर दी। इस घटना हाल ही में एक अन्य मलेशियन विमान के रहस्यमय ढंग से लापता होने के बाद काफी जल्दी घटी घटना है।

 

यात्री देशों की सूची की घोषणा में एयरलाइन के 15 चालक दल के सदस्यों सहित 154 डच, 27 आस्ट्रेलियाई, 43 मलेशियाई, शामिल है। 41 यात्रियों की राष्ट्रीयता का पता लगाया जाना अभी बाकी है। कीव प्रशासन ने तुरंत ही इस भीषण कार्य के लिए रूसी संघवादीयों को  दोषी ठहराया है। उन्होंने दावा किया कि कुआलालंपुर से एम्सटर्डम जा रही बोइंग 777 को  संघवादीयों ने  सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से मार गिराया। उन के अनुसार,  उन्होंने उन्नत रूस निर्मित मिसाइल प्रणाली का अधिग्रहण किया है। अमेरिका ने भी तुरंत इस बात की पुष्टि करने के लिए कहा कि इस विमान को  मार गिराने के लिए जिस मिसाइल का इस्तेमाल हुआ है उसके लिए रूस जिम्मेदार है क्योंकि वही  संघवादीयों को परिष्कृत हथियारों की आपूर्ति करता है। हालांकि, वे उस जगह को नहीं बता पाए हैं जहाँ से यह मिसाइल दागी गयी, लेकिन उन्हें यह जरूर पता है कि विमान को मिसाइल ने ही मार गिराया है और इसे किसने दागा। अमरीकी और कीव निजाम तब काफी जल्दबाजी में लगे जब उन्होंने रूस की सरकार और संघवादियों पर इसकी पूरी तोहमत लगा दी, यहाँ तक कि बिना किसी ठोस जांच के घटना के कारन ढूंढ लिए गए। इस घटना के इर्द-गिर्द पूरा पश्चिमी मीडिया काफी सक्रियता से रूस के खिलाफ नफरत का बीज बो रहा है।

 

दूसरी तरफ, रुसी सरकार कह रही है कि इस विमान को गिराने में उसका कोई हाथ नहीं है, वे इसके उलट एक पारदर्शी अंतरराष्ट्रीय जांच के लिए सहमत है। वे संयुक्त राष्ट्र संघ के अंतर्राष्ट्रीय नागरिक विमानन संगठन से जांच का नेतृत्व करवाना चाहते हैं, जिसमे अंतर्राष्ट्रीय विमानन समिति के साथ साथ, मास्को स्थित नागरिक उड्डयन प्राधिकरण जिसमे यूक्रेन सहित पूर्व सोवियत संघ के 11 राज्यों शामिल हैं और जिसे 1991 में स्थापित किया गया था। यहां तक ​​की डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक (DNR) के नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से दुर्घटना स्थल की जांच करने के लिए अनुमति देने की मांग पर भी राजी है, ऐसा डेनिस संसद अध्यक्ष डेनिस पुशिलिन ने इतर-तास से बातचीत में यह सुचना दी। "हम इस त्रासदी के एक अधिक व्यापक और तेजी से जांच के लिए एक अंतरराष्ट्रीय आयोग में जाने के लिए तैयार हैं," उन्होंने कहा। मलेशियाई सरकार ने कहा है कि इस आपदा के लिए किसी को दोषी ठहराने के उनके पास कोई सबूत नहीं है। मलेशियाई सरकार के अधिकारियों के अनुसार, वे किसी पर उंगली उठाने से पहले जांच पूरी होने जाने का  इंतजार कर रहे हैं।

 

इससे साफ जाहिर है कि अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा समर्थित यूक्रेन, आपदा के लिए संघवादियों  और रूस को दोषी ठहराने के लिए उत्सुक है। यह उत्सुकता अपनी हार को कवर करने की उनकी मंशा को दर्शाता है जब उनको दक्षिण पूर्व में संघवादियों  के हाथों में भारी नुकसान उठाना पड़ा था। यूक्रेनी सैनिक आज भी दक्षिण-पूर्व में अपनी असफलता से हताश हैं।

 

अमेरिकी सरकार ने कीव और यूक्रेनी सैनिकों में हताशा को दूर करने के लिए और उनके मनोबल को किनारे करने के लिए रूस के खिलाफ अधिक प्रतिबंधों की पहल की थी। कीव शासन का नाजी चरित्र तेजी से स्पष्ट होता जा रहा है। इसमें लड़ाई के बारे में पश्चिमी मीडिया के आउटलेट जो जमीन से रिपोर्ट कर रहे हैं वे उन लोगों के बीच नव नाजी तत्वों की उपस्थिति के बारे में रिपोर्ट करने पर मजबूर हो रहे हैं जिनके खिलाफ संघवादी लड़ रहे हैं। बीबीसी ने हाल ही में एक यूक्रेनी सोशल नेशनल असेंबली नामक संगठन के बारे में सूचना दी जिसका उद्देश्य हैं; “' यूक्रेन के आगे विस्तार के लिए पूरी सफेद नस्ल को अंतर्राष्ट्रवादी सट्टा पूंजी के वर्चस्व से मुक्त कराने के लिए संघर्ष तेज करना।” रिपोर्ट में यह भी दर्शाया गया है कि इन नव नाजी समूहों के साथ, समान विचारधारा को साझा करने के लिए, विदेशी नागरिकों के बारे में भी उल्लेख है जो इन समूहों के साथ लड़ना चाहते हैं। परिणामों से बेखबर कीव शासन, सक्रिय रूप से इस तरह के समूहों को प्रोत्साहित कर रहा है।

 

डिस्क्लेमर:- उपर्युक्त लेख मे व्यक्त किए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत हैं, और आवश्यक तौर पर न्यूज़क्लिक के विचारो को नहीं दर्शाते ।

फिलिस्तीन
कीएव निजाम
मलेशिया
MH 370
सैन्य प्राद्योगिकी
रूस
अमरीका

Related Stories

गाज़ा पर 2014 के बाद से इज़रायल का सबसे बड़ा हवाई हमला

अमेरिकी सरकार हर रोज़ 121 बम गिराती हैः रिपोर्ट

वर्ल्ड हेल्थ असेंबली में फिलिस्तीन पर हुई गंभीर बहस

उत्तर कोरिया केवल अपनी ज्ञात परमाणु परीक्षण स्थल को खारिज करना शुरू करेगा

इज़रायली बलों द्वारा तामीमी परिवार के एक अन्य सदस्य को गिरफ्तार किया गया

"हम अपने देश लौटना चाहते हैं": ‘ग्रेट रिटर्न मार्च’ के दौरान फिलिस्तीनियों पर इज़रायल की गोलीबारी

लेनिन की सिर्फ मूर्ति टूटी है, उनके विचार नहीं

राष्ट्रीय वार्ता की सीरियाई कांग्रेस संवैधानिक समिति के गठन के लिए सहमत हैं

इज़रायल का ख़ूनी और अमानवीय अतीत

संदर्भ पेरिस हमला – खून और लूट पर टिका है फ्रांसीसी तिलिस्म


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में आज फिर एक हज़ार से ज़्यादा नए मामले, 71 मरीज़ों की मौत
    06 Apr 2022
    देश में कोरोना के आज 1,086 नए मामले सामने आए हैं। वही देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 11 हज़ार 871 रह गयी है।
  • khoj khabar
    न्यूज़क्लिक टीम
    मुसलमानों के ख़िलाफ़ नहीं, देश के ख़िलाफ़ है ये षडयंत्र
    05 Apr 2022
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने दिल्ली की (अ)धर्म संसद से लेकर कर्नाटक-मध्य प्रदेश तक में नफ़रत के कारोबारियों-उनकी राजनीति को देश के ख़िलाफ़ किये जा रहे षडयंत्र की संज्ञा दी। साथ ही उनसे…
  • मुकुंद झा
    बुराड़ी हिन्दू महापंचायत: चार FIR दर्ज लेकिन कोई ग़िरफ़्तारी नहीं, पुलिस पर उठे सवाल
    05 Apr 2022
    सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि बिना अनुमति के इतना भव्य मंच लगाकर कई घंटो तक यह कार्यक्रम कैसे चला? दूसरा हेट स्पीच के कई पुराने आरोपी यहाँ आए और एकबार फिर यहां धार्मिक उन्माद की बात करके कैसे आसानी से…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एमपी : डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे 490 सरकारी अस्पताल
    05 Apr 2022
    फ़िलहाल भारत में प्रति 1404 लोगों पर 1 डॉक्टर है। जबकि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के मानक के मुताबिक प्रति 1100 लोगों पर 1 डॉक्टर होना चाहिए।
  • एम. के. भद्रकुमार
    कीव में झूठी खबरों का अंबार
    05 Apr 2022
    प्रथमदृष्टया, रूस के द्वारा अपने सैनिकों के द्वारा कथित अत्याचारों पर यूएनएससी की बैठक की मांग करने की खबर फर्जी है, लेकिन जब तक इसका दुष्प्रचार के तौर पर खुलासा होता है, तब तक यह भ्रामक धारणाओं अपना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License