NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
एमएसआई मज़दूरों की हड़ताल: प्रदर्शनकारी 2 अक्टूबर को भूख हड़ताल पर जाएंगे
सीआईटीयू के झंडे तले कई मज़दूर संगठन हड़ताली मज़दूरों के साथ एकजुटता जताने के लिए गांधी जयंती पर अपनी कंपनियों में काम का बहिष्कार करेंगे।
निलीना एस.बी
01 Oct 2018
Translated by महेश कुमार
MSI workers

मायॉन्ग शिन ऑटोमोटिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एमएसआई) में हड़ताली मज़दूर तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदुर जिले के मणूर गांव में, अपने विरोध को मजबूत बनाने की योजना बना रहे हैं। कंपनी के लगभग 150 कर्मचारी 6 सितंबर से मज़दूर युनियन की मान्यता देने और वार्ताबद्ध मजदूरी समझौते की मांग कर रहे हैं। युनियन के पदाधिकारियों सहित अब तक 15 कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है।

कंपनी कोरियाई निर्माता माईंग शिन की भारतीय सहायक कंपनी है, जो कोरियाई ऑटो प्रमुख हुंडई को मशीन के विभिन्न भागों की आपूर्ति करती है। हड़ताली कर्मचारियों ने 27 सितंबर को चेन्नई में कोरियाई वाणिज्य दूतावास के सामने मार्च आयोजित किया था, जिसमें इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने के लिए वाणिज्य दूतावास से कहा अपील की गयी थी। उन्हें बिना किसी उत्तेजना के पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया था। इसलिए कर्मचारियों ने शुक्रवार से कंपनी के सामने एक धरना शुरू कर दिया है।

कांचीपुरम के सीआईटीयू जिला सचिव कन्नन साउंडराजनन कहते हैं, "कंपनी किसी भी प्रकार के समझौते को मानने के लिए तैयार नहीं है।" सेन्टर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीआईटीयू) ने कोरियाई वाणिज्य दूतावास के आयुक्त को याचिका दी है कि वे कंपनी को भारतीय कानून का पालन करने और कर्मचारियों को उचित मज़दूरी देने के लिए दबाव बनाए। वाणिज्य दूतावास के डिप्टी कमिश्नर ने सोमवार, 1 अक्टूबर को कर्मचारियों से मिलने के लिए सहमति दी है।

इस बीच कर्मचारियों के परिवार आज यानी 1 अक्टूबर से हड़ताल में शामिल हो रहे हैं। और 2 अक्टूबर को, गांधी जयंती पर, कर्मचारी कंपनी के सामने भूख हड़ताल पर जाएंगे।

मुख्य उत्पादन के लिए अस्थायी मज़दूर?

वर्तमान में, एमएसआई के तहत लगभग 750 अस्थायी कर्मचारी काम कर रहे हैं। उनमें से कुछ को एनईईएम योजना के प्रावधान के तहत भर्ती किया गया था जो कंपनी को प्रशिक्षण के तहत न्यूनतम मजदूरी का भुगतान करने की इजाज़त देता है। मुख्य उत्पादन प्रक्रिया के लिए अस्थायी कर्मचारियों का उपयोग श्रम कानूनों का उल्लंघन है क्योंकि अस्थायी कर्मचारियों के पास उचित प्रशिक्षण नहीं होता है। इससे दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं। अब तक श्रम आयोग ने इस मुद्दे के बारे में कोई कार्रवाई नहीं की है।

यामाहा मोटर मज़दूरों की हड़ताल

तमिलनाडु के कांचीपुरम संयंत्र में भारत यामाहा मोटर प्राइवेट लिमिटेड (आईवाईएम) के मज़दूर भी अपना विरोध जारी रखे हुए हैं। मज़दूर युनियन के गठन के बाद दो मज़दूरों को अवैध रूप से हटा दिया गया। यामाहा कर्मचारी भी 2 अक्टूबर को भूख हड़ताल के लिए एमएसआई प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल होंगे।

अन्य कंपनियों के कर्मचारी सीआईटीयू के बैनर के तहत एमएसआई और यामाहा के हड़ताली मज़दूरों के समर्थन में भी कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। कन्नन ने कहा, "2 अक्टूबर को, वे एमएसआई और यामाहा के मज़दूरों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए अपनी कंपनियों में काम का बहिष्कार करने जा रहे हैं।"

MSI
Workers' Strike
workers' rights
yamaha workers
CITU

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

तमिलनाडु: छोटे बागानों के श्रमिकों को न्यूनतम मज़दूरी और कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रखा जा रहा है

LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम

रोहतक : मारुति सुज़ुकी के केंद्र में लगी आग, दो कर्मियों की मौत

सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी


बाकी खबरें

  • Nisha Yadav
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    चंदौली: निशा यादव हत्या मामले में सड़क पर उतरे किसान-मज़दूर, आरोपियों की गिरफ़्तारी की माँग उठी
    14 May 2022
    प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा- निशा यादव का कत्ल करने के आरोपियों के खिलाफ दफ़ा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
  • Delimitation
    रश्मि सहगल
    कैसे जम्मू-कश्मीर का परिसीमन जम्मू क्षेत्र के लिए फ़ायदे का सौदा है
    14 May 2022
    दोबारा तैयार किये गये राजनीतिक निर्वाचन क्षेत्रों ने विवाद के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं, जो इस बात का संकेत देते हैं कि विधानसभा चुनाव इस पूर्ववर्ती राज्य में अपेक्षित समय से देर में हो सकते हैं।
  • mnrega workers
    सरोजिनी बिष्ट
    मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?
    14 May 2022
    "किसी मज़दूर ने 40 दिन, तो किसी ने 35, तो किसी ने 45 दिन काम किया। इसमें से बस सब के खाते में 6 दिन का पैसा आया और बाकी भुगतान का फ़र्ज़ीवाड़ा कर दिया गया। स्थानीय प्रशासन द्वारा जो सूची उन्हें दी गई है…
  • 5 वर्ष से कम उम्र के एनीमिया से ग्रसित बच्चों की संख्या में वृद्धि, 67 फीसदी बच्चे प्रभावित: एनएफएचएस-5
    एम.ओबैद
    5 वर्ष से कम उम्र के एनीमिया से ग्रसित बच्चों की संख्या में वृद्धि, 67 फीसदी बच्चे प्रभावित: एनएफएचएस-5
    14 May 2022
    सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, 2015-16 में किए गए सर्वेक्षण में 5 वर्ष से कम उम्र (6-59 महीने) के 58.6 प्रतिशत बच्चे इससे ग्रसित थे जबकि एनएफएचएस-5 के 2019-21 के सर्वे में इस बीमारी से ग्रसित बच्चों की…
  • masjid
    विजय विनीत
    ज्ञानवापी मस्जिद: कड़ी सुरक्षा के बीच चार तहखानों की वीडियोग्राफी, 50 फीसदी सर्वे पूरा
    14 May 2022
    शनिवार को सर्वे का काम दोपहर 12 बजे तक चला। इस दौरान ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के करीब आधे हिस्से का सर्वे हुआ। सबसे पहले उन तहखानों की वीडियोग्राफी कराई गई, जहां हिन्दू धर्म के देवी-देवताओं की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License