NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
फ़ैक्ट-चेक: क्या शाहजहां ने ताजमहल बनाने वाले मजदूरों के हाथ कटवा दिए थे?
अमीश देवगन ने पीएम की तुलना 17वीं सदी के मुगल बादशाह शाहजहां से की. उन्होंने दावा किया कि जहां पीएम मोदी ने सफाई कर्मियों पर फूलों की बौछार की, वहीं शाहजहां ने ताजमहल बनाने वालों के हाथ काट दिए थे.
अर्चित मेहता
30 Dec 2021
fact check

प्रधानमंत्री मोदी ने 13 दिसंबर को काशी विश्वनाथ धाम का उद्घाटन किया. उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में सफाई कर्मियों पर फूल बरसा कर मंदिर को साफ रखने के लिए आभार प्रकट किया.

इसके बाद न्यूज़18 के ऐंकर अमीश देवगन ने पीएम की तुलना 17वीं सदी के मुगल बादशाह शाहजहां से की. उन्होंने दावा किया कि जहां पीएम मोदी ने सफाई कर्मियों पर फूलों की बौछार की, वहीं शाहजहां ने ताजमहल बनाने वालों के हाथ काट दिए थे.

मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने ताजमहल को बनाने वाले मज़दूरों के हाथ कटवाए थे, और भव्य काशी धाम बनाने वाले मज़दूरों पर PM मोदी ने फूल बरसाए हैं । pic.twitter.com/hXQkewb58u

— Amish Devgan (@AMISHDEVGAN) December 13, 2021

ये दावा गुजरात के केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी किया. उन्होंने गुजराती में कहा, “ताजमहल के मजदूरों के हाथ काट दिए गए थे, और दूसरी तरफ पीएम मोदी हैं जिन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के विकास के लिए कार्यकर्ताओं पर आभार व्यक्त करने के लिए फूल बरसाए.”

#WATCH | On one hand, Taj Mahal workers' hands were chopped off, and then there is PM Modi who showered flowers on the workers behind development of the Kashi Vishwanath corridor to express his gratitude: Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar in Anand, Gujarat pic.twitter.com/nXyLjMp8CL

— ANI (@ANI) December 16, 2021

भाजपा नेता विनय तेंदुलकर ने ट्विटर पर यही दावा किया.

Shah Jahan - Chopped off the hands of the craftsmen who made taj mahal.

Narendra Modi - Paid respect by blessing them with flower shower as a sign of gratitude towards their hard work.

There is a huge difference in culture, intentions and conscience.#KashiVishwanathDham pic.twitter.com/yGo5z35QIU

— Vinay Tendulkar (@TendulkarBJP) December 14, 2021

ऑल्ट न्यूज़ ने देखा कि ये दावा कई सालों से चलाया जा रहा है. इसे शेयर करने वाले सबसे पुराने उदाहरणों में एक, 2010 में यूके स्थित एक वेरीफ़ाईड मीडिया अकाउंट वायर्ड ने किया था. इससे छह साल पहले यूके के प्रमुख न्यूज़ पोर्टल द गार्डियन ने भी यही दावा किया था.

image

ये दावा महज एक काल्पनिक कहानी

ये दावा कि शाहजहां ने ताजमहल बनाने वालों के हाथ काट दिए, महज एक लोकप्रिय कहानी है जिसे सालों से सुनाया जाता रहा है. ऑल्ट न्यूज़ ने इतिहासकार एस इरफ़ान हबीब से बात की जिन्होंने बताया, “मैं ये कह सकता हूं कि इस बात का न तो कोई सबूत है और न ही किसी विश्वसनीय इतिहासकार ने कभी इस तरह का दावा किया है. गौरतलब है कि ये बातें 1960 के दशक की हैं और मैंने भी इसे सुना है. हालांकि, एक उल्लेखनीय अंतर ये है कि आज इसे सांप्रदायिक ऐंगल के साथ चलाया जा रहा है. और उस वक्त ये शाहजहां पर किया गया एक मज़ाक हुआ करता था. ”

गूगल बुक्स पर हमें रांची विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग द्वारा 1971 में पब्लिश किया गया ‘जर्नल ऑफ़ हिस्टोरिकल रिसर्च’ मिला. इसमें इस कहानी का ज़िक्र है. हालांकि, यहाँ ये भि लिखा है कि इसमें कितनी सच्चाई है इस बात का कोई प्रमाण नहीं है.

2017 में द टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने ताजमहल के बारे में कई फ़र्ज़ी ख़बरों को खारिज़ किया था जिनमें ये हाथ काटने वाली कहानी भी शामिल है. आर्टिकल में लिखा है, “ये कहानी मौजूद सबूतों और ताज गंज नामक एक विशाल बस्ती जो आज भी मौजूद है, से अलग है. ये सम्राट शाहजहां ने हज़ारों राजमिस्त्री, कारीगरों और अन्य मजदूरों को रखने के लिए बनाई थी, जो उनके साम्राज्य के दूर के हिस्सों से आये थे. उन मजदूरों के वंशज अभी भी वहां रहते हैं और अपने पूर्वजों के कौशल का अभ्यास करते हैं.” इसे पत्रकार मणिमुग्धा शर्मा ने लिखा है.

image

इंडिया टुडे ने 2016 में शाहजहां के बारे में बहुत फैक्ट्स को संकलित किया था, जहां इस दावे को फिर से झूठ बताया गया था कि उन्होंने कारीगरों के हाथ काट दिए.

इसी साल, पाकिस्तान स्थित न्यूज़ आउटलेट डॉन ने न्यूयॉर्क स्थित राजीव जोसेफ़ के नाटक ‘गार्ड्स एट द ताज’ के बारे में एक आर्टिकल पब्लिश किया जो उसी कहानी पर आधारित है. आर्टिकल में लिखा गया है, “शाहजहां के 40 हज़ार हाथ काटने के आदेश देने की कहानी लोककथाओं में शामिल हो गई है. भले ही उस समय का एक भी आर्टिकल इस घटना को कंफ़र्म नहीं करता. ये फ़ैक्ट है कि इसे मुगलों के साथ-साथ उस समय के दूसरे राजाओं के शक्ति के प्रमाण के तौर पर अभी भी सच माना जाता है.” हिंदुस्तान टाइम्स ने भी एक नाटक पर रिपोर्ट पब्लिश की थी.

इससे भी ज़रूरी बात ये है कि दिसंबर 2021 तक ताजमहल की आधिकारिक वेबसाइट पर ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई है. वेबसाइट ताज टूअर्स ने इस कहानी के बारे में एक ब्लॉग पब्लिश किया था. ब्लॉग में ये अनुमान लगाया गया है कि कैसे ये कहानी अस्तित्व में आया होगा. “असल में, शाहजहां ने अपने कार्यकर्ताओं पर एक नैतिक बंधन लगाया कि वे किसी अन्य सम्राट के लिए काम नहीं कर सकते. आधुनिक समय में हम इसे सम्राट और उसके कार्यकर्ताओं के बीच का कॉन्ट्रैक्ट कहते हैं. इस तरह, “मजदूरों के हाथ काट दिए गए” कहावत अस्तित्व में आई क्योंकि ये मजदूर किसी दूसरे सम्राट से नया काम नहीं मांग सकते थे.

मणिमुग्धा शर्मा ने ताजमहल के बारे में ग़लत सूचनाओं के संबंध में कई आर्टिकल्स लिखे हैं. उन्होंने ऑल्ट न्यूज़ से बात करते हुए इस दावे का कोई भी ऐतिहासिक आधार होने का खंडन किया.

न्यूज़ 18 के ऐंकर अमीश देवगन और बीजेपी नेता एनएस तोमर ने शाहजहां और PM मोदी की तुलना करते हुए दशकों पुरानी झूठ को हवा दी. जबकि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि शाहजहां ने ताजमहल बनाने वाले मजदूरों के हाथ काट दिए थे.

साभार : ऑल्ट न्यूज़ 

Shah Jahan
Mughal Emperor
taj mahal
Narendra modi
UP election 2022
Amish Devgan
fact check
Godi Media

Related Stories

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़


बाकी खबरें

  • yogi bulldozer
    सत्यम श्रीवास्तव
    यूपी चुनाव: भाजपा को अब 'बाबा के बुलडोज़र' का ही सहारा!
    26 Feb 2022
    “इस मशीन का ज़िक्र जिस तरह से उत्तर प्रदेश के चुनावी अभियानों में हो रहा है उसे देखकर लगता है कि भारतीय जनता पार्टी की तरफ से इसे स्टार प्रचारक के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।”
  • Nagaland
    अजय सिंह
    नगालैंडः “…हमें चाहिए आज़ादी”
    26 Feb 2022
    आफ़्सपा और कोरोना टीकाकरण को नगालैंड के लिए बाध्यकारी बना दिया गया है, जिसके ख़िलाफ़ लोगों में गहरा आक्रोश है।
  • women in politics
    नाइश हसन
    पैसे के दम पर चल रही चुनावी राजनीति में महिलाओं की भागीदारी नामुमकिन
    26 Feb 2022
    चुनावी राजनीति में झोंका जा रहा अकूत पैसा हर तरह की वंचना से पीड़ित समुदायों के प्रतिनिधित्व को कम कर देता है। महिलाओं का प्रतिनिधित्व नामुमकिन बन जाता है।
  • Volodymyr Zelensky
    एम. के. भद्रकुमार
    रंग बदलती रूस-यूक्रेन की हाइब्रिड जंग
    26 Feb 2022
    दिलचस्प पहलू यह है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने ख़ुद भी फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से सीधे पुतिन को संदेश देने का अनुरोध किया है।
  • UNI
    रवि कौशल
    UNI कर्मचारियों का प्रदर्शन: “लंबित वेतन का भुगतान कर आप कई 'कुमारों' को बचा सकते हैं”
    26 Feb 2022
    यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया ने अपने फोटोग्राफर टी कुमार को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कई पत्रकार संगठनों के कर्मचारी भी मौजूद थे। कुमार ने चेन्नई में अपने दफ्तर में ही वर्षों से वेतन न मिलने से तंग आकर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License