NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
टोक्यो ओलिंपिक्स के वॉलंटियर्स को ‘स्वयंसेवक’ लिखे हुए मेडल दिए जायेंगे?
कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने एक मेडल की तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया कि ये मेडल टोक्यो ओलंपिक्स के वॉलंटियर्स को दिया जायेगा.
कलीम अहमद
01 Jul 2021
fact check

कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने एक मेडल की तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया कि ये मेडल टोक्यो ओलंपिक्स के वॉलंटियर्स को दिया जायेगा. बता दें कि 23 जुलाई से 8 अगस्त तक ओलंपिक्स खेलों के आयोजन होने हैं. जिस मेडल की तस्वीर शेयर की गयी उसपर कुछ भाषाओं में वॉलंटियर लिखा हुआ है, जिसमें देवनागरी में “स्वयंसेवक” भी शामिल है. भाजपा सदस्य सुरेन्द्र पूनिया ने भी ये तस्वीर शेयर की. आर्टिकल लिखने तक उनके ट्वीट को 2,800 से ज़्यादा बार रीट्वीट और 10,000 से ज़्यादा बार लाइक किया जा चुका है.

जापान के टोक्यो में होने वाले Olympic खेलों में इस बार Volunteers को दिये जाने वाले Medal पर दूसरी भाषाओं के साथ हमारी राष्ट्रीय भाषा ?? हिन्दी में भी स्वयंसेवक लिखा हुआ होगा??

“स्वयंसेवक” नाम सुनते ही रोमन ग़ुलामों का दिल बैठ सा जाता है ? pic.twitter.com/wF4anxojv7

— Major Surendra Poonia (@MajorPoonia) June 28, 2021

कई अन्य लोगों ने यही दावा किया.

The medal to be given to Tokyo Olympics Volunteers also has inscription in hindi *स्वंयसेवक*. I feel this is a big achievement for India & its stature in todays world.
Proud to share this. pic.twitter.com/EUz95PeNxO

— ?? ??????????_248 ?? (@khanna248) June 28, 2021

ये तस्वीर ट्विटर के साथ फ़ेसबुक पर भी वायरल है.

image

ऑल्ट न्यूज़ को ये दावा वेरिफ़ाई करने के लिए व्हाट्सऐप नंबर (+91 76000 11160) और अप्लीकेशन (Android, iOS) पर कुछ रिक्वेस्ट भेजी गयी.

image

image

फ़ैक्ट-चेक

हमने ओलंपिक्स की ऑफ़िशियल वेबसाइट का FAQ पेज देखा और समझने की कोशिश की कि वॉलंटियर्स को इनाम देने के क्या नियम हैं. नीचे उसी से जुड़ी कुछ ज़रूरी बातें हैं जो हमें मालूम हुईं:

  1. टोक्यो ओलंपिक्स 2020 के वॉलंटियर्स को रोज़ाना प्रतियोगिता स्थल पर पहुंचने के लिए 1000 येन (जापानी मुद्रा) का ट्रेवल कार्ड दिया जाएगा.
  2. वॉलंटियर्स को रहने की जगह और उसके लिए पैसे का इन्तजाम खुद करना होगा.
  3. ओलंपिक्स एसोसिएशन काम ख़त्म होने के बाद वॉलंटियर्स को कोई दस्तावेज़ या सर्टिफ़िकेट नहीं देगा.
  4. वेबसाइट पर वॉलंटियर्स को मिलने वाली कुछ चीज़ों की सूची भी है जिसमें मेडल का ज़िक्र कहीं भी नहीं है.

image

एसोसिएटेड प्रेस के 2019 के एक आर्टिकल के मुताबिक ओलिंपिक वॉलंटियर्स को उनके काम के बदले पैसे नहीं दिए जाते हैं और वो अपने रहने-खाने और आने-जाने का भी खुद जुगाड़ करते हैं. हालांकि कार्यस्थल पर उन्हें खाना दिया जाता है. इसके अलावा, उन्हें काम की ट्रेनिंग और वर्दियां भी दी जाती हैं. लेकिन टोक्यो ओलिंपिक्स में उन्हें ट्रेन से आवाजाही करने के लिए 1000 येन और कुछ अन्य बीमा भी प्रदान किया जायेगा. मेडल देने की बात न तो वेबसाइट पर और न ही किसी न्यूज़ रिपोर्ट में की गयी है.

image

ऑल्ट न्यूज़ ने इस तस्वीर को क्रॉप करके केवल मेडल के हिस्से को कीवर्ड ‘Tokyo2020’ के साथ रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें ये तस्वीर अमेरिकी ई-कॉमर्स वेबसाइट e-bay पर मिली जहां इसे ‘Pin’ बताया गया है. इसे 1.50 अमेरिकी डॉलर, यानी करीब 111 रुपये में बेचा जा रहा है.

image

ये तस्वीर इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) के अध्यक्ष डॉ. नरिंदर ध्रुव बत्रा ने भी अपने फ़ेसबुक पेज पर पोस्ट किया था और बाद में डिलीट कर लिया. उन्होंने इंडिया टुडे को बताया कि उन्होंने तस्वीर का स्रोत बिना जाने फ़ेसबुक पर इसलिए पोस्ट किया क्योंकि जिसने उन्हें ये तस्वीर भेजी थी वो ‘बेहद ज़िम्मेदार’ व्यक्ति है.

एक ई-कॉमर्स वेबसाइट पर बिक रहे पिन की तस्वीर लोगों ने शान से शेयर करते हुए कहा कि ओलिंपिक्स वॉलंटियर्स को मिलने वाले मेडल पर ‘स्वयंसेवक’ लिखा हुआ है. सच्चाई ये है कि ओलिंपिक वॉलंटियर्स को कोई मेडल नहीं दिया जाता है.

साभार : ऑल्ट न्यूज़ 

fact check
fake news
Alt news
Olympic
RSS

Related Stories

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

कटाक्ष:  …गोडसे जी का नंबर कब आएगा!

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?

अलविदा शहीद ए आज़म भगतसिंह! स्वागत डॉ हेडगेवार !

कांग्रेस का संकट लोगों से जुड़ाव का नुक़सान भर नहीं, संगठनात्मक भी है

कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...

पीएम मोदी को नेहरू से इतनी दिक़्क़त क्यों है?

कर्नाटक: स्कूली किताबों में जोड़ा गया हेडगेवार का भाषण, भाजपा पर लगा शिक्षा के भगवाकरण का आरोप


बाकी खबरें

  • Privatisation
    अजय कुमार
    महाशय आप गलत हैं! सुधार का मतलब केवल प्राइवेटाइजेशन नहीं होता!
    12 Dec 2021
    भारत के नीतिगत संसार में सुधार का नाम आने पर प्राइवेटाइजेशन को खड़ा कर दिया जाता है। इसका नतीजा यह हुआ है कि भारत की बीहड़ परेशानियां प्राइवेटाइजेशन की वजह से खड़ी हुई गरीबी की वजह से जस की तस बनी…
  • god and man
    शंभूनाथ शुक्ल
    ईश्वर और इंसान: एक नाना और नाती की बातचीत
    12 Dec 2021
    मैंने अगला प्रश्न किया, कि क्या तुम मानते हो कि दुनिया में कोई ईश्वर है? अब वह थोड़ा झिझका और बोला, ‘कोई है तो जो हम सब को बनाता है’। मैंने एक जिज्ञासा उठाई, कि मनुष्य का पैदा होना एक बायोलॉजिकल…
  • unemployment
    रूबी सरकार
    ‘काम नहीं तो वोट नहीं’ के नारों के साथ शिक्षित युवा रोज़गार गारंटी बिल की उठाई मांग
    12 Dec 2021
    युवाओं का कहना है कि पढ़ाई पूरी करने के 3 माह के भीतर सरकार को नौकरी मुहैया कराना चाहिए अथवा जब तक शिक्षित को नौकरी न मिले, तब तक सरकार की ओर से स्किल्ड लेबर की न्यूनतम मजदूरी के बराबर करीब साढ़े नौ…
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    खुशहाली की बजाय बेहाली,संविधान से उलट राजसत्ता और यूपी का रिकार्ड
    11 Dec 2021
    वैश्विक असमानता रिपोर्ट के नये तथ्य और आंकड़े भारत की सामाजिक आर्थिक स्थिति की भयावह तस्वीर पेश करते हैं. आखिर आजादी के इन चौहत्तर वर्षो में हमारे समाज में इस कदर असमानता और दुर्दशा क्यों बढ़ी है?…
  • kisan andolan
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: किसानो, कुछ तो रहम करो...लिहाज करो!
    11 Dec 2021
    मनाएं, किसान अपनी जीत का जश्न। बस, सरकार को हराने का शोर नहीं मचाएं। इस शोर से दुनिया भर में छप्पन इंच की छाती वालों की बदनामी होगी सो होगी, देश में मजदूरों-वजदूरों और न जाने किस-किस को कैसा गलत…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License