NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अखिलेश यादव ने राम मंदिर की जगह बाबरी मस्जिद बनवाने का वादा किया? फ़र्ज़ी स्क्रीनशॉट वायरल
अखिलेश यादव ने राम मंदिर के बारे में अगर ऐसा कोई बयान दिया होता तो मीडिया में इसकी खबर ज़रूर दी जाती. मीडिया रिपोर्ट्स के अभाव में ये बात साफ़ हो जाती है ये ट्वीट फ़र्ज़ी है
किंजल
22 Jul 2021
fact check

2022 में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियों ने अभी से कमर कस ली है. इस दौरान, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक कथित ट्वीट का स्क्रीनशॉट वायरल है. ट्वीट में लिखा है, “उत्तर प्रदेश में अगर हमारी सरकार बनेगी, तो हम अपने मुस्लिम भाइयों से यह वादा हैं, कि बाबरी मस्जिद का निर्माण उसी स्थान पर कराएंगे, जहां पर आज राम मंदिर का निर्माण हो रहा है।”

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा फ़ॉलो किये जा रहे ट्विटर यूज़र मुरली गोयल ने ये स्क्रीनशॉट ट्वीट करते हुए लिखा, “उत्तरप्रदेश वालो क्या अपने श्री अखिलेश यादव का यह बयान देखा है? अगर नहीं तो आँखे खोल कर देखलो। जैसे पहले सब लोग सोच रहे थे अगर गलती से भी समाजवादी पार्टी की सरकार बन गयी तो श्री राम मन्दिर नहीं बनेगा। अब आप सोच लो किसकी सरकार बनानी है 2022 में।”. (आर्काइव लिंक)

उत्तरप्रदेश वालो क्या अपने श्री अखिलेश यादव का यह बयान देखा है? अगर नहीं तो आँखे खोल कर देखलो। जैसे पहले सब लोग सोच रहे थे अगर गलती से भी समाजवादी पार्टी की सरकार बन गयी तो श्री राम मन्दिर नहीं बनेगा। अब आप सोच लो किसकी सरकार बनानी है 2022 में। pic.twitter.com/9jeTXPHvHx

— Murari Goyal ??All India Nationalists Group?? (@Hamara_Desh) July 20, 2021

ट्विटर हैन्डल ‘@khayal_a_vakt’ ने भी ये तस्वीर ट्वीट की है.

?? ऐसे लोगों को वोट देना सनातन धर्म का अपमान है।
देख लो क्या विचार हैं अखिलेशुद्दीन के?#नहीं_चाहिए_सपा

।।जय श्री राम।। pic.twitter.com/KdCyD17QcH

— भारतीय?? #3ह ( 12.7K ) (@khayal_a_vakt) July 20, 2021

ये स्क्रीनशॉट फ़ेसबुक पर वायरल है.

image

फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने कथित ट्वीट के बारे में की-वर्ड्स सर्च किया. लेकिन अखिलेश यादव की ट्विटर टाइमलाइन पर ऐसा कोई ट्वीट नहीं मिला. हालांकि, ऐसा हो सकता है कि इस ट्वीट को डिलीट कर दिया गया हो.

इसलिए हमने आर्काइव वेबसाइट्स (archive.is, webarchive.org) पर भी देखा लेकिन हमें दोनों ही जगह ऐसे किसी ट्वीट का आर्काइव वर्ज़न नहीं मिला.

इस ट्वीट के बारे में 2 बातें हो सकती हैं: कि ये ट्वीट का स्क्रीनशॉट फ़र्ज़ी है या ये ट्वीट डिलीट कर दिया गया हो.

आगे, ट्वीट में शब्दों का अलाइनमेंट चेक करने पर हमने पाया कि ट्वीट का वाक्य एक सीधी लाइन में नहीं है. जबकि ट्वीट्स में ये एक समान रेखा में होता है. नीचे, तस्वीर में वायरल ट्वीट के स्क्रीनशॉट और मूल ट्वीट की तुलना की गई है. ये स्क्रीनशॉट फ़ोन से लिये गये स्क्रीनशॉट जैसा है इसलिए ऑल्ट न्यूज़ ने भी अखिलेश यादव के एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट फ़ोन से लिया है.

image

यहां गौर करें कि अखिलेश यादव ने राम मंदिर के बारे में अगर ऐसा कोई बयान दिया होता तो मीडिया में इसकी खबर ज़रूर दी जाती. मीडिया रिपोर्ट्स के अभाव में ये बात साफ़ हो जाती है ये ट्वीट फ़र्ज़ी है. बल्कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आलोचना भी नहीं की थी. 2019 में अखिलेश ने ट्वीट कर इस फ़ैसले के कारण लोगों में नज़दीकि बढ़ने और बेहतर इंसान बनने के बारे में ट्वीट किया था. उसी साल अखिलेश ने मंदिर निर्माण के बाद पूरे परिवार के साथ अयोध्या दर्शन के लिए जाने की बात भी बताई थी.

यानी, सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव के ट्वीट का बताकर वायरल स्क्रीनशॉट फ़र्ज़ी है. पहले भी सोशल मीडिया पर ऐसे फ़र्ज़ी ट्वीट के स्क्रीनशॉट्स शेयर किये गए हैं.

साभार : ऑल्ट न्यूज़ 

fact check
fake news
Alt news
UP ELections 2022
AKHILESH YADAV
babri masjid
Ram Mandir

Related Stories

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

उत्तर प्रदेश विधानसभा में भारी बवाल

‘साइकिल’ पर सवार होकर राज्यसभा जाएंगे कपिल सिब्बल

राम मंदिर के बाद, मथुरा-काशी पहुँचा राष्ट्रवादी सिलेबस 

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव का समीकरण

27 महीने बाद जेल से बाहर आए आज़म खान अब किसके साथ?

ज्ञानवापी मस्जिद विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने कथित शिवलिंग के क्षेत्र को सुरक्षित रखने को कहा, नई याचिकाओं से गहराया विवाद


बाकी खबरें

  • rbi
    भाषा
    चालू वित्त वर्ष में खुदरा मुद्रास्फीति 5.3 प्रतिशत रहने का अनुमान: आरबीआई
    08 Dec 2021
    आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की जानकारी देते हुए कहा कि मुद्रास्फीति के अगले वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में नरम पड़कर पांच प्रतिशत पर आने का अनुमान है।
  •  नगालैंड में मातम छाया, लोगों ने मारे गए आम नागरिकों की याद में शोक जताया
    भाषा
    नगालैंड में मातम छाया, लोगों ने मारे गए आम नागरिकों की याद में शोक जताया
    08 Dec 2021
    विभिन्न नगा संस्थाओं ने मृतकों के लिए पांच दिनों के शोक का आह्वान किया है, जो शुक्रवार को समाप्त होगा। नगा छात्र संघ ने मृतकों के लिए न्याय की अपनी मांगों को लेकर राज्यपाल आवास के समक्ष धरना देने की…
  • राज्यसभा में उठी अफ़्सपा वापस लिए जाने की मांग
    भाषा
    राज्यसभा में उठी अफ़्सपा वापस लिए जाने की मांग
    08 Dec 2021
    एनपीएफ का कहना है कि सशस्त्र बलों को विशेष अधिकार देश के और किसी भी हिस्से में नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि लागू किए जाने के दौरान भी इस कानून का व्यापक विरोध किया गया था।
  • रवींद्रनाथ टैगोर साहित्य पुरस्कार 2021-22
    भाषा
    रवींद्रनाथ टैगोर साहित्य पुरस्कार 2021, 2022 के लिए एक साथ दिया जाएगा : आयोजक
    08 Dec 2021
    रवींद्रनाथ टैगोर साहित्य पुरस्कार वर्ष 2021 और 2022 के लिए एक साथ दिया जाएगा। आयोजक और प्रकाशक पीटर बुंडालो ने यह जानकारी दी।
  • Ethiopia
    पवन कुलकर्णी
    टीपीएलएफ़ के पिछले महीने की बढ़त को रोकते हुए उत्तरी इथियोपिया का गृह युद्ध संघीय सरकार के पक्ष में बदला
    08 Dec 2021
    पश्चिमी और पूर्वी मोर्चे पर अपनी जीत के बाद संघीय सरकार और अम्हारन मिलिशिया के संयुक्त बलों ने डेसी और कोम्बोल्चा जैसे रणनीतिक तौर पर अहम शहरों पर फिर से कब्ज़ा कर लिया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License